कोविड-19 संक्रमण के 201 नए मामले और किसी की मौत नहीं

भारत में कोरोना वायरस संक्रमण के कुल मामलों की संख्या 4,46,76,879 है और मृतकों का आंकड़ा 5,30,691 हो गया है. विश्व में संक्रमण के 65.66 करोड़ से ज़्यादा केस रिकॉर्ड किए गए हैं और अब तक 66.77 लाख से अधिक लोगों की जान जा चुकी है.

/
Moradabad: Schoolchildren wearing face mask as precaution against COVID-19 attend morning assembly at their school in Moradabad, Saturday, Dec. 24, 2022. (PTI Photo) (PTI12_24_2022_000061B)

भारत में कोरोना वायरस संक्रमण के कुल मामलों की संख्या 4,46,76,879 है और मृतकों का आंकड़ा 5,30,691 हो गया है. विश्व में संक्रमण के 65.66 करोड़ से ज़्यादा केस रिकॉर्ड किए गए हैं और अब तक 66.77 लाख से अधिक लोगों की जान जा चुकी है.

कोविड-19 के खिलाफ एहतियात के तौर पर उत्तर प्रदेश में मुरादाबाद शहर के एक स्कूल में शनिवार को फेस मास्क पहनकर प्रार्थना करते बच्चे. (फोटो: पीटीआई)

नई दिल्ली: भारत में कोविड-19 के 201 नए मामले आने से संक्रमण के कुल मामलों की संख्या बढ़कर 4,46,76,879 हो गई है, जबकि उपचाराधीन मरीजों यानी सक्रिय मामलों की संख्या बढ़कर 3,397 पर पहुंच गई है.

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के शनिवार सुबह आठ बजे तक अद्यतन आंकड़ों के अनुसार, केरल द्वारा आंकड़ों के पुनर्मिलान के बाद मौत के एक मामले को मृतकों की सूची में जोड़े जाने से देश में संक्रमण से जान गंवाने वाले लोगों की संख्या बढ़कर 5,30,691 हो गई है.

अमेरिका की जॉन्स हॉपकिन्स यूनिवर्सिटी के आंकड़ों के मुताबिक, पूरी दुनिया में कोरोना वायरस संक्रमण के कुल मामले बढ़कर 65,66,24,289 हो गए हैं और इस संक्रमण के चलते दुनियाभर में अब तक 66,77,474 लोगों की मौत हो चुकी है.

मंत्रालय के मुताबिक, संक्रमण की दैनिक दर 0.15 प्रतिशत और साप्ताहिक दर 0.14 प्रतिशत दर्ज की गई है. कोविड-19 का पता लगाने के लिए कुल 90.97 करोड़ नमूनों की जांच की जा चुकी है. इनमें से 1,36,315 नमूनों की जांच पिछले 24 घंटे में की गई है.

आंकड़ों के अनुसार, उपचाराधीन मरीजों की संख्या संक्रमण के कुल मामलों का 0.01 प्रतिशत है. वहीं, कोविड-19 से स्वस्थ होने वालों की दर 98.80 प्रतिशत दर्ज की गई है. बीते 24 घंटे में कोविड-19 के उपचाराधीन मरीजों की संख्या में 17 मामलों की बढ़ोतरी हुई है.

आंकड़ों के मुताबिक, भारत में देशव्यापी कोविड-19 रोधी टीकाकरण अभियान के तहत अभी तक 220.4 करोड़ खुराक दी जा चुकी हैं.

आंकड़ों के मुताबिक, देश में 110 दिन में कोविड-19 के मामले एक लाख हुए थे और 59 दिनों में वह 10 लाख के पार चले गए थे.

भारत में कोविड-19 संक्रमण के कुल मामलों की संख्या 10 लाख से 20 लाख (7 अगस्त 2020 को) तक पहुंचने में 21 दिनों का समय लगा था, जबकि 20 से 30 लाख (23 अगस्त 2020) की संख्या होने में 16 और दिन लगे. हालांकि 30 लाख से 40 लाख (5 सितंबर 2020) तक पहुंचने में मात्र 13 दिनों का समय लगा.

