मध्य प्रदेश: धार्मिक जुलूस पर ‘पानी थूकने’ के आरोपियों के घर के कथित अवैध हिस्से गिराए गए

उज्जैन ज़िला प्रशासन ने 'बाबा महाकाल सवारी' का हिस्सा रहे भक्तों पर पानी थूकने के आरोप में तीन लोगों के ख़िलाफ़ ये कार्रवाई की है. आरोपियों में दो नाबालिग हैं. एक आरोपी जेल और बाकी दोनों को नाबालिग पुनर्वास केंद्र में रखा गया है.

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उज्जैन प्रशासन ने धार्मिक जुलूस में भक्तों पर पानी थूकने के आरोप में तीन लोगों के घरों को ध्वस्त कर दिया. (फोटो साभार: एएनआई)

उज्जैन ज़िला प्रशासन ने ‘बाबा महाकाल सवारी’ का हिस्सा रहे भक्तों पर पानी थूकने के आरोप में तीन लोगों के ख़िलाफ़ ये कार्रवाई की है. आरोपियों में दो नाबालिग हैं. एक आरोपी जेल और बाकी दोनों को नाबालिग पुनर्वास केंद्र में रखा गया है.

उज्जैन प्रशासन ने धार्मिक जुलूस में भक्तों पर पानी थूकने के आरोप में तीन लोगों के घरों को ध्वस्त कर दिया. (फोटो साभार: एएनआई)

नई दिल्ली: मध्य प्रदेश में उज्जैन जिला प्रशासन ने बीते बुधवार (19 जुलाई) को तीनों लोगों के घर से संबंधित कथित अवैध निर्माण को ध्वस्त कर दिया. धार्मिक जुलूस ‘बाबा महाकाल सवारी’ का हिस्सा रहे भक्तों पर पानी थूकने के आरोप में इन तीन लोगों के खिलाफ ये कार्रवाई की गई है.

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, स्थानीय प्रशासन के इस आरोप पर कि उनके घर अवैध रूप से बनाए गए हैं, बुधवार  सुबह 10 बजे के आसपास पुलिस की एक टीम आरोपियों के घरों पर पहुंची, जिनके साथ दो लोग ढोल बजा रहे थे.

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आकाश भूरिया ने कहा कि राजस्व और नगरपालिका अधिकारियों ने आरोपी व्यक्तियों के अवैध निर्माणों की एक सूची बनाई थी, जिसके बाद कार्रवाई की गई.

उन्होंने कहा, ‘उज्जैन में हाल ही में एक धार्मिक कार्यक्रम के दौरान कुछ व्यक्तियों ने धार्मिक सद्भाव बिगाड़ने की कोशिश की. पुलिस ने विभिन्न धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की, जिसके बाद उन्हें हिरासत में लिया गया. फिर हमने नगर निगम और राजस्व विभाग को आरोपी के बारे में सूचित किया. आज अवैध अतिक्रमण हटा दिए गए.’

यह पूछे जाने पर कि पुलिस ढोल बजाने वालों के साथ क्यों ले गई थी, उन्होंने कहा, ‘यह नियमों में है कि ढोल बजाने वालों को लाया जाए और सार्वजनिक रूप से घोषणा की जाए कि अवैध निर्माण हटाया जा रहा है. हमने इन नियमों का पालन किया.’

एक वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने दूसरे समुदाय के तीन लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया था, जिसमें कुछ लोगों को कथित तौर पर उज्जैन में एक धार्मिक जुलूस पर पानी थूकते हुए दिखाया गया था, जिससे विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया. पुलिस ने बाद में एफआईआर दर्ज की. आरोपियों में से दो नाबालिग बताए जा रहे हैं.

टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, आरोपियों में दो नाबालिग हैं, जिनकी उम्र 14-15 साल है. जिस तीसरे घर को ध्वस्त किया गया, वह तीसरे संदिग्ध अदनान के परिवार का परिवार था, जो कुछ महीने पहले 18 साल का हो गया था. आरोपी जेल और नाबालिग पुनर्वास केंद्र में हैं.

रिपोर्ट के अनुसार, उज्जैन नगर निगम (यूएमसी) अधिकारियों ने घर में पाई गईं कथित अनियमितताओं का विवरण देने से इनकार कर दिया, जिसके कारण इन्हें ध्वस्त किया गया और दावा किया कि रहने वालों को पहले ही नोटिस जारी किए गए थे.