सरकार ने संसद में फ्लाइट का आपात द्वार खोले जाने की पुष्टि की, नहीं लिया तेजस्वी सूर्या का नाम

विमान के आपातकालीन निकास द्वार खोलने की घटनाओं को लेकर पूछे गए एक सवाल के जवाब में नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री वीके सिंह ने राज्यसभा में कहा कि बीते पांच वर्षों में हुई ऐसी एकमात्र घटना 10 दिसंबर, 2022 को चेन्नई से त्रिची जाने वाली इंडिगो की फ्लाइट में हुई थी. उन्होंने ऐसा करने वाले यात्री का नाम नहीं लिया, लेकिन कांग्रेस पहले ही दावा कर चुकी है कि यह यात्री भाजपा के सांसद तेजस्वी सूर्या थे.

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तेजस्वी सूर्या. (फोटो: पीटीआई, इलस्ट्रेशन- द वायर)

विमान के आपातकालीन निकास द्वार खोलने की घटनाओं को लेकर पूछे गए एक सवाल के जवाब में नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री वीके सिंह ने राज्यसभा में कहा कि बीते पांच वर्षों में हुई ऐसी एकमात्र घटना 10 दिसंबर, 2022 को चेन्नई से त्रिची जाने वाली इंडिगो की फ्लाइट में हुई थी. उन्होंने ऐसा करने वाले यात्री का नाम नहीं लिया, लेकिन कांग्रेस पहले ही दावा कर चुकी है कि यह यात्री भाजपा के सांसद तेजस्वी सूर्या थे.

तेजस्वी सूर्या. (फोटो: पीटीआई, इलस्ट्रेशन- द वायर)

नई दिल्ली: नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने सोमवार को राज्यसभा में पुष्टि की कि 10 दिसंबर, 2022 को चेन्नई से त्रिची जाने वाली इंडिगो की एक उड़ान का आपातकालीन निकास द्वार खोले जाने की घटना पिछले पांच वर्षों के दौरान हुई ऐसी एकमात्र घटना है. सरकार ने यात्री का नाम नहीं लिया, हालांकि कांग्रेस के अनुसार यह यात्री भाजपा के सांसद तेजस्वी सूर्या थे.

रिपोर्ट के अनुसार, सांसद मोहम्मद नदीमुल हक, इलामारम करीम और जॉन ब्रिटास द्वारा ‘विमान के आपातकालीन द्वार के गलत संचालन’ पर पूछे गए एक सवाल के जवाब में नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री वीके सिंह ने राज्यसभा में बताया कि ‘पिछले पांच वर्षों के दौरान फ्लाइट का आपातकालीन निकास द्वार खोलने के संबंध में एक ही घटना डीजीसीए के संज्ञान में आई है, जब विमान जमीन पर था. यह घटना 10 दिसंबर 2022 को इंडिगो की फ्लाइट संख्या 6E7339, चेन्नई से त्रिची में हुई.

मंत्री ने यह भी जोड़ा कि ‘सभी सुरक्षा जांचों/प्रोटोकॉल को पूरा करने के बाद ही विमान ने उड़ान भरी थी.’

सवाल में सांसदों ने चालक दल द्वारा दिए गए किसी भी निर्देश के बिना किसी विमान के आपातकालीन द्वार को खोलने के मामले में सजा, मंत्रालय द्वारा जारी किए गए सुरक्षा दिशानिर्देशों के विवरण, यदि कोई हो के बारे में भी पूछा था. यह भी पूछा गया था कि ऐसे मामलों में यात्रियों को क्या मुआवजा दिया जाता है; क्या सरकार ने यात्रियों द्वारा गलत व्यवहार किए जाने की संभावना को देखते हुए विमानों को उनके आपातकालीन दरवाजों को रीस्ट्रक्चर (अलग तरह से बनाने) के लिए कोई आदेश जारी किया है. साथ ही दिसंबर 2022 की घटना में शामिल व्यक्ति का विवरण भी मांगा गया था.

सिंह ने अपने जवाब में कहा कि नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने नागरिक उड्डयन आवश्यकताएं (सीएआर) धारा 3-वायु परिवहन, श्रृंखला एम भाग VI के तहत ‘उपद्रवी यात्रियों को संभालने’ को लेकर परामर्श जारी किया है. जवाब में आगे कहा गया है कि ‘जब भी किसी एयरलाइन को पायलट-इन [1] कमांड से दुर्व्यवहार की शिकायत मिलती है, तो इस घटना को एयरलाइंस द्वारा सीएआर के प्रावधानों के अनुसार उनके द्वारा गठित ‘आंतरिक समिति’ को भेजा जाता है.’

ऐसे मामलों में दिए जाने वाले मुआवजे के संबंध में जवाब में कहा गया है कि ‘कैरेज बाय एयर एक्ट, 1972 के अनुसार, विमान में सवार किसी यात्री की मृत्यु या शारीरिक चोट के मामले में एयरलाइन अंतरराष्ट्रीय यात्रा के दौरान प्रति यात्री 1,13,100 रुपये विशेष आहरण अधिकार (एसडीआर) और घरेलू यात्रा के दौरान प्रति यात्री 20 लाख रुपये तक के नुकसान का भुगतान के लिए उत्तरदायी है.

मंत्री ने आगे कहा कि डीजीसीए ने आपातकालीन दरवाजों के रीस्ट्रक्चर के लिए कोई आदेश जारी नहीं किया है.

हालांकि सिंह ने 10 दिसंबर, 2022 को विमान के आपातकालीन द्वार खोलने वाले व्यक्ति के तौर पर तेजस्वी सूर्या का नाम नहीं लिया.

उल्लेखनीय है कि कांग्रेस ने 17 जनवरी को दावा किया था कि यह यात्री असल में बेंगलुरु दक्षिण से भाजपा के सांसद तेजस्वी सूर्या थे. कर्नाटक कांग्रेस ने कई ट्वीट्स करते हुए दावा भी किया था कि केंद्र सरकार ने एक महीने से अधिक समय तक सूर्या के इस कारनामे को छिपाने की कोशिश की थी. सूर्या भाजपा युवा मोर्चा के अध्यक्ष भी हैं.

हालांकि सूर्या ने कांग्रेस के आरोप की न तो पुष्टि की और न ही खंडन किया, लेकिन इन ट्वीट्स के एक दिन बाद 18 जनवरी को नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा था कि सूर्या ने स्वयं इस घटना की सूचना दी थी और माफी मांगी थी. उन्होंने दावा किया कि सांसद ने गलती से दरवाजा खोल दिया था.

सोमवार को यात्रियों को ‘नो फ्लाई लिस्ट’ में रखने को लेकर पूछे गए एक सवाल के जवाब में सिंह ने कहा कि पिछले एक साल के दौरान उपद्रव करने वाले 63 यात्रियों को ‘नो फ्लाई’ सूची में रखा गया है.

सिंह ने कहा, ‘पिछले एक वर्ष में कुल 63 यात्रियों को ‘नो फ्लाई’ सूची में रखा गया है. इनमें पिछले एक साल में डीजीसीए के संज्ञान में आई फ्लाइट में पेशाब करने की दो घटनाएं शामिल हैं.’

सिंह ने कहा कि 2017 से अब तक कुल 143 यात्रियों को ‘नो फ्लाई’ सूची में शामिल किया गया है. इस सूची में शामिल लोगों को किसी विमान में सवार होने की अनुमति नहीं होती है.