राजनीति

कांग्रेस अध्यक्ष चुनाव: शशि थरूर समेत कई पार्टी नेताओं ने निर्वाचन सूची सार्वजनिक करने की मांग उठाई

पार्टी अध्यक्ष पद के आगामी चुनाव में उतरने पर विचार कर रहे कांग्रेस के वरिष्ठ नेता शशि थरूर और असम से पार्टी सांसद प्रद्युत बोरदोलोई ने पार्टी के केंद्रीय चुनाव प्राधिकरण प्रमुख मधुसूदन मिस्त्री को पत्र लिखकर उनसे निर्वाचक मंडल की सूची प्रकाशित करने की मांग की है. कई अन्य पार्टी नेता भी चुनाव में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की बात कहते हुए यह मांग उठा चुके हैं.

शशि थरूर. (फोटो साभार: फेसबुक पेज)

नई दिल्ली/तिरुवनंतपुरम: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता शशि थरूर ने पार्टी के केंद्रीय चुनाव प्राधिकरण के प्रमुख मधुसूदन मिस्त्री को पत्र लिखकर उनसे अखिल भारतीय कांग्रेस समिति के अध्यक्ष पद के आगामी चुनाव के लिए निर्वाचक मंडल की सूची प्रकाशित करने की मांग की है.

इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार, थरूर के साथ ही असम नागांव से सांसद प्रद्युत बोरदोलोई ने भी मिस्त्री को पत्र लिखकर निर्वाचन सूची सार्वजनिक करने की मांग की है.

उन्होंने ऐसे समय में पत्र लिखे हैं जब निर्वाचन सूची सार्वजनिक करने की मांग दिन-प्रतिदिन जोर पकड़ रही है और पार्टी के भीतर इस पर बहस तेज हो गई है.

बोरदोलोई ने इंडियन एक्सप्रेस को बताया, ‘हां, मैंने केंद्रीय चुनाव प्राधिकरण के अध्यक्ष को पत्र लिखकर सभी आशंकाओं को दूर करने और चुनाव प्रक्रिया में स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए निर्वाचन सूची को सार्वजनिक करने का अनुरोध किया है.’

सूत्रों ने बताया कि अध्यक्ष पद का चुनाव लड़ने पर विचार कर रहे थरूर ने मिस्त्री को पत्र लिखा और निर्वाचन सूची प्रकाशित करने की मांग की.

गौरतलब है कि नामांकन दाखिल करने के लिए उम्मीदवारों को अपने नाम प्रस्तावित करने के लिए 10 प्रदेश कांग्रेस समिति (पीसीसी) प्रतिनिधियों (डेलिगेट) की जरूरत होती है. ऐसे में निर्वाचन सूची के प्रकाशन की मांग करते हुए थरूर ने तर्क दिया है कि उम्मीदवार अयोग्य करार दिए जा सकते हैं यदि वे किसी ऐसे व्यक्ति द्वारा हस्ताक्षरित नामांकन पत्र प्राप्त करते हैं, जिसे वे मानते हैं कि वह शख्स एक पीसीसी प्रतिनिधि है और फिर बाद में पता चलता है कि उस व्यक्ति का नाम संशोधित सूची में नहीं है.

उन्होंने कहा कि इसलिए इन प्रतिनिधियों के बारे में जानना महत्वपूर्ण है क्योंकि अगर उनका नाम अंतिम सूची में नहीं आता तो नामांकन पत्र खारिज हो सकता है.

मालूम हो कि कांग्रेस के अध्यक्ष पद के चुनाव की अधिसूचना 22 सितंबर को जारी की जाएगी और नामांकन दाखिल करने की प्रक्रिया 24 से 30 सितंबर तक होगी. नामांकन वापस लेने की आखिरी तारीख आठ अक्टूबर होगी और अगर जरूरत पड़ी तो 17 अक्टूबर को चुनाव कराए जाएंगे. नतीजों की घोषणा 19 अक्टूबर को की जाएगी.

