भारत-पाक संघर्षविराम के लिए सहमत, सैन्य कार्रवाई पर रोक: विदेश सचिव

भारत और पाकिस्तान ने संघर्षविराम पर सहमति जताई है. विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने बताया कि दोनों देशों के डीजीएमओ के बीच बातचीत के बाद यह निर्णय हुआ. यह संघर्षविराम शनिवार शाम 5 बजे से लागू हो गया है. 12 मई को फिर बातचीत होगी.

(प्रतीकात्मक फोटो: रॉयटर्स)

नई दिल्ली: भारत-पाक संघर्षविराम के लिए तैयार हो गए हैं. भारतीय विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने शनिवार (10 मई) शाम इसकी पुष्टि की. दोनों देशों के बीच संघर्षविराम आज शाम पांच बजे से प्रभावी हो गया है.

विदेश सचिव के मुताबिक पाकिस्तान के डायरेक्टर जनरल ऑफ मिलिट्री ऑपरेशंस (डीजीएमओ) ने भारतीय डीजीएमओ को दोपहर 3:35 बजे कॉल किया, और इस दौरान यह सहमति बनी कि दोनों पक्ष 5 बजे के बाद सभी प्रकार की गोलीबारी और सैन्य कार्रवाई बंद कर देंगे.

विदेश सचिव ने यह भी बताया कि भारत और पाकिस्तान के डीजीएमओ अधिकारी 12 मई को फिर से बातचीत करेंगे.

इससे पहले अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया था कि नई दिल्ली और इस्लामाबाद ने ‘पूर्ण और तत्काल’ संघर्षविराम पर सहमति जताई है.

ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर लिखा, ‘अमेरिका की मध्यस्थता में हुई लंबी बातचीत के बाद, मुझे यह घोषणा करते हुए खुशी हो रही है कि भारत और पाकिस्तान ने एक पूर्ण और तत्काल संघर्षविराम पर सहमति दी है.’
ट्रंप ने इस फैसले को ‘समझदारी’ बताते हुए भारत और पाकिस्तान को इसके लिए बधाई दी है.

ट्रंप के पोस्ट के कुछ ही मिनटों बाद ही पाकिस्तान के विदेश मंत्री इसहाक डार ने कहा, ‘पाकिस्तान और भारत ने तुरंत प्रभाव से संघर्षविराम पर सहमति जताई है. पाकिस्तान हमेशा क्षेत्र में शांति और सुरक्षा के लिए प्रयास करता रहा है, बिना अपनी संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता से समझौता किए.’

अमेरिका के सेक्रेटरी ऑफ स्टेट मार्को रुबियो ने एक्स पर लिखा है, ‘पिछले 48 घंटों में, उपराष्ट्रपति वेंस और मैंने भारत और पाकिस्तान के वरिष्ठ अधिकारियों से बातचीत की है, जिनमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और शहबाज शरीफ, विदेश मंत्री एस. जयशंकर, पाकिस्तानी सेना प्रमुख असीम मुनीर और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल व असीम मलिक शामिल हैं. मुझे यह घोषणा करते हुए खुशी हो रही है कि भारत और पाकिस्तान की सरकारों ने तुरंत संघर्षविराम लागू करने और बातचीत शुरू करने पर सहमति जताई है. हम प्रधानमंत्री मोदी और शरीफ की इस समझदारी, दूरदर्शिता और नेतृत्व के लिए सराहना करते हैं कि उन्होंने शांति का रास्ता चुना.’

रुबियो के इस पोस्ट को शेयर करते हुए वेंस ने अमेरिका की भूमिका की सराहना की है.

दो दिन पहले (8 मई) फॉक्स न्यूज के साथ इंटरव्यू में उपराष्ट्रपति वेंस ने भारत-पाक संघर्ष को लेकर कहा था, ‘…हम युद्ध के बीच में नहीं घुसेंगे, यह हमारा काम नहीं है और इस बात का अमेरिका के इस मामले को कंट्रोल कर पाने की क्षमता से कोई लेना-देना नहीं है.’