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शीर्ष पहलवानों ने कुश्ती संघ के अध्यक्ष और भाजपा सांसद पर यौन शोषण के आरोप लगाए, प्रदर्शन

शीर्ष भारतीय पहलवान विनेश फोगाट, साक्षी मलिक, अंशु मलिक और बजरंग पुनिया समेत 20 पहलवानों ने नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करते हुए आरोप लगाया है कि भारतीय कुश्ती महासंघ के अध्यक्ष व भाजपा सांसद बृजभूषण शरण सिंह और प्रशिक्षकों द्वारा महिला पहलवानों का यौन उत्पीड़न किया गया.

जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के बाद मीडिया से बात करते हुए विनेश फोगाट, साक्षी मलिक और बजरंग पुनिया समेत अन्य खिलाड़ी. (फोटो: पीटीआई)

नई दिल्ली: शीर्ष भारतीय पहलवान विनेश फोगाट, रियो ओलंपिक पदक विजेता साक्षी मलिक, अंशु मलिक और बजरंग पुनिया उन खिलाड़ियों के समूह में शामिल हैं, जिन्होंने कैसरगंज से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसद बृजभूषण शरण सिंह पर यौन उत्पीड़न और शारीरिक शोषण का आरोप लगाया है.

सिंह भारतीय कुश्ती संघ (डब्ल्यूएफआई) के अध्यक्ष हैं.

गौरतलब है कि वर्ष 2021 में भी एक वीडियो में सिंह को रांची में अंडर-15 नेशनल के दौरान एक पहलवान को थप्पड़ मारते हुए देखा गया था.

नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन कर रहे पहलवानों ने कुश्ती संघ चलाने में सिंह की कथित ‘तानाशाही’ की ओर इशारा किया और कहा कि वर्षों से पहलवानों के साथ दुर्व्यवहार हो रहा था.

इंडिया टुडे के मुताबिक, प्रदर्शन में जुटे 30 खिलाड़ियों में विश्व चैंपियनशिप पदक विजेता सरिता मोर, संगीता फोगाट, सत्यव्रत मलिक, जितेंद्र किन्हा और राष्ट्रमंडल खेलों के पदक विजेता सुमित मलिक शामिल थे.

विनेश फोगाट ने कहा, ‘महिला पहलवानों का प्रशिक्षकों (कोच) और डब्ल्यूएफआई अध्यक्ष द्वारा राष्ट्रीय शिविरों में यौन उत्पीड़न किया गया है.’ फोगाट ने इस बात पर जोर दिया कि डब्ल्यूएफआई के अध्यक्ष भी ‘कई लड़कियों’ के यौन उत्पीड़न में शामिल हैं.

विनेश ने कहा कि संघ के ‘पसंदीदा’ कुछ कोच महिला कोचों के साथ भी दुर्व्यवहार करते हैं.

विनेश के हवाले से इंडियन एक्सप्रेस ने लिखा है, ‘आज मैंने यह कहा है, मुझे नहीं पता कि मैं कल जिंदा रहूंगी भी या नहीं. डब्ल्यूएफआई के लोग बहुत ताकतवर हैं.’

हरियाणा की कुश्ती में ख्याति प्राप्त फोगाट परिवार का हिस्सा विनेश राष्ट्रमंडल और एशियाई खेलों, दोनों में स्वर्ण जीतने वाली पहली भारतीय महिला पहलवान हैं. विश्व कुश्ती चैंपियनशिप में उन्होंने कई स्वर्ण पदक अपने नाम किए हैं.

2020 में विनेश की चचेरी बहन बबीता फोगाट और उनके ताऊ महावीर फोगाट 2020 में भाजपा में शामिल हो गए थे.

विनेश ने कथित तौर पर कहा कि वह एक दशक से संघ को अपनी चिंताएं सुनाने की कोशिश कर रही थीं.

फोगाट ने डब्ल्यूएफआई अध्यक्ष सिंह को हटाने के लिए प्रधानमंत्री और गृह मंत्री के हस्तक्षेप की मांग की.

समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, उन्होंने दावा किया कि लखनऊ में राष्ट्रीय शिविर में कई कोच ने भी महिला पहलवानों का शोषण किया है. उन्होंने आरोप लगाया कि शिविर में कुछ महिलाएं हैं जो डब्ल्यूएफआई अध्यक्ष के कहने पर पहलवानों से संपर्क करती हैं.