इससे पहले पार्टी नेताओं मनीष तिवारी, कार्ति चिदंबरम और थरूर ने बुधवार को भी पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए निर्वाचन सूची सार्वजनिक करने की मांग की थी.

कांग्रेस के ‘जी 23’ समूह में शामिल रहे तिवारी के साथ ही थरूर ने पार्टी अध्यक्ष के चुनाव से जुड़े निर्वाचक मंडल की सूची सार्वजनिक नहीं किए जाने पर वस्तुत: सवाल खड़े करते हुए बुधवार को कहा था कि चुनाव से संबंधित पूरी प्रक्रिया निष्पक्ष और पारदर्शी होनी चाहिए.

पार्टी के अध्यक्ष पद का चुनाव लड़ने का इरादा जता चुके थरूर ने तिवारी से सहमति जताई और कहा कि हर किसी को यह जानने का हक है कि कौन नामित कर सकता है तथा कौन मतदान कर सकता है.

थरूर ने तिरुनवंतपुरम में एक कार्यक्रम में कहा, ‘अगर मनीष ने इसकी मांग की है तो मुझे यकीन है हर कोई इससे सहमत होगा. हर किसी को यह जानना चाहिए कि कौन नामित कर सकता है और कौन वोट कर सकता है. इसमें कुछ भी गलत नहीं है.’

ज्ञात हो कि बीते बुधवार को तिवारी ने पार्टी अध्यक्ष के चुनाव से जुड़ी प्रतिनिधियों की सूची सार्वजनिक नहीं किए जाने को लेकर सवाल खड़े करते हुए कहा था कि निष्पक्ष और स्वतंत्र चुनाव के लिए जरूरी है कि यह सूची पार्टी की वेबसाइट पर डाली जाए.

तिवारी का कहना था कि ऐसा तो क्लब के चुनाव में भी नहीं होता. उन्होंने ट्वीट किया, ‘मधुसूदन मिस्त्री जी से पूरे सम्मान से पूछना चाहता हूं कि निर्वाचन सूची के सार्वजनिक रूप से उपलब्ध हुए बिना निष्पक्ष और स्वतंत्र चुनाव कैसे हो सकता है? निष्पक्ष और स्वतंत्र चुनाव का आधार यही है कि प्रतिनिधियों के नाम और पते कांग्रेस पार्टी की वेबसाइट पर पारदर्शी तरीके से प्रकाशित होने चाहिए.’

तिवारी ने आगे कहा था, ‘यह 28 प्रदेश कांग्रेस कमेटी और आठ क्षेत्रीय कांग्रेस कमेटी का चुनाव नहीं है. कोई क्यों पीसीसी के कार्यालय जाकर पता करे कि प्रतिनिधि कौन हैं? सम्मान के साथ कहना चाहता हूं कि ऐसा क्लब के चुनाव में भी नहीं होता.’

उन्होंने कहा, ‘मैं आपसे (मिस्त्री से) आग्रह करता हूं कि निष्पक्षता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए सूची प्रकाशित की जाए.’

तिवारी ने कहा कि अगर कोई चुनाव लड़ना चाहता है और यह नहीं जानता कि प्रतिनिधि कौन हैं तो वह नामांकन कैसे करेगा क्योंकि उसे 10 कांग्रेस प्रतिनिधियों की बतौर प्रस्तावक जरूरत होगी. उन्होंने कहा कि 10 प्रस्तावक नहीं होंगे तो नामांकन खारिज हो जाएगा.

इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार, बताया जा रहा है कि बोरदोलोई ने चुनाव प्राधिकरण से राज्यवार मतदाता सूची को कांग्रेस की वेबसाइट पर अपलोड करने के लिए कहा है.

जब पांच साल पहले पार्टी के चुनाव हुए थे, तब निर्वाचक मंडल में 9,531 पीसीसी प्रतिनिधि शामिल थे. केंद्रीय चुनाव प्राधिकरण ने अभी तक इस बार मतदाताओं की सही संख्या का खुलासा नहीं किया है. 2017 में राहुल गांधी निर्विरोध अध्यक्ष पद के लिए चुने गए थे, हालांकि, इस बार मुकाबला होने के संकेत मिल रहे हैं.

