सीबीआई के नये स्पेशल डायरेक्टर की नियुक्ति पर सवाल

प्रशांत भूषण ने कहा, इस दागी अधिकारी को पदोन्नत करने के लिए प्रधानमंत्री की हड़बड़ी तो देखिए. सरकार ने रविवार को एसीसी की बैठक होने की बात कही, जबकि प्रधानमंत्री गुजरात में थे.

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प्रशांत भूषण ने कहा, इस दागी अधिकारी को पदोन्नत करने के लिए प्रधानमंत्री की हड़बड़ी तो देखिए. सरकार ने रविवार को एसीसी की बैठक होने की बात कही, जबकि प्रधानमंत्री गुजरात में थे.

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नई दिल्ली: केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) के अतिरिक्त निदेशक राकेश अस्थाना को इस प्रमुख जांच एजेंसी के स्पेशल डायरेक्टर के तौर पर नियुक्त किए जाने के प्रस्ताव को दो दिन पहले मंजूरी दे दी गई. प्रधानमंत्री की अध्यक्षता वाली कैबिनेट की नियुक्ति समिति ने सीबीआई, आईबी, बीएसएफ और एनआईसीएफएस में आठ अधिकारियों की नियुक्ति के प्रस्ताव को मंजूरी दी.

हालांकि, सीबीआई के निदेशक के पद पर अस्थाना की नियुक्ति पर सवाल भी उठने लगे हैं. अस्थाना की ईमानदारी पर संदेह प्रकट करते हुए उच्चतम न्यायालय के वकील प्रशांत भूषण ने ट्वीट किया, ‘इस दागी अधिकारी को पदोन्नत करने के लिए प्रधानमंत्री की हड़बड़ी तो देखिए जिसे पहले सीबीआई का कार्यवाहक निदेशक नियुक्त किया गया. सरकार ने रविवार को एसीसी की बैठक होने की बात दर्शाई है, जबकि प्रधानमंत्री गुजरात में हैं.’

प्रशांत भूषण ने एक अन्य ट्वीट में कहा, ‘मोदी सरकार जिस बेशर्मी से कानून तोड़ रही है, वह रोजाना आगे बढ़ रही है. एसीसी द्वारा अधिकारी को सीबीआई का स्पेशल डायरेक्टर नियुक्त करना उच्चतम न्यायालय के आदेशों का उल्लंघन है.’

भ्रष्टाचार में संलिप्तता

खबरों के मुताबिक, केंद्रीय सतर्कता आयोग में आयुक्त केवी चौधरी की अध्यक्षता वाली एक समिति ने भी अस्थाना की पदोन्नति का विरोध करते हुए भ्रष्टाचार के एक मामले में उनकी कथित संलिप्तता का हवाला दिया था. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली कैबिनेट की नियुक्ति समिति (एसीसी) ने अस्थाना की पदोन्नति को मंजूरी दी है. इसके एकमात्र सदस्य राजनाथ सिंह हैं.

आप ने भी जताया विरोध

आम आदमी पार्टी ने भी इस संबंध में सवाल उठाए हैं. पार्टी प्रवक्ता आशुतोष ने आईपीएस अधिकारी राकेश अस्थाना को सीबीआई का स्पेशल डायरेक्टर नियुक्त करने को अवैध बताया है. उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने एक ऐसे अफ़सर को सीबीआई का विशेष आयुक्त नियुक्त कर दिया जिसकी विश्वसनीयता ही संदेह के घेरे में है. सीवीसी ने अस्थाना की सीबीआई में पदोन्नति पर प्रतिकूल रिपोर्ट दी थी. इसके बावजूद मोदी सरकार ने उन्हें पदोन्नत कर सीबीआई में विशेष आयुक्त बना दिया.

राजनाथ ने नहीं दिया जवाब

केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने सोमवार को आईपीएस अधिकारी राकेश अस्थाना की सीबीआई के स्पेशल डायरेक्टर के रूप में पदोन्नति पर पूछे गए सवालों का जवाब नहीं दिया. रविवार देर रात अस्थाना की पदोन्नति को लेकर इस तरह की खबरें छाई रहीं कि केंद्रीय सतर्कता आयोग ने भ्रष्टाचार के एक मामले में उनकी कथित संलिप्तता का विषय उठा दिया है.

कश्मीर के संबंध में एक शांति पहल की घोषणा करने के लिए संवाददाताओं को संबोधित कर रहे राजनाथ सिंह ने अस्थाना की प्रोन्नति के संबंध में एक पत्रकार के सवाल पर केवल इतना कहा कि विषय से संबंधित प्रश्न ही पूछा जाए.

1984 बैच के गुजरात कैडर के आईपीएस अधिकारी अस्थाना सीबीआई में अतिरिक्त निदेशक के रूप में कार्यरत थे. वह विजय माल्या के खिलाफ दर्ज बैंक धोखाधड़ी के मामले और अगस्तावेस्टलैंड वीवीआईपी हेलीकॉप्टर घोटाले जैसे सुर्खियों में रहे मामलों की जांच कर रहे विशेष जांच दल (एसआईटी) के प्रमुख हैं.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)