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गृह मंत्री कश्मीर में हालात सामान्य होने का ढोल पीटते घूम रहे हैं, मैं नजरबंद हूं: महबूबा मुफ़्ती

पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ़्ती ने कहा कि एक शादी में पट्टन जाना चाहती थीं, इसलिए उन्हें नज़रबंद किया गया. उन्होंने जोड़ा कि यदि पूर्व मुख्यमंत्री के मौलिक अधिकारों को इतनी आसानी से निलंबित किया जा सकता है, तो आम लोगों की पीड़ा के बारे में कोई सोच भी नहीं सकता. पुलिस के उनके दावे के खंडन पर उन्होंने कहा कि पुलिस झूठ बोल रही है.

महबूबा मुफ्ती. (फोटो साभार: फेसबुक/@muftimehbooba)

श्रीनगर: जम्मू कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने बुधवार को ट्वीट कर दावा किया कि उन्हें उत्तरी कश्मीर के एक इलाके में जाने से रोकने के लिए घर में नजरबंद रखा गया.

महबूबा ने दावा किया कि चूंकि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह यहां से 54 किलोमीटर दूर उत्तरी कश्मीर में बारामूला जा रहे थे और वहां एक जनसभा को संबोधित कर रहे हैं, इसलिए उन्हें यहां से 27 किलोमीटर दूर पट्टन में एक पार्टी कार्यकर्ता की शादी में शामिल होने से रोक दिया गया.

उन्होंने गृह मंत्री और उपराज्यपाल मनोज सिन्हा को टैग करते हुए एक ट्वीट में कहा, ‘गृह मंत्री जब कश्मीर में हालात सामान्य होने का ढोल पीटते घूम रहे हैं, मैं घर में नजरबंद हूं क्योंकि मैं एक कार्यकर्ता की शादी में शामिल होने के लिए पट्टन जाना चाहती थी. अगर एक पूर्व मुख्यमंत्री के मौलिक अधिकारों को इतनी आसानी से निलंबित किया जा सकता है, तो आम लोगों की पीड़ा के बारे में कोई सोच भी नहीं सकता.’

उन्होंने अपने घर के मुख्य दरवाजे को कथित तौर पर बंद किए जाने की तस्वीरें भी साझा कीं.

हालांकि, इसके बाद जम्मू कश्मीर पुलिस ने भी ट्वीट कर उनके दावे का खंडन किया. पुलिस ने पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी की अध्यक्ष के दावों को खारिज करते हुए कहा कि वह कहीं भी यात्रा करने के लिए स्वतंत्र हैं.

श्रीनगर पुलिस ने हालांकि उनके ट्वीट के लगभग 40 मिनट बाद किए गए एक ट्वीट में कहा कि उनके पट्टन की यात्रा करने पर कोई प्रतिबंध नहीं है. पुलिस ने यहां तक दावा किया कि ‘उन्होंने खुद गेट को अंदर से बंद कर लिया था.’

पुलिस ने एक ट्वीट में कहा, ‘यह स्पष्ट किया जाता है कि पट्टन की यात्रा पर किसी तरह का कोई प्रतिबंध नहीं है, हमें अपराह्न एक बजे पट्टन की यात्रा के बारे में सूचित किया गया था. उनके द्वारा ट्वीट की गई तस्वीर गेट के अंदर की है जिसे बंगले में रहने वाले निवासियों ने खुद ताला लगाया है. कोई तालाबंदी या पाबंदी नहीं है. वह यात्रा करने के लिए स्वतंत्र हैं.’

पुलिस ने उनके दरवाजे की तस्वीर भी साझा की जिस पर बाहर से कोई ताला नहीं था.

इसके बाद महबूबा ने इसका तुरंत खंडन किया और कहा कि एसएसपी बारामूला ने उन्हें मंगलवार रात सूचित किया था कि उन्हें यात्रा करने की अनुमति नहीं दी जाएगी. उन्होंने दावा किया कि पुलिस अब झूठ बोल रही है.

उन्होंने एक ट्वीट में कहा, ‘मुझे बीती रात एसपी (एसएसपी) बारामूला द्वारा सूचित किया गया कि मुझे पट्टन यात्रा की इजाजत नहीं दी जाएगी. आज जम्मू कश्मीर पुलिस ने खुद मेरे घर को अंदर से बंद किया और अब वे बिल्कुल झूठ बोल रहे हैं. दुख की बात है कि कानून प्रवर्तन एजेंसियां बेशर्मी से अपनी हरकत को छिपाने की कोशिश कर रही हैं.’

मालूम हो कि महबूबा मुफ़्ती को पांच अगस्त 2019 को अनुच्छेद 370 के अधिकतर प्रावधानों को ख़त्म कर जम्मू कश्मीर से विशेष राज्य का दर्जा हटाए जाने के बाद से ही नज़रबंद कर लिया गया था. उन्हें अक्टूबर 2020 में 14 महीने की नजरबंदी के बाद रिहा किया गया था.

उसके बाद से उन्होंने कई बार आरोप लगाया है कि उन्हे अस्थायी तौर पर अवैध तरीके से हिरासत में रखा गया था.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)