भारत

उत्तर प्रदेश: भाजपा सांसद ने कहा- बाढ़ के प्रति इतना ख़राब इंतज़ाम नहीं देखा, लोग भगवान भरोसे हैं

उत्तर प्रदेश के कैसरगंज से भाजपा सांसद बृज भूषण शरण सिंह एक वायरल वीडियो में कथित तौर पर मीडिया से बात करते हुए यह कहते हुए देखे जा सकते हैं कि बाढ़ के प्रति मैंने अपने जीवन में इतना ख़राब इंतज़ाम पहले कभी नहीं देखा है. लेकिन, बोलना बंद है. बोलोगे तो बागी कहलाओगे.

भाजपा सांसद बृज भूषण शरण सिंह. (फोटो साभार: फेसबुक)

नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश के कई जिलों में आई बाढ़ को लेकर कैसरगंज से भाजपा सांसद बृज भूषण शरण सिंह ने अपनी ही पार्टी की सरकार पर सवाल उठाए हैं. उनका एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें वे जिला प्रशासन पर सवाल उठाते नजर आ रहे हैं.

दैनिक जागरण की खबर के मुताबिक, सांसद बृज भूषण गोंडा में बाढ़ ग्रस्त क्षेत्र में फंसे लोगों के बीच गए थे.

उक्त वीडियो में वे कथित तौर पर किसी पत्रकार से बाढ़ के संबंध में बात करते हुए कहते हैं, ‘जिला प्रशासन के बारे में मत ही पूछिए तो अच्छा है… देखिए पहले कोई भी सरकार होती थी, बाढ़ के पहले एक तैयारी की बैठक होती थी. हमको नहीं लगता कि तैयारी की कोई बैठक हुई है और भगवान के भरोसे लोग हैं. लोग इंतजार कर रहे हैं कि कब पानी घटेगा और कब हमारी तकलीफ कम होगी और मैंने अपने जीवन में इतना खराब इंतजाम नहीं देखा बाढ़ के प्रति. अफसोस ये है कि हम रो भी नहीं सकते, अपने मन के भाव को व्यक्त भी नहीं कर सकते.’

वीडियो में एक सवाल के जवाब में बाढ़ के दौरान अपने द्वारा किए गए कार्यों पर वे कहते हैं, ‘एक ट्रैक्टर-ट्रॉली लगवा दिया गया है. ट्रैक्टर-ट्रॉली से जैसे कुछ महिलाएं हैं, कुछ बुजुर्ग हैं जो नहीं चल पा रहे हैं, पानी का करंट (गति) भी ज्यादा था, वो उस पर चल रहे हैं और भगवान की व्यवस्था का इंतजार कर रहे हैं.’

वहीं, जब उनसे जिला प्रशासन के संबंध में सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा, ‘यह सलाह का अवसर नहीं है, समय नहीं है सलाह का. सलाह का अवसर होता है बाढ़ आने के पहले’

आगे वह एक तरह से अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए सरकार पर निशाना साधते हुए कहते हैं, ‘लेकिन बोलना बंद है, सुनना ही है केवल… बोलना बंद है… जन प्रतिनिधियों की जुबान बंद है… बोलोगे तो बागी कहलाओगे, सुझाव दोगे कोई मानेगा नहीं.’

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के संबंध में पूछे गए एक सवाल पर उन्होंने सिर्फ इतना कहा, ‘मत कहलवाइए कुछ, मेरे मुंह से मत कहलवाइए.’

नवभारत टाइम्स की एक खबर के मुताबिक, इसी दौरान उन्होंने कहा कि अपने जीवन में 1984 और 2008 के बाढ़ की विभीषिका को हमने देखा है. इस बार पानी उससे भी 2 फीट ज्यादा ऊपर बह रहा है.