मध्य प्रदेश के स्कूली पाठ्यक्रम में सावरकर की जीवनी पढ़ाई जाएगी: मुख्यमंत्री

मध्य प्रदेश के स्कूल शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार ने कहा कि सावरकर महान क्रांतिकारियों में से एक हैं. उन्होंने भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन में योगदान दिया. दुर्भाग्य से कांग्रेस ने भारत के सच्चे क्रांतिकारियों के बारे में नहीं सिखाया. विदेशी क्रांतिकारियों को महान कहा गया, लेकिन हमारे अपने देशभक्त को नहीं.

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वी​डी सावरकर. (फोटो साभार: फेसबुक)

मध्य प्रदेश के स्कूल शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार ने कहा कि सावरकर महान क्रांतिकारियों में से एक हैं. उन्होंने भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन में योगदान दिया. दुर्भाग्य से कांग्रेस ने भारत के सच्चे क्रांतिकारियों के बारे में नहीं सिखाया. विदेशी क्रांतिकारियों को महान कहा गया, लेकिन हमारे अपने देशभक्त को नहीं.

वी​डी सावरकर. (फोटो साभार: फेसबुक)

नई दिल्ली: मध्य प्रदेश के स्कूल शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार ने बीते गुरुवार (29 जून) को कहा कि स्कूली पाठ्यक्रम में हिंदुत्व विचारक वीडी सावरकर पर एक अध्याय जोड़ा जाएगा.

इस संबंध में पूछे गए एक सवाल के जवाब में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने पत्रकारों से बातचीत में कहा, ‘इसमें क्या दिक्कत की बात है? वीर सावरकर को क्यों नहीं पढ़ाया जाना चाहिए? वे काला पानी (सजा) में रहे, दो-दो जन्मों की सजा हुई, देश के लिए सर्वस्व न्योछावर कर दिया, उत्कट देशभक्त थे.’

उन्होंने कहा, ‘आज भी सेल्यूलर जेल में जाकर देखते हैं कि किस तरह के सेल में सावरकर जी रहते थे. उनके दूसरे भाई भी वहां थे, कई सालों तक उन्हें इसका पता नहीं चला था. जिसने देश के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया, उनकी जीवनी पढ़ाई जाएगी.’

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, मध्य प्रदेश के स्कूल शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार ने कहा, ‘वीर सावरकर महान क्रांतिकारियों में से एक हैं. उन्होंने भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन में योगदान दिया. दुर्भाग्य से कांग्रेस ने भारत के सच्चे क्रांतिकारियों के बारे में नहीं सिखाया. विदेशी क्रांतिकारियों को महान कहा गया, लेकिन हमारे अपने देशभक्त को नहीं.’

उन्होंने कहा, ‘हम सच्चे नायकों की जीवनियां शामिल करेंगे और नए पाठ्यक्रम में वीर सावरकर, भगवद गीता के संदेश, भगवान परशुराम, भगत सिंह, सुखदेव, राजगुरु और अन्य शामिल होंगे.’

राज्य में पूर्ववर्ती कमलनाथ के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार पर निशाना साधते हुए परमार ने आरोप लगाया कि उसके कार्यकाल के दौरान एक स्कूल में सावरकर के जीवन के बारे में एक किताब वितरित किए जाने के बाद एक प्रिंसिपल को निलंबित कर दिया गया था.

ऑउटलुक की रिपोर्ट के मुताबिक, इस कदम की आलोचना करते हुए मध्य प्रदेश कांग्रेस मीडिया सेल के अध्यक्ष केके मिश्रा ने इसे साल के अंत में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक कदम बताया.

उन्होंने कहा कि राज्य में भारतीय जनता पार्टी सरकार महंगाई और बेरोजगारी जैसी मुख्य समस्याओं से लोगों का ध्यान भटकाना चाहती है.

मिश्रा ने यह भी कहा कि ‘सावरकर समग्र’ का एक पाठ भी शामिल किया जाना चाहिए, जिसमें हिंदुत्व विचारक ने गाय पूजा की नहीं, बल्कि गाय पालन की वकालत की थी.

कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि मध्य प्रदेश सरकार पाठ्यक्रम में सावरकर को शामिल कर रही है. उन्होंने कहा कि हिंदू महासभा नेता ने अंग्रेजों को पत्र लिखा था और माफी मांगी थी.

बता दें कि इसी जून महीने में भाजपा शासित उत्तर प्रदेश में माध्यमिक शिक्षा परिषद (यूपी बोर्ड) अपने छात्रों को भारत के 50 महापुरुषों के जीवनियों को पढ़ाने का फैसला किया है, जिसमें हिंदुत्व विचारक विनायक दामोदर सावरकर, पंडित दीनदयाल उपाध्याय समेत 50 महान हस्तियों की जीवनियां अपने पाठ्यक्रम में शामिल की हैं, लेकिन देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू की जीवनी को छोड़ दिया गया है.