मध्य प्रदेश: चीनी मांझा बेचने के आरोप में दो लोगों के घर बुलडोज़र से तोड़े गए

मध्य प्रदेश के उज्जैन शहर का मामला. जिन लोगों के घर तोड़े गए उनकी पहचान मोहम्मद इक़बाल और हितेश भोजवानी के रूप में हुई है. राज्य के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कारोबार में शामिल अन्य लोगों को चेतावनी दी है कि उनके ख़िलाफ़ राष्ट्रीय सुरक्षा क़ानून के तहत कार्रवाई की जाएगी.

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(प्रतीकात्मक तस्वीर: पीटीआई)

मध्य प्रदेश के उज्जैन शहर का मामला. जिन लोगों के घर तोड़े गए उनकी पहचान मोहम्मद इक़बाल और हितेश भोजवानी के रूप में हुई है. राज्य के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कारोबार में शामिल अन्य लोगों को चेतावनी दी है कि उनके ख़िलाफ़ राष्ट्रीय सुरक्षा क़ानून के तहत कार्रवाई की जाएगी.

(प्रतीकात्मक तस्वीर: पीटीआई)

नई दिल्ली: मध्य प्रदेश के उज्जैन शहर में जिला प्रशासन ने प्रतिबंधित चाइनीज मांझा की बिक्री में कथित रूप से शामिल कम से कम दो व्यक्तियों के घरों को ढहा दिया है.

वहीं, मध्य प्रदेश के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कारोबार में शामिल अन्य लोगों को चेतावनी दी है कि उनके खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (एनएसए/रासुका) के तहत कार्रवाई की जाएगी.

रिपोर्ट्स के मुताबिक, उज्जैन में जिन लोगों के घर तोड़े गए उनकी पहचान मोहम्मद इकबाल और हितेश भोजवानी के रूप में हुई है. दोनों ही मामलों में प्रशासन ने मांझे के रोल जब्त कर जांच की और पाया कि उनके घरों के कुछ हिस्सों का निर्माण अवैध रूप से किया गया था. बाद में इन हिस्सों को तोड़ दिया गया. जहां इकबाल के घर को 4 जनवरी को तोड़ा गया, वहीं भोजवानी के घर को अगले दिन 5 जनवरी को गिराया गया.

पिछले कुछ दिनों में उज्जैन में मांझा से कटकर एक नाबालिग लड़की सहित कम से कम दो लोग घायल हो गए थे.

पिछले साल भी उज्जैन प्रशासन ने मांझा बेचने के आरोप में पकड़े गए तीन लोगों के घरों को तोड़ दिया था. हालांकि इस साल के विपरीत अधिकारियों ने पिछले साल स्पष्ट रूप से कहा था कि मांझा बेचने के आरोपों को देखते हुए कार्रवाई के रूप में घरों को ध्वस्त कर दिया गया.

तब इंडियन एक्सप्रेस से बातचीत में उज्जैन के कलेक्टर आशीष सिंह ने बताया था, ‘हमने चीनी मांझे की बिक्री पर रोक लगाने वाली धारा 144 के आदेशों की जानकारी लोगों को मुहैया कराई थी, लेकिन इसकी बिक्री नहीं रुकी. इसके बाद जब्त की गई मात्रा और इस तथ्य के आधार पर कि तीन में से दो आरोपियों का इसी तरह का पिछला इतिहास था, हमने कड़ी कार्रवाई करने का फैसला किया और प्रतिबंधित मांझे की बिक्री को रोकने के लिए एक कठोर कार्रवाई के रूप में उनके घरों को ध्वस्त कर दिया गया.’

इस बीच राज्य के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने संकेत दिया कि इस साल भी इस तरह की कार्रवाई की जाएगी.

न्यू इंडियन एक्सप्रेस से बातचीत में उन्होंने कहा, ‘चीनी मांझा बेचने के आरोपी के घर में अवैध निर्माण को उज्जैन में पहले ही बुलडोजर चला दिया गया है. यह उन लोगों के लिए एक चेतावनी है, जो मकर संक्रांति पर्व (14 जनवरी) के दौरान खतरनाक मांझा बेचना चाहते हैं. राज्य में चाइनीज मांजा बेचने वालों के खिलाफ अधिकारी रासुका के तहत कार्रवाई कर सकते हैं.’

मालूम हो कि मध्य प्रदेश उन राज्यों में से एक के रूप में उभरा है, जहां भाजपा ने अक्सर दंडात्मक सजा के रूप में लोगों के घरों पर बुलडोजर चलाए हैं.

पतंग उड़ाने के लिए इस्तेमाल की जाने वाली कांच के परत वाले सिंथेटिक मांझा जानवरों और इंसानों को समान रूप से नुकसान पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं. हालांकि ‘चीनी मांझा’ एक मिथ्या नाम है, क्योंकि इस तरह के मांझे का उत्पादन विशेष रूप से मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश में घरेलू स्तर पर किया जाता है.

इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार, चीनी मांझा मोनोफिलामेंट फिशिंग लाइन से बना होता है, जिसे पिघलाकर पॉलीमर के साथ मिलाया जाता है. धागा बनने के बाद उस पर कांच के महीन टुकड़ों को लपेटा जाता है. नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने साल 2017 में देश भर में इन मांझों की बिक्री पर प्रतिबंध लगा दिया था.

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