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झारखंड: घरेलू सहायिका को प्रताड़ित करने की आरोपी निलंबित भाजपा नेता सीमा पात्रा गिरफ़्तार

29 वर्षीय घरेलू सहायिका को प्रताड़ित करने का एक वीडियो वायरल होने के बाद भाजपा ने बीते मंगलवार को सीमा पात्रा को निलंबित कर दिया था. पात्रा झारखंड भाजपा की महिला विंग की राष्ट्रीय कार्य समिति की सदस्य थीं. उन पर घरेलू सहायिका को बंधक बनाकर रखने, लोहे की रॉड से उनका दांत तोड़ने और उन्हें भूखा रखने का आरोप है.

सीमा पात्रा. (फोटो साभार: फेसबुक)

रांची: झारखंड पुलिस ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की निलंबित नेता सीमा पात्रा को आदिवासी घरेलू सहायिका सुनीता को प्रताड़ित करने के आरोप में बुधवार को गिरफ्तार कर लिया.

पात्रा, भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के एक सेवानिवृत्त अधिकारी की पत्नी हैं. घरेलू सहायिका को प्रताड़ित करने के अलावा सीमा पात्रा पर लोहे की रॉड से उनका दांत तोड़ने और उन्हें भूखा रखने का भी आरोप है.

एनडीटीवी की रिपोर्ट के अनुसार, 29 वर्षीय घरेलू सहायिका को प्रताड़ित करने का एक वीडियो वायरल होने के बाद भाजपा ने बीते मंगलवार को सीमा पात्रा को निलंबित कर दिया था. पात्रा भाजपा की महिला विंग की राष्ट्रीय कार्य समिति की सदस्य थीं और उनके पति महेश्वर पात्रा एक सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी हैं.

वीडियो में सुनीता अस्पताल के बिस्तर पर शरीर और चेहरे पर जख्म के साथ नजर आ रही हैं. वह मुश्किल से बोल पा रही थीं. उन्होंने आरोप लगाया है कि उन्हें बंदी बना लिया गया था, प्रताड़ित किया गया और रॉड और लोहे के बरतन से पीटा गया. उसके कई दांत गायब थे और वह उठ नहीं पा रही थीं.

उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें फर्श से पेशाब चाटने के लिए मजबूर किया गया. सुनीता ने कहा, ‘उन्होंने (पात्रा) लोहे की रॉड से मेरे दांत भी तोड़ दिए थे.’

उन्हें कथित तौर पर कई-कई दिनों तक खाना या पानी नहीं दिया जाता था. उन्होंने कहा कि पात्रा के बेटे आयुष्मान ने उन्हें बचाया. वीडियो में उन्होंने रोते हुए कहा, ‘उनकी वजह से ही मैं जिंदा हूं.’

सूत्रों ने बताया कि एक सरकारी कर्मचारी से मिली सूचना पर कार्रवाई करते हुए रांची पुलिस ने पिछले हफ्ते महिला को पात्रा के आवास से छुड़ाया था और बीते मंगलवार को एक मजिस्ट्रेट के समक्ष घरेलू सहायिका का बयान दर्ज किया था.

पात्रा को तब पकड़ा गया, जब उनके बेटे ने अपने दोस्त, जो एक सरकारी अधिकारी हैं, को इस भयानक दुर्व्यवहार की जानकारी देकर मदद मांगी थी.

रिपोर्ट के अनुसार, सुनीता को पिछले हफ्ते तब बचाया गया था जब आयुष्मान, जो जाहिर तौर पर इस दुर्व्यवहार से परेशान थे, ने अपने एक दोस्त को इस बारे में बताया, वीडियो साझा किया और उनसे मदद मांगी. उनके दोस्त सरकारी अधिकारी विवेक आनंद बस्के तब पुलिस से इसकी शिकायत की थी.

पुलिस द्वारा उन्हें गिरफ्तार किए जाने के बाद निलंबित भाजपा नेता ने मीडिया को बताया कि उन्हें फंसाया गया है. उन्होंने कहा, ‘ये झूठे और राजनीति से प्रेरित आरोप हैं. मुझे फंसाया गया है.’

सीमा पात्रा ने बेटे द्वारा कथित तौर पर बेनकाब करने लिए उन्हें (बेटे) एक अस्पताल में भर्ती कराया था. बेटे को अस्पताल में भर्ती कराने के संबंध में पूछे जाने पर उन्होंने दावा किया, ‘वह अस्वस्थ था.’

पात्रा ने कथित तौर पर महिला को रांची के अशोक नगर इलाके में अपने आवास में कई वर्षों तक बंदी बनाकर रखा था. वह करीब 10 वर्षां से उनके लिए काम कर रही थीं.

पात्रा का जब पता चला कि उनके बेटे नीता की मदद करने की कोशिश कर रहे हैं तो उन्होंने उन्हें रांची इंस्टीट्यूट ऑफ न्यूरो-साइकियाट्री एंड अलाइड साइंसेज में भर्ती करा दिया था.

अधिकारियों ने बताया कि पात्रा के घर से सुनीता को बचाने के बाद पुलिस उन्हें इलाज के लिए राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (रिम्स) ले गई.

राजभवन की ओर से जारी मंगलवार को एक बयान में कहा गया था कि राज्यपाल रमेश बैस ने रांची के अशोक नगर में रोड नंबर-1 निवासी पात्रा द्वारा अमानवीय तरीके से सुनीता को प्रताड़ित किए जाने की खबर का संज्ञान लिया है.

बयान के मुताबिक, ‘राज्यपाल ने अपनी नाराजगी व्यक्त करते हुए राज्य के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी नीरज सिन्हा) से पूछा है कि पुलिस द्वारा अब तक दोषी व्यक्तियों के खिलाफ कोई कार्रवाई क्यों नहीं की गई है. राज्यपाल ने पुलिस की ढिलाई पर भी गंभीर चिंता व्यक्त की है.’

पुलिस ने कहा कि उन्हें इस संबंध में पात्रा के पति के खिलाफ कोई सबूत नहीं मिला है.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)