वहीं, 40 लाख के बाद 50 लाख (16 सितंबर 2020) की संख्या को पार करने में केवल 11 दिन लगे. मामलों की संख्या 50 लाख से 60 लाख (28 सितंबर 2020 को) होने में 12 दिन लगे थे. इसे 60 से 70 लाख (11 अक्टूबर 2020) होने में 13 दिन लगे. 70 से 80 लाख (29 अक्टूबर को 2020) होने में 19 दिन लगे और 80 से 90 लाख (20 नवंबर 2020 को) होने में 13 दिन लगे. 90 लाख से एक करोड़ (19 दिसंबर 2020 को) होने में 29 दिन लगे थे.

इसके 107 दिन बाद यानी पांच अप्रैल 2021 को मामले सवा करोड़ से अधिक हो गए, लेकिन संक्रमण के मामले डेढ़ करोड़ से अधिक होने में महज 15 दिन (19 अप्रैल 2021) का वक्त लगा और फिर सिर्फ 15 दिनों बाद चार मई 2021 को गंभीर स्थिति में पहुंचते हुए आंकड़ा 1.5 करोड़ से दो करोड़ के पार चला गया.

चार मई 2021 के बाद करीब 50 दिनों में 23 जून 2021 को संक्रमण के मामले तीन करोड़ से पार चले गए थे. इसके बाद तकरीबन नौ महीने बाद 26 जनवरी 2022 को कुल मामलों की संख्या चार करोड़ के पार हो गए थे.

वायरस के मामले और मौतें

कोविड-19 संक्रमण के एक दिन या 24 घंटे के दौरान बीते 23 दिसंबर को 163, 22 दिसंबर को 185, 21 दिसंबर को 131, 20 दिसंबर को 112, 19 दिसंबर को 135, 18 दिसंबर को 176, 17 दिसंबर को 167, 16 दिसंबर को 162, 15 दिसंबर को 200, 14 दिसंबर को 152, 13 दिसंबर को 114, 12 दिसंबर को 159, 11 दिसंबर को 173, 10 दिसंबर को 210, नौ दिसंबर को 249, आठ दिसंबर को 241, सात दिसंबर को 166, छह दिसंबर को 165, पांच दिसंबर को 226, चार दिसंबर को 226, तीन दिसंबर को 253, दो दिसंबर को 275 और एक दिसंबर को 291 नए मामले सामने आए थे.

इस अवधि में बीते 23 दिसंबर को 3, 22 दिसंबर को 1, 21 दिसंबर को 1, 20 दिसंबर को 3, 19 दिसंबर को 2, 18 दिसंबर को 1, 17 दिसंबर को 1, 16 दिसंबर को 0, 15 दिसंबर को 2, 14 दिसंबर को 0, 13 दिसंबर को 0, 12 दिसंबर को 0, 11 दिसंबर को 1, 10 दिसंबर को 0, नौ दिसंबर को 0, आठ दिसंबर को 3, सात दिसंबर को 2, छह दिसंबर को 1, पांच दिसंबर को 2, चार दिसंबर को 1, तीन दिसंबर को 0, दो दिसंबर को 1 और एक दिसंबर को कोई मौत नहीं हुई थी.

नवंबर महीने में बीते एक दिन या 24 घंटे में संक्रमण के सबसे ज्यादा 1,321 मामले तीन नवंबर को रिकॉर्ड किए गए और सबसे अधिक मौत के 9 मामले छह नवंबर को सामने आए थे. इसके अलावा इस महीने में कम से कम तीन दिन ऐसे थे, जब किसी भी मरीज की मौत नहीं हुई थी.

अक्टूबर महीने में 24 घंटे के दौरान संक्रमण के सर्वाधिक 3,805 मामले एक अक्टूबर को सामने आए थे और केरल में आंकड़ों के पुनर्मिलान के साथ सबसे अधिक 28 लोगों की मौत तीन अक्टूबर को हुई थी.

