कर्नाटक: ‘प्रोजेक्ट चीता’ पर कथित अपमानजनक पोस्ट करने के लिए कार्यकर्ता गिरफ़्तार

मंगलुरू में रहने वाले एक्टिविस्ट सुनील बाजिलकेरी ने सोशल मीडिया पर एक तस्वीर पोस्ट की थी, जिसमें पारंपरिक परिधान पहने एक गर्भवती महिला के सिर की जगह चीते का सिर लगा था. इस तस्वीर को गर्भवती महिलाओं और भारतीय संस्कृति का अपमान क़रार देते हुए एक महिला ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी.

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सुनील बाजिलकेरी.

मंगलुरू में रहने वाले एक्टिविस्ट सुनील बाजिलकेरी ने सोशल मीडिया पर एक तस्वीर पोस्ट की थी, जिसमें पारंपरिक परिधान पहने एक गर्भवती महिला के सिर की जगह चीते का सिर लगा था. इस तस्वीर को गर्भवती महिलाओं और भारतीय संस्कृति का अपमान क़रार देते हुए एक महिला ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी.

सुनील बाजिलकेरी.

नई दिल्ली: कर्नाटक पुलिस ने मंगलुरू के एक एक्टिविस्ट को इसलिए गिरफ्तार कर लिया क्योंकि उसने सरकार द्वारा मध्य प्रदेश में चीता लाए जाने के हालिया प्रचार का मजाक बनाते हुए सोशल मीडिया पर एक फोटो पोस्ट किया था, जिसे ‘अपमानजनक’ माना गया.

भाजपा विरोधी कार्यकर्ता सुनील बाजिलकेरी ने एक तस्वीर ट्वीट की थी, जिसमें पारंपरिक पोशाक पहने एक महिला के शरीर पर चीते का सिर लगा दिया गया था. महिला गर्भवती नजर आ रही है.

इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक, बाजिलकेरी ने फोटो के साथ कन्नड़ में कैप्शन लिखा, ‘नामीबिया के चीतों की गोद भराई कब है?’

गौरतलब है कि प्रोजेक्ट चीता के तहत आठ अफ्रीकी चीतों को नामीबिया से मध्य प्रदेश के श्योपुर स्थित कुनो-पालपुर राष्ट्रीय उद्यान में बीते 17 सितंबर को लाया गया था, जिन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उद्यान में छोड़ा था.

अखबार की रिपोर्ट में कहा गया है कि गिरफ्तारी एक महिला द्वारा पुलिस में शिकायत दर्ज कराए जाने के बाद की गई. उन्होंने अपनी शिकायत में दावा किया कि उक्त पोस्ट के जरिये ‘गर्भवती महिलाओं और भारतीय संस्कृति का अपमान’ किया गया.

बाजिलकेरी के खिलाफ लगाई गई धाराओं और क्या उन्हें मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया गया है, इस संबंध में अभी जानकारी उपलब्ध नहीं है.

बाजिलकेरी पहले संघ परिवार से जुड़े रहे थे. बाद में वे केंद्र और कर्नाटक में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकारों के आलोचनक बन गए.

बाजिलकेरी विभिन्न सामाजिक कार्यों में शामिल रहे हैं. इससे पहले जुलाई में भी बाजिलकेरी को लेकर एक विवाद हुआ था.

द हिंदू के मुताबिक, उन्होंने तब एक प्रतिस्पर्धा शुरू करते हुए मंगलुरू शहर के लोगों से कहा था कि वे अपने इलाके के किसी भी नागरिक मुद्दे से संबंधित तीन मिनट का वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट करें, जिन दो वीडियो को सबसे अधिक लाइक और शेयर मिलेंगे उन्हे नकद पुरस्कार दिया जाएगा.