तिवारी का समर्थन करते हुए कार्ति ने कहा था कि ‘हर चुनाव में एक स्पष्ट निर्वाचक मंडल की जरूरत होती है.’ इसके अलावा उन्होंने कहा था कि निर्वाचक मंडल के गठन की प्रक्रिया भी स्पष्ट और पारदर्शी होनी चाहिए.

पार्टी का सूची सार्वजनिक करने संबंधी मांग से इनकार

बहरहाल, मिस्त्री ने कहा है कि पार्टी के अध्यक्ष पद के चुनाव से जुड़ी पूरी प्रक्रिया निष्पक्ष, पारदर्शी और कांग्रेस के संविधान के मुताबिक है.

उन्होंने इस हफ्ते की शुरुआत में कहा था कि पार्टी के संविधान के अनुसार निर्वाचक मंडल (डेलीगेट) की सूची को सार्वजनिक नहीं किया जा सकता, लेकिन उम्मीदवारों को यह उपलब्ध कराई जा सकती है.

कांग्रेस सांसद मणिकम टैगोर ने निर्वाचन सूची सार्वजनिक करने की मांग कर रहे नेताओं को जवाब दिया कि उन्हें भ्रम नहीं फैलाना चाहिए और ‘मुक्त व्यवस्था’ पर गर्व होना चाहिए.

नेताओं द्वारा लिखे गए पत्रों और निर्वाचन सूची के प्रकाशन की मांग को लेकर उठ रही आवाजों के बारे में पूछे जाने पर कांग्रेस ने इसे तवज्जो नहीं दी और कहा कि एक के बाद एक आवाजें उठ रही हैं कि राहुल गांधी को पार्टी का अगला अध्यक्ष होना चाहिए.

पार्टी के प्रवक्ता गौरव वल्लभ ने कहा, ‘अगर आप देश के कोने-कोने के हर कार्यकर्ता से चाय पीते या खाना खाते समय पूछेंगे, तो वह यही कहेगा, हमारी इच्छा है कि राहुल गांधी कांग्रेस अध्यक्ष का पद संभालें.’

उन्होंने कहा, ‘कांग्रेस का चुनावी कार्यक्रम सबके सामने है. मैं आपको विश्वास दिलाता हूं कि पार्टी के अध्यक्ष पद का चुनाव कांग्रेस के संविधान और पूरी व्यवस्था के अनुसार होगा.’

इससे पहले बुधवार को अखिल भारतीय कांग्रेस समिति के महासचिव (संगठन) केसी वेणुगोपाल ने निर्वाचन सूची सार्वजनिक करने संबंधी मांग को खारिज करते हुए कहा था कि यह एक ‘आंतरिक प्रक्रिया’ है और कोई भी सदस्य प्रदेश कांग्रेस समिति के किसी भी कार्यालय से इसकी प्रति प्राप्त कर सकता है.

इससे पहले कांग्रेस के वरिष्ठ नेता आनंद शर्मा ने भी डेलीगेट की निर्वाचन सूची सार्वजनिक करने की मांग की, जिस पर मिस्त्री ने कहा था कि चुनाव लड़ने के इच्छुक किसी भी उम्मीदवार और प्रदेश कांग्रेस कमेटियों को यह सूची उपलब्ध कराई जाएगी.

तब मिस्त्री ने कहा था कि कांग्रेस अध्यक्ष के चुनाव में 9,000 से अधिक डेलीगेट मतदान करेंगे और सभी सूचियां सत्यापित हो चुकी हैं और इन पर निर्वाचन अधिकारियों द्वारा हस्ताक्षर किए जा चुके हैं.

शर्मा ने पिछले दिनों कांग्रेस की हिमाचल प्रदेश इकाई की संचालन समिति के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया था. उनका कहना था कि निरंतर अलग-थलग रखे जाने और अपमानित किए जाने के कारण उन्हें यह कदम उठाना पड़ा.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)