भारत

जोशीमठ: दलित समुदाय ने राहत कार्य में भेदभाव का आरोप लगाया, जांच शुरू

जोशीमठ शहर में भूमि धंसाव से प्रभावित लोगों के लिए चल रहे राहत कार्य के बीच अनुसूचित जाति के कुछ रहवासियों ने जाति के कारण उपेक्षा किए जाने की शिकायत की है. उत्तराखंड राज्य अनुसूचित जाति आयोग का कहना है कि वे इसकी जांच करेंगे और आरोप सही पाए जाने पर कार्रवाई की जाएगी.

जोशीमठ में भू-धंसाव से प्रभावित एक रिहायशी इलाका. (फोटो: पीटीआई)

नई दिल्ली: उत्तराखंड के जोशीमठ शहर में भूमि धंसाव से प्रभावित लोगों के लिए चल रहे राहत कार्य में कथित तौर पर जाति आधारित भेदभाव की शिकायतें मिलने के बाद उत्तराखंड राज्य अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष सहित इसके अधिकारी इस सप्ताह जोशीमठ का दौरा करेंगे.

टाइम्स ऑफ इंडिया के अनुसार, आयोग के अध्यक्ष मुकेश कुमार ने सोमवार को बताया, ‘गांधी कॉलोनी, जहां अधिकांश निवासी अनुसूचित जाति के हैं, के कुछ निवासियों ने राहत कार्यों के दौरान उनकी जाति के कारण उपेक्षा किए जाने की शिकायत की है. प्रशासन के अधिकारियों को इन दावों की पुष्टि करने को कहा गया है. मुझ सहित आयोग के अधिकारी इस सप्ताह जमीनी स्थिति की समीक्षा करेंगे और आरोप सही पाए जाने पर कार्रवाई करेंगे.’

कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उन्हें जोशीमठ जाकर राहत कार्य की समीक्षा करने के लिए कहा था.

जोशीमठ की एसडीएम कुमकुम जोशी ने मामले पर कहा, ‘प्रशासन को अभी तक जातिगत भेदभाव पर ऐसी कोई शिकायत नहीं मिली है.’

उन्होंने कहा, ‘इस समय चल रही राहत गतिविधियों में हम उन क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं, जहां मुख्य रूप से दिहाड़ी मजदूर और गरीब परिवार रहते हैं. हम आरोपों का सत्यापन करेंगे और सुनिश्चित करेंगे कि यहां कोई भेदभाव, यदि कोई हो रहा हो, तो वो न हो.’

ताजा घटनाक्रम आयोग द्वारा सभी 13 जिला प्रशासनों को उन मंदिरों, जहां जाति के आधार पर दलितों का प्रवेश वर्जित है, के बारे में सूचित करने के लिए कहने के कुछ दिनों बाद आया है.

2011 की जनगणना के अनुसार, जोशीमठ शहर के 16,709 लोगों में से 95.9% हिंदू हैं, जिनमें 14% अनुसूचित जाति समुदाय से हैं.