राजनीति

मोरबी हादसे के ‘असल गुनहगारों’ पर कार्रवाई नहीं हुई, क्योंकि वे भाजपा से जुड़े हैं: राहुल गांधी

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने राजकोट में एक चुनावी रैली के दौरान कहा कि भाजपा सरकार की नीतियां ‘दो भारत’ बना रही हैं. एक अरबपतियों का भारत है, वह जो भी सपना देखता है, उसे पूरा कर सकता है और दूसरा ग़रीबों का भारत है, जिसमें किसान, मज़दूर और छोटे व्यापारी शामिल हैं, जो महंगाई और बेरोज़गारी के बीच जीने के लिए संघर्ष कर रहे हैं.

गुजरात विधानसभा चुनाव से पहले राजकोट में सोमवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने एक जनसभा को संबोधित किया. (फोटो : पीटीआई)

राजकोट: कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सोमवार को कहा कि गुजरात के मोरबी में पिछले महीने केबल पुल गिरने की घटना के ‘असली गुनहगारों’ के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई, क्योंकि उनके सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के साथ ‘अच्छे संबंध’ हैं. पुल गिरने की घटना में लगभग 140 लोगों की मौत हो गई थी.

राजकोट में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि (दुर्घटना स्थल पर तैनात) चौकीदार को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया, लेकिन असली गुनहगारों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई.

कांग्रेस नेता ने कहा, ‘जब पत्रकारों ने मुझसे पूछा कि मैं मोरबी त्रासदी के बारे में क्या सोचता हूं… मैंने कहा कि करीब 150 लोग मारे गए और यह कोई राजनीतिक मुद्दा नहीं है, इसलिए मैं इस पर कुछ नहीं कहूंगा. लेकिन आज सवाल उठता है कि क्यों कोई कार्रवाई नहीं की गई, जो इसके (त्रासदी) लिए जिम्मेदार हैं, उनके खिलाफ कोई एफआईआर क्यों दर्ज नहीं की गई?’

राहुल गांधी ने आरोप लगाया, ‘क्या उन्हें कुछ नहीं होगा, क्योंकि उनके भाजपा के साथ अच्छे संबंध हैं? उन्होंने चौकीदारों को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे डाल दिया, लेकिन असली गुनहगारों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई.’

उन्होंने कहा कि उन्हें दुख है कि कांग्रेस की ‘भारत जोड़ो यात्रा’ गुजरात से नहीं गुजर रही है, जहां एक और पांच दिसंबर को विधानसभा चुनाव होंगे.

उन्होंने ट्वीट कर कहा, ‘मोरबी में लगभग 150 लोग मारे गए, उनमें 47 मासूम बच्चे थे. त्रासदी को 22 दिन हो गए. मगर, दुर्घटना के असली जिम्मेदार, न पकड़े गए और न ही उनके खिलाफ कोई कार्यवाही हुई. गुनहगारों का साथ, भ्रष्टाचारियों का विकास – यही है भाजपा का Corruption & Commission मॉडल.’

बता दें कि मोरबी में माच्छु नदी पर बना ब्रिटिश काल का केबल पुल 30 अक्टूबर को ढह गया था, जिसमें 47 बच्चों सहित लगभग 140 लोग मारे गए थे. एक निजी कंपनी द्वारा मरम्मत किए जाने के बाद पुल को 26 अक्टूबर को लोगों के लिए फिर से खोला गया था.

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ‘भारत जोड़ो यात्रा’ से विराम लेकर पार्टी के गुजरात दौरे पर आए. उन्होंने पार्टी के उम्मीदवारों के समर्थन में दो चुनावी रैलियों को संबोधित किया. ‘भारत जोड़ो यात्रा’ वर्तमान में महाराष्ट्र से गुजर रही है.

कांग्रेस नेता ने कहा, ‘भारत जोड़ो यात्रा का विचार गुजरात द्वारा दिखाया गया था और इसके दो बेटों – महात्मा गांधी और सरदार वल्लभभाई पटेल से प्रेरित था, लेकिन दुख की बात है कि यात्रा गुजरात से नहीं गुजरी.’

समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, भारतीय जनता पार्टी सरकार पर निशाना साधते हुए राहुल गांधी ने कहा कि इसकी नीतियां ‘दो भारत’ बना रही हैं. एक अरबपतियों का भारत है, वह जो भी सपना देखता है, उसे पूरा कर सकता है और दूसरा गरीब का भारत, जिसमें किसान, मजदूर और छोटे व्यापारी शामिल हैं, जो महंगाई और बेरोजगारी के बीच जीने के लिए संघर्ष कर रहे हैं.