इस 28 साल की पहलवान ने हालांकि स्पष्ट किया कि उन्होंने खुद इस तरह के शोषण का सामना नहीं किया है.

उन्होंने दावा किया कि उन्हें डब्ल्यूएफआई अध्यक्ष के इशारे पर उनके करीबी अधिकारियों से जान से मारने की धमकी मिली थी, क्योंकि उन्होंने टोक्यो ओलंपिक खेलों के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात के दौरान उनका ध्यान इन मुद्दों पर आकर्षित करने का हिम्मत दिखाई थी.

जंतर-मंतर पर चार घंटे से अधिक समय तक धरने पर बैठने के बाद विनेश ने कहा, ‘मैं कम से कम 10-12 महिला पहलवानों को जानती हूं जिन्होंने मुझे डब्ल्यूएफआई अध्यक्ष से हुए यौन शोषण के बारे में बताया है. उन्होंने मुझे अपनी कहानियां सुनाईं. मैं अभी उनका नाम नहीं ले सकती, लेकिन अगर हम देश के प्रधानमंत्री और गृह मंत्री से मिलें तो मैं नामों का खुलासा जरूर कर सकती हूं.’

(फोटो: पीटीआई)

विनेश के साथ बैठे टोक्यो ओलंपिक के कांस्य पदक विजेता बजरंग पुनिया ने कहा कि महासंघ मनमाने ढंग से चलाया जा रहा है और जब तक डब्ल्यूएफआई अध्यक्ष को हटाया नहीं जाता, तब तक वे किसी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में हिस्सा नहीं लेंगे.

पुनिया ने इंडियन एक्सप्रेस से कहा, ‘यह ठीक नहीं है और हम चुपचाप यह सहते रहे हैं, लेकिन अब और नहीं.’

पुनिया ने यह भी कहा कि पहलवानों ने अपने विरोध में राजनेताओं को शामिल नहीं करने का ध्यान रखा है. वहीं, समाचार एजेंसी पीटीआई से उन्होंने कहा, ‘हमारी लड़ाई सरकार या भारतीय खेल प्राधिकरण (साई) के खिलाफ नहीं है. हम डब्ल्यूएफआई के खिलाफ हैं. हम आज इसका ब्यौरा देंगे. ये तो अब आर-पार की लड़ाई है.’

उन्होंने कहा, ‘डब्ल्यूएफआई अध्यक्ष को हटाए जाने तक हम किसी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में हिस्सा नहीं लेंगे. यह भारतीय कुश्ती को बचाने की लड़ाई है.’

बजरंग का सहयोगी स्टाफ भी धरने पर बैठा था, जिसमें उनके कोच सुजीत मान और फिजियो आनंद दुबे शामिल हैं. पुनिया ने संवाददाताओं से यह भी कहा, ‘भारतीय कुश्ती संघ द्वारा पहलवानों को परेशान किया जा रहा है. जो लोग डब्ल्यूएफआई का हिस्सा हैं, वे खेल के बारे में कुछ नहीं जानते.’

उधर, सिंह ने यौन उत्पीड़न के आरोपों को खारिज किया है और कहा है यह एक ऐसी चीज हुई है, वह खुद को ‘फांसी’ लगा लेंगे.

सांसद सिंह ने आरोपों का जवाब विनेश फोगाट से यह पूछते हुए दिया है कि उन्होंने ओलंपिक में ‘कंपनी के लोगों वाली पोशाक’ क्यों पहनी.

उन्होंने समाचार एजेंसी एएनआई से पूछा, ‘क्या कोई ऐसा व्यक्ति सामने है जो कह सकता हो कि संघ ने किसी एथलीट को प्रताड़ित किया है?’

साथ ही उन्होंने अध्यक्ष पद न छोड़ने की भी बात कही है. उन्होंने कहा है,’मैं डब्ल्यूएफआई अध्यक्ष का पद नहीं छोड़ूंगा, लेकिन मैं सीबीआई या पुलिस द्वारा जांच के लिए तैयार हूं. मेरे खिलाफ इस साजिश के पीछे एक उद्योगपति का हाथ है. जान से मारने की धमकी मिलने पर विनेश ने पुलिस से संपर्क क्यों नहीं किया.’

सिंह 2011 से डब्ल्यूएफआई अध्यक्ष हैं और फरवरी 2019 में लगातार तीसरी बार चुने गए थे.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)