नई दिल्ली: पहलगाम आतंकवादी हमले के बाद इस्लामाबाद के खिलाफ भारतीय सैन्य जवाबी कार्रवाई की संभावना पर तनाव के बीच चीन ने 27 अप्रैल को चीनी विदेश मंत्री वांग यी और पाकिस्तानी विदेश मंत्री एम. इशाक डार के बीच फोन पर हुई बातचीत के दौरान पाकिस्तान की ‘संप्रभुता’ और ‘वैध सुरक्षा चिंताओं’ के लिए अपना ‘समर्थन’ व्यक्त किया, साथ ही बढ़ते संकट के बीच दोनों देशों से संयम बरतने का आग्रह किया.
22 अप्रैल को कश्मीर के पहलगाम में बैसरन मैदान पर आतंकवादियों ने 26 लोगों की हत्या कर दी, जिनमें ज़्यादातर पर्यटक थे. यह हमला 2008 के मुंबई आतंकी हमलों के बाद भारत में नागरिकों पर सबसे घातक हमला था.
पाकिस्तान पर मिलीभगत का आरोप लगाते हुए भारत ने जवाबी कार्रवाई की घोषणा की, जिसमें सिंधु जल संधि को निलंबित करना और सभी पाकिस्तानी सैन्य अताशे को निष्कासित करना शामिल है. एक दिन बाद पाकिस्तान ने अपने जवाबी उपायों की घोषणा की, जिसमें 1972 के शिमला समझौते जैसे सभी द्विपक्षीय समझौतों से हटने का इरादा भी शामिल था.
पर्यवेक्षकों के अनुसार, भारत सरकार सर्जिकल स्ट्राइक और बालाकोट हवाई हमलों के उदाहरण के आधार पर पाकिस्तानी क्षेत्र में सैन्य हमले की तैयारी कर सकती है.
इस संदर्भ में चीन के विदेश मंत्री वांग यी, जो चीनी कम्युनिस्ट पार्टी की केंद्रीय समिति के राजनीतिक ब्यूरो के सदस्य हैं, और उनके पाकिस्तानी समकक्ष के बीच फोन कॉल, जिसमें उन्होंने पाकिस्तान के प्रति समर्थन व्यक्त किया, उल्लेखनीय है.
चीनी विदेश मंत्रालय के बयान में कहा गया है, ‘चीन पाकिस्तान की वैध सुरक्षा चिंताओं को पूरी तरह समझता है और उसकी संप्रभुता और सुरक्षा हितों की रक्षा करने में पाकिस्तान का समर्थन करता है.’
वांग यी ने कहा कि चीन घटनाक्रम पर करीब से नजर रख रहा है और आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई करने के पाकिस्तान के दावे का चीन समर्थन करता है.
वरिष्ठ चीनी अधिकारी ने स्वतंत्र जांच के लिए पाकिस्तान के प्रस्ताव का भी समर्थन किया. बयान में कहा गया, ‘चीन निष्पक्ष जांच की जल्द शुरुआत का समर्थन करता है.’
यह कहते हुए कि यह संघर्ष न तो भारत या पाकिस्तान के हित में है, न ही क्षेत्र के हित में है, वांग यी ने आशा व्यक्त की कि दोनों पक्ष संयम बरतेंगे, एक-दूसरे के साथ मिलकर काम करेंगे, और तनाव की स्थिति को कम करने के लिए काम करेंगे.
रीडआउट के अनुसार, पाकिस्तानी मंत्री ने वांग यी से कहा कि पाकिस्तान ऐसी कार्रवाई करने का विरोध करता है जिससे स्थिति और बिगड़ सकती है.
इससे पहले बुधवार को चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने पहलगाम आतंकवादी हमले की कड़ी निंदा की थी.
