पंजाब: पठानकोट एयरबेस, ऊंची बस्सी आयुध डिपो के पास तेज़ आवाज़ें सुनी गईं, ब्लैकआउट के आदेश

जालंधर-पठानकोट हाईवे पर स्थित रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण पठानकोट एयरबेस और ऊंची बस्सी आयुध डिपो के आसपास गुरुवार शाम ग्रामीणों ने धमाके जैसी तेज़ आवाजें सुनीं. यह लगभग वही समय था, जब जम्मू और राजौरी में पाकिस्तान द्वारा हमला करने की खबरें आना शुरू हुई थीं.

ऊंची बस्सी. (साभार: गूगल मैप्स)

जालंधर: भारतीय सेना के ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद भारत के सीमावर्ती इलाकों में तनाव की बढ़ती ख़बरों के बीच जालंधर-पठानकोट हाईवे पर स्थित रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण पठानकोट एयरबेस और ऊंची बस्सी आयुध डिपो के आसपास गुरुवार देर शाम ग्रामीणों ने धमाके जैसी तेज आवाजें सुनीं.

यह आवाज़ें 8 मई को रात करीब 8.15 बजे सुनी गईं. यह लगभग वही समय था, जब जम्मू और राजौरी में पाकिस्तान द्वारा हमला करने की खबरें आना शुरू हुई थीं.

मालूम हो कि ऊंची बस्सी आयुध डिपो होशियारपुर जिले में स्थित है. होशियारपुर जिले के मुकेरियां के एक ग्रामीण ने द वायर को बताया कि ऊंची बस्सी से 10 किलोमीटर की दूरी पर भी आवाजें सुनी जा सकती थीं. ग्रामीण ने कहा, ‘हमारा गांव ऊंची बस्सी डिपो से करीब दस किलोमीटर दूर है पर हमें बहुत तेज आवाज सुनाई दी थी. कुछ ही मिनटों में इलाके में पूरी तरह अंधेरा छा गया और लोग अपने घरों के अंदर भाग गए.’

होशियारपुर जिले के कमाही देवी गांव में भी लोगों ने ड्रोन जैसी रोशनी देखी. कुछ ग्रामीणों ने वीडियो भी रिकॉर्ड किए, जिसमें आसमान में ड्रोन जैसी चीज नजर आ रही है, जिसे उनकी लाल रंग की रोशनी से पहचाना जा सकता था. ज़्यादातर को ऊंची बस्सी डिपो के ऊपर उड़ते हुए देखा गया.

कई सोशल मीडिया यूज़र्स ने जालंधर के आसमान में भी उड़ते ड्रोन जैसी वस्तुओं के वीडियो शूट किए हैं. ज्ञात हो कि भारतीय वायु सेना का आदमपुर एयर बेस शहर के नज़दीक ही है.

इस बीच, जालंधर के डिप्टी कमिश्नर हिमांशु अग्रवाल ने एहतियात के तौर पर जिले में कुछ समय के लिए ब्लैकआउट की घोषणा की है.

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