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जम्मू कश्मीर: पुलिस महानिदेशक (कारागार) की हत्या, घरेलू सहायक गिरफ़्तार

पुलिस ने बताया कि जम्मू कश्मीर के पुलिस महानिदेशक (जेल) शहर के बाहरी इलाके में अपने निवास पर मृत मिले. पुलिस ने हत्या में आतंकवाद का कोई पहलू होने से इनकार किया है, पर लश्कर-ए-तैयबा की भारतीय शाखा पीएएफएफ ने घटना की ज़िम्मेदारी लेते हुए इसे सूबे के दौरे पर गए गृह मंत्री को दिया ‘तोहफा’ बताया है.

जीएमसी अस्पताल में तैनात पुलिसकर्मी, जहां अपने आवास में मृत पाए जाने के बाद हेमंत लोहिया के शव को लाया गया था. (फोटो: पीटीआई)

जम्मू: जम्मू कश्मीर के पुलिस महानिदेशक (जेल) हेमंत लोहिया की यहां उनके निवास पर हत्या कर दी गई और पुलिस को उनके घरेलू सहायक पर शक है. एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने यह जानकारी दी.

पुलिस महानिदेशक दिलबाग सिंह ने इसे ‘बेहद दुर्भाग्यपूर्ण’ घटना बताया।

पुलिस ने एक बयान में बताया कि पूरी रात तलाश अभियान चलाने के बाद यासिर लोहार (23) को गिरफ्तार कर लिया गया है। उससे पूछताछ की जा रही है।

उन्होंने बताया कि उसे कान्हाचक इलाके के एक खेत से गिरफ्तार किया गया। वह रामबन जिले के हल्ला-धंडरथ गांव का निवासी है.

एडीजीपी मुकेश सिंह ने कहा, ‘रात भर जम्मू कश्मीर पुलिस द्वारा शुरू की गई बड़ी तलाशी अभियान के बाद हेमंत लोहिया की हत्या में शामिल आरोपी को पकड़ लिया गया है. आरोपी से पूछताछ शुरू हो गई है.’

सिंह ने बताया कि संदिग्ध ने 57 वर्षीय लोहिया के शव को आग लगाने का भी प्रयास किया.

लोहिया को अगस्त में केंद्रशासित प्रदेश के जेल महानिदेशक के रूप में पदोन्नत और नियुक्त किया गया था.

अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (जम्मू क्षेत्र) मुकेश सिंह ने बताया कि 1992 बैच के आईपीएस अधिकारी लोहिया (52) शहर के बाहरी इलाके में अपने उदयवाला निवास पर मृत मिले जिनका गला रेता गया था और उनके शरीर पर जलने के निशान थे.

उन्होंने कहा कि घटनास्थल की प्रारंभिक जांच से संकेत मिलता है कि लोहिया ने अपने पैर में तेल लगाया होगा, जिनमें सूजन दिखाई दे रही थी. उन्होंने कहा कि हत्यारे ने लोहिया का गला काटने के लिए ‘केचप’ की टूटी हुई बोतल का इस्तेमाल किया और बाद में शव जलाने की भी कोशिश की.

एडीजीपी ने कहा कि अधिकारी के आवास पर मौजूद चौकीदारों ने उनके कमरे के अंदर आग लगी हुई देखी. कमरे का दरवाजा अंदर से बंद था, जिसे तोड़ना पड़ा.

अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक ने कहा कि घटनास्थल की प्रारंभिक जांच हत्या की ओर इशारा कर रही है.

उन्होंने कहा, ‘घरेलू सहायक फरार है. उसकी तलाश शुरू कर दी गई है.’ उन्होंने कहा कि फॉरेंसिक और अपराध दल मौके पर हैं.

अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (जम्मू क्षेत्र) मुकेश सिंह ने बताया कि 1992 बैच के भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के अधिकारी लोहिया (52) शहर के बाहरी इलाके में अपने उदयवाला निवास पर मृत मिले और उनका गला रेता गया था.

इंडिया टुडे के मुताबिक, पुलिस ने घटनास्थल से एकत्र सीसीटीवी फुटेज बरामद किया है, जिसमें कथित तौर पर घरेलू सहायक यासिर को हत्या के बाद भागते हुए दिखाया गया है. वह करीब छह महीने से घर में काम कर रहा था.

सूत्रों ने कहा कि शुरुआती जांच में पता चला है कि वह अपने व्यवहार में काफी आक्रामक था और अवसाद में भी था.

सूत्रों ने कहा कि अब तक कोई आतंकवादी कृत्य स्पष्ट नहीं है. किसी भी संभावना से इनकार करने के लिए गहन जांच की जा रही है. संदिग्ध की मानसिक स्थिति को दर्शाने वाले कुछ दस्तावेजी सबूतों के साथ अपराध के हथियार को जब्त कर लिया गया है.

अधिकारी ने कहा, ‘जांच प्रक्रिया शुरू हो गई है. वरिष्ठ अधिकारी मौके पर हैं.’ एडीजीपी ने कहा कि जम्मू कश्मीर पुलिस ने वरिष्ठ अधिकारी के निधन गहरा दुख व्यक्त किया है.

इंडिया टुडे के मुताबिक, इसी बीच, लश्कर-ए-तैयबा की भारतीय शाखा पीपुल्स एंटी-फासिस्ट फोर्स (पीएएफएफ) ने जम्मू कश्मीर के डीजीपी (जेल विभाग) हेमंत कुमार लोहिया की हत्या की जिम्मेदारी ली है.