उन्होंने कहा कि हमें ‘दो भारत’ नहीं चाहिए. हमें एक न्याय वाला भारत चाहिए.

उन्होंने कहा कि सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (एमएसएमई) सेक्टर नौकरियों का वास्तविक निर्माणकर्ता था. 2016 में नोटबंदी और खराब तरीके से लागू किए गए जीएसटी के कारण इसे बंद करने के लिए मजबूर होना पड़ा था.

कांग्रेस नेता ने कहा, ‘उन्होंने कोविड-19 महामारी के दौरान भी ऐसा ही किया. मैंने एक पत्रकार से कहा कि 2,000 किमी. (भारत जोड़ो यात्रा के दौरान) पैदल चलना कोई बड़ी बात नहीं है. (लॉकडाउन के दौरान) भारत के मजदूर 2,000 किमी. खाली पेट चले तो (यात्रा में चलना) कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन जब मजदूरों को जरूरत पड़ी तो सरकार ने उनकी मदद नहीं की.’

उन्होंने आरोप लगाया, ‘जब मजदूर सड़कों पर मर रहे थे तो भाजपा सरकार ने सबसे अमीर भारतीयों के लाखों करोड़ रुपये के कर्ज माफ कर दिए. छोटे और मध्यम उद्यम चलाने वाले चिल्ला रहे थे कि नोटबंदी, दोषपूर्ण जीएसटी और कोविड-19 के कारण उन्हें बर्बाद किया जा रहा है, लेकिन सरकार ने उनका साथ नहीं दिया.’

राहुल गांधी ने कहा कि नोटबंदी, जीएसटी और कोविड-19 महामारी से निपटना नीतियां नहीं, बल्कि ‘किसानों, छोटे-मध्यम व्यापारियों और गरीब श्रमिकों को खत्म करने और देश के 2-3 अरबपतियों के लिए रास्ता बनाने का हथियार थीं’.

उन्होंने कहा, ‘वे (अरबपति) जो भी व्यवसाय करना चाहते हैं, वह कर सकते हैं. दूरसंचार, हवाई अड्डे, बंदरगाह, इंफ्रास्ट्रक्चर, खेती और किराना स्टोर, वे जो चाहें कर सकते हैं. वे जो सपना चाहें देख सकते हैं. लेकिन जब देश के युवा इंजीनियर बनने का सपना देखते हैं, तो उन्हें पहले निजी संस्थानों में लाखों रुपये खर्च करने पड़ते हैं, महंगाई का सामना करना पड़ता है और अंत में मजदूर बनना पड़ता है.’

कांग्रेस नेता ने कहा कि युवाओं को नौकरी नहीं मिल रही है, क्योंकि देश ‘पिछले 45 वर्षों में बेरोजगारी की उच्चतम दर’ का सामना कर रहा है.

उन्होंने कहा, ‘अतीत में गरीबों को सार्वजनिक उपक्रमों (सरकारी कंपनियां) में नौकरियां मिलती थीं. आज सभी सार्वजनिक उपक्रमों का निजीकरण किया जा रहा है. चाहे वह रेलवे हो, भेल (BHEL) हो या तेल कंपनियां और उन्हीं 2 से 3 पूंजीपतियों को सौंपी जा रही हैं. ये आपकी संपत्ति हैं. सरकारी नौकरियों में लाखों पद खाली हैं.’

राहुल गांधी ने कहा कि यूपीए के दिनों की तुलना में महंगाई और पेट्रोल, रसोई गैस और अन्य आवश्यक वस्तुओं की कीमतें तेजी से बढ़ी हैं.

अपनी ‘भारत जोड़ो यात्रा’ के अनुभव के बारे में बोलते हुए राहुल गांधी ने कहा कि उन्होंने हजारों युवाओं से बात की. उन्होंने कहा, ‘युवाओं ने मुझे बताया कि वे इंजीनियर और डॉक्टर बनना चाहते हैं, लेकिन शिक्षा के निजीकरण के कारण उनके सपने चकनाचूर हो गए.’

कांग्रेस नेता ने कहा कि किसान पूछ रहे थे कि जब सरकार 3-4 अरबपतियों के लाखों करोड़ रुपये के एनपीए (फंसा हुआ कर्ज) को माफ कर सकती है तो वह उनके कर्ज चुकाने में उनकी मदद क्यों नहीं की.

उन्होंने कहा, ‘किसानों ने पूछा कि जब वे 50,000 रुपये से 1 लाख रुपये के ऋण का भुगतान करने में असमर्थ हैं तो उन्हें बकायेदार क्यों कहा जाता है. उन्हें अपनी फसल बर्बाद होने का पैसा भी नहीं मिल रहा है.’

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)