सितंबर महीने की बात करें तो बीते एक दिन या 24 घंटे में संक्रमण के सर्वाधिक 7,946 मामले एक सितंबर को सामने आए थे और (केरल के आंकड़ों के पुनर्मिलान के बाद) सर्वाधिक 35 लोगों की जान 18 सितंबर को गई थी.

अगस्त में बीते एक दिन या 24 घंटे में संक्रमण के सर्वाधिक 20,551 मामले पांच अगस्त को सामने आए थे और (केरल के आंकड़ों के पुनर्मिलान के बाद) सर्वाधिक 72 लोगों की जान 18 अगस्त को गई थी.

जुलाई महीने में एक दिन या 24 घंटे में कोविड-19 संक्रमण के सबसे ज्यादा 21,880 मामले बीते 22 जुलाई को सामने आए थे और सबसे अधिक 67 मौतें बीते 23 जुलाई को दर्ज की गई थीं.

जून में कोविड-19 संक्रमण की बात करें तो एक दिन या 24 घंटे में बीते 24 जून को सर्वाधिक 17,336 नए मामले दर्ज किए गए थे. और इस दौरान सर्वाधिक 38 लोगों की मौत 23 जून को हुई थी.

मई महीने में एक दिन या 24 घंटे में कोरोना वायरस संक्रमण के सर्वाधिक 3,805 नए मामले सात मई को दर्ज किए गए थे और इस दौरान सबसे अधिक 65 मौतें 22 मई को दर्ज की गई थीं.

अप्रैल महीने में एक दिन या 24 घंटे में कोरोना वायरस संक्रमण के सर्वाधिक 3,688 नए मामले 30 अप्रैल को दर्ज किए गए थे और इस दौरान सबसे अधिक 1,399 (असम और केरल में आंकड़ों में संशोधन के बाद) मौतें 26 अप्रैल को दर्ज की गई थीं.

मार्च के महीने में एक दिन या 24 घंटे में कोविड-19 संक्रमण के सर्वाधिक 7,554 नए मामले दो मार्च को आए थे और इस दौरान सबसे अधिक 4,100 (महाराष्ट्र और केरल के आंकड़ों में संशोधन के साथ) मौतें 26 मार्च को दर्ज की गई थीं.

फरवरी महीने में कोविड-19 संक्रमण के एक दिन या 24 घंटे में सर्वाधिक 1,72,433 मामले तीन फरवरी को रिकॉर्ड किए गए और इस अवधि में सबसे अधिक 1,733 लोगों की मौत दो फरवरी को हुई थीं.

इस साल जनवरी महीने की बात करें तो बीते एक दिन या 24 घंटे के दौरान कोविड-19 संक्रमण के सर्वाधिक 3,89,03,731 मामले 22 जनवरी को दर्ज किए गए थे और इस अवधि सबसे अधिक 959 मौतें 30 जनवरी को हुई थीं.

मई 2021 रहा है सबसे घातक महीना

भारत में अकेले मई 2021 में कोविड-19 की दूसरी लहर के दौरान कोरोना वायरस के 92,87,158 से अधिक मामले सामने आए थे, जो एक महीने में दर्ज किए गए संक्रमण के सर्वाधिक मामले हैं.

इसके अलावा मई 2021 इस बीमारी के चलते 1,20,833 लोगों की जान भी गई थी. इतने मामले और इतनी संख्या में मौतें किसी अन्य महीने में नहीं दर्ज की गई हैं. इस तरह यह महीना इस महामारी के दौरान सबसे खराब और घातक महीना रहा था.

सात मई 2021 को 24 घंटे में अब तक कोविड-19 के सर्वाधिक 4,14,188 मामले सामने आए थे और 19 मई 2021 को सबसे अधिक 4,529 मरीजों ने अपनी जान गंवाई थी.

रोजाना नए मामले 17 मई से 24 मई 2021 तक तीन लाख से नीचे रहे और फिर 25 मई से 31 मई 2021 तक दो लाख से नीचे रहे थे. देश में 10 मई 2021 को सर्वाधिक 3,745,237 मरीज उपचाररत थे.

कोविड-19: साल 2021 में किस महीने-कितने केस दर्ज हुए जानने के लिए यहां क्लिक करें.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)