एक प्रेस विज्ञप्ति में आतंकी संगठन पीएएफएफ ने कहा, ‘हमारे विशेष दस्ते ने जम्मू के उदयवाला में एक खुफिया ऑपरेशन को अंजाम दिया, जिसमें पुलिस महानिदेशक, जेल विभाग एचके लोहिया निशाना थे.’

पीएएफएफ ने जम्मू कश्मीर में हाल में हुए सभी आतंकवादी हमलों का दावा किया है, जिसमें गैर-स्थानीय लोगों पर हमले भी शामिल हैं.

इस तरह के और हाई-प्रोफाइल ऑपरेशनों को अंजाम देने की धमकी देते हुए आतंकी समूह ने चेतावनी दी कि वह कभी भी और कहीं भी सटीकता के साथ हमला कर सकता है.

पीएएफएफ ने जम्मू कश्मीर के तीन दिवसीय दौरे पर आए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का जिक्र करते हुए कहा, ‘ऐसे सुरक्षा ग्रिड के बीच उनके गृह मंत्री के लिए यह एक छोटा सा उपहार है.’

इस बीच, जम्मू और राजौरी जिलों में मोबाइल डेटा सेवाओं को अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया गया है.

हत्या के मामले में आतंकवाद का कोई पहलू सामने नहीं आया है: पुलिस

पुलिस ने मंगलवार को कहा कि जम्मू कश्मीर के महानिदेशक (कारागार) हेमंत कुमार लोहिया की हत्या की प्रारंभिक जांच में आतंकवाद का पहलू सामने नहीं आया है और मामले में मुख्य संदिग्ध उनके घरेलू सहायक को गिरफ्तार करने के प्रयास जारी हैं.

आतंकी समूह पीपुल्स एंटी-फासिस्ट फ्रंट (पीएएफएफ) ने लोहिया की हत्या की जिम्मेदारी ली है. यह घटना ऐसे समय में हुई है जब केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह जम्मू कश्मीर के तीन दिवसीय दौरे पर हैं.

अधिकारियों ने कहा कि संदिग्ध अपराधी यासिर लोहर (23) को गिरफ्तार करने के लिए कई टीमों का गठन किया गया है, जो रामबन जिले के हल्ला-धंडरथ गांव का निवासी है.

अधिकारियों ने कहा कि घरेलू सहायक का पता लगाने के लिए विशेष टीमों द्वारा विभिन्न स्थानों पर छापेमारी की गई है. संदिग्ध का आखिरी ठिकाना उधमपुर जिले में होने के बारे में पता चला है.

एडीजीपी ने कहा कि घटना स्थल से एकत्र किए गए सीसीटीवी फुटेज में संदिग्ध आरोपी को अपराध के बाद भागते हुए देखा गया है.

उन्होंने कहा, ‘लोहर करीब छह महीने से इस घर में काम कर रहा था. शुरुआती जांच में पता चला कि वह काफी उग्र मिजाज का व्यक्ति था और अवसाद में भी था.’

पुलिस ने संदिग्ध की तस्वीरें साझा करते हुए उसकी गिरफ्तारी के लिए लोगों से मदद मांगी है.

आतंकवादी समूह ‘पीएएफएफ’ ने दावा किया कि उसके विशेष दस्ते ने इस वारदात को अंजाम दिया है.

पीएएफएफ ने एक ऑनलाइन बयान में कहा, ‘यह इस हिंदुत्व शासन और उसका समर्थन करने वालों को चेतावनी देने के लिए इस तरह के सनसनीखेज अभियान की शुरुआत है. हम कभी भी और कहीं भी सटीक हमला कर सकते हैं. यह सुरक्षा व्यवस्था के साथ दौरे पर आए उनके गृह मंत्री के लिए एक छोटा-सा तोहफा है. ईश्वर ने चाहा तो हम भविष्य में भी इस तरह के अभियान जारी रखेंगे.’

हालांकि, एडीजीपी सिंह ने कहा कि शुरुआती जांच में आतंकवाद का कोई पहलू सामने नहीं आया है.

उन्होंने कहा, ‘गहन जांच की जा रही है. उसकी (घरेलू सहायक की) मानसिक स्थिति को दर्शाने वाले कुछ दस्तावेजी सबूतों के अलावा अपराध में इस्तेमाल किया गया हथियार जब्त कर लिया गया है.’

अधिकारियों ने कहा कि मृतक अधिकारी के शव को पोस्टमार्टम के लिए सरकारी मेडिकल कॉलेज (जीएमसी) अस्पताल जम्मू ले जाया गया है.

जम्मू कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने लोहिया की हत्या पर दुख व्यक्त करते हुए कहा कि उन्होंने बड़े सम्मान और निष्ठा के साथ देश की सेवा की.

उपराज्यपाल ने कहा, ‘हेमंत लोहिया एक उत्कृष्ट पुलिस अधिकारी और एक अच्छे इंसान थे. उन्होंने बहुत सम्मान और समर्पण के साथ देश की सेवा की. उनके निधन से स्तब्ध और दुखी हूं. शोक संतप्त परिवार और दोस्तों के प्रति संवेदना व्यक्त करता हूं.’

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)