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कर्नाटक: लिंगायत मठ के महंत पर पॉक्सो का मामला दर्ज, मुख्यमंत्री बोले- जांच से सामने आएगा सच

कर्नाटक के चित्रदुर्ग ज़िले स्थित मुरुग मठ के मुख्य पुजारी शिवमूर्ति मुरुग शरनारू पर दो नाबालिग छात्राओं ने साढ़े तीन वर्षों तक उनका यौन शोषण करने का आरोप लगाया है. छात्राओं ने अपनी आपबीती एक गैर-सरकारी संगठन को सुनाई थी, जिसकी मदद से पुलिस में मामला दर्ज कराया गया.

चित्रदुर्ग के मुरुग मठ के महंत शिवमूर्ति मुरुग शरनारू. (फोटो साभार: फेसबुक)

बेंगलुरु: कर्नाटक के चित्रदुर्ग जिले स्थित एक प्रमुख मठ के मुख्य पुजारी समेत पांच व्यक्तियों पर उच्च माध्यमिक विद्यालय की छात्राओं का कथित रूप से यौन उत्पीड़न करने को लेकर बाल यौन अपराध संरक्षण (पॉक्सो) कानून के तहत मामला दर्ज किया गया है.

मामला चित्रदुर्ग के मुरुग मठ के शिवमूर्ति मुरुग शरनारू के खिलाफ दर्ज किया गया है. मैसुरु पुलिस ने उच्च माध्यमिक विद्यालय की छात्राओं के कथित यौन उत्पीड़न को लेकर शिवमूर्ति के विरूद्ध पॉक्सो कानून तथा भारतीय दंड संहिता की कुछ धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की है.

जिला बाल संरक्षण इकाई के एक अधिकारी की शिकायत के आधार पर मठ के छात्रावास के वार्डन समेत कुल पांच लोगों के विरुद्ध यह एफआईआर दर्ज की गई.

पुलिस सूत्रों ने शनिवार (27 अगस्त) को बताया कि जिला बाल संरक्षण इकाई के एक अधिकारी की शिकायत के आधार पर नजरबाद थाने में यह शिकायत दर्ज की गई. उनके अनुसार मठ द्वारा संचालित छात्रावास का वार्डन भी आरोपियों में शामिल है.

सूत्रों का कहना है कि शिकायत का आधार उन दो लड़कियों का बयान है, जिन्होंने पुजारी पर वर्षों से उनका ‘यौन उत्पीड़न’ करने तथा अन्य पर इस हरकत में पुरोहित का कथित रूप से साथ देने का आरोप लगाया था.

बताया जाता है कि इन लड़कियों ने गैर-सरकारी सामाजिक संगठन ‘ओडनाडी सेवा समस्थे’ से संपर्क किया था और शुक्रवार (26 अगस्त) रात को परामर्श सत्र के दौरान उन्होंने उन्हें आपबीती बताई थी. उसके बाद संगठन ने पुलिस प्रशासन से संपर्क किया.

मैसुरु पुलिस ने प्राथमिक कानूनी औपचारिकताएं पूरी कर इस मामले को चित्रदुर्ग में क्षेत्राधिकार वाले थाने को स्थानांतरित कर दिया, क्योंकि यह कथित अपराध वहां हुआ है.

द हिंदू के मुताबिक, शनिवार (27 अगस्त) को ही मामला चित्रदुर्ग स्थानांतरित कर दिया गया.

एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने अखबार को पीड़ित लड़कियों के चित्रदुर्ग पहुंचने, सीडब्ल्यूसी द्वारा उनके बयान रिकॉर्ड किए जाने और मेडिकल परीक्षण के संबंध में जानकारी दी.

उन्होंने कहा, ‘उपलब्ध सबूतों के आधार पर जांच अधिकारी आरोपी को गिरफ्तार करने का फैसला करेंगे.’

इस बीच, जांच अधिकारियों को पता लगा है कि एक पीड़िता दलित समुदाय से भी ताल्लुक रखती है. इस संबंध में पुलिस अधिकारी ने कहा कि महंत के खिलाफ एससी/एसटी एक्ट लगाने की भी संभावनाएं हैं.

आरोपों पर महंत ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि यह उनके खिलाफ एक बड़ी साजिश है. उन्हें शक है कि मठ के अंदर से ही कुछ विरोधियों ने उनके खिलाफ साजिश रची है.

एक ऑडियो क्लिप में उन्हें कहते सुना जा सकता है, ‘कुछ लोग मानते हैं कि ब्लैकमेल करके वे सत्ता हासिल कर सकते हैं. वे लोग इसके पीछे हैं. समय फैसला करेगा.’

मुरुग मठ सलाहकार समिति के सदस्य एनबी विश्वनाथ ने कहा है कि शिवमूर्ति पर लगाए गए आरोप सच्चाई से परे हैं. उन्होंने दावा किया कि इस आरोप के पीछे पूर्व विधायक एवं मठ के प्रशासनिक अधिकारी एसके बसवराजन का हाथ है.

एक महिला की शिकायत पर चित्रदुर्ग में बसवराजन के विरुद्ध यौन उत्पीड़न एवं अपहरण का मामला दर्ज किया गया है. यह महिला मठ की कर्मचारी बताई जा रही है.

इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक, छात्राओं की उम्र 15-16 वर्ष है. उनके साथ साढ़े तीन वर्षों से यौन उत्पीड़न किया जा रहा था. वहीं, यह मठ कर्नाटक में राजनीतिक रसूख रखने वाले लिंगायत समुदाय का है.

इस बीच, कर्नाटक के मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई ने रविवार को कहा कि चित्रदुर्ग स्थित एक प्रमुख मठ के महंत की संलिप्तता वाले मामले की जांच चल रही है और जांच से सच्चाई सामने आएगी.

हालांकि, मुख्यमंत्री ने महंत शिवमूर्ति के खिलाफ लगे आरोपों पर यह कहते हुए कोई और टिप्पणी करने से इनकार कर दिया कि मामले की जांच चल रही है.

उन्होंने यहां संवाददाताओं के एक प्रश्न के उत्तर में कहा, ‘जब कोई महत्वपूर्ण मामला होता है, जैसा कि यहां पॉक्सो कानून के तहत मामला दर्ज किया गया है और चित्रदुर्ग में अपहरण का भी मामला है, पुलिस ने दोनों ही मामले दर्ज किए हैं और जांच चल रही है, ऐसे में कोई टिप्पणी करना या मामले की व्याख्या करना जांच के लिए सही नहीं है.’

उन्होंने कहा, ‘पुलिस को पूरी आजादी है, वह जांच करेगी और सच्चाई सामने आएगी.’

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)