भारत-पाकिस्तान संघर्षविराम के बाद बीती रात विदेश मंत्रालय ने पाकिस्तान पर इसके उल्लंघन का आरोप लगाया

शनिवार शाम संघर्षविराम की घोषणा के कुछ घंटों बाद ही भारत ने पाकिस्तान पर इसके उल्लंघन का आरोप लगाया. जम्मू-कश्मीर और पंजाब में धमाकों की आवाज़ सुनी गई. इसके अलावा कुछ इलाकों में ब्लैकआउट भी लागू किया गया.

भारतीय विदेश सचिव विक्रम मिस्री के प्रेस ब्रीफिंग का स्क्रीनग्रैब.

नई दिल्ली: भारत और पाकिस्तान के बीच शनिवार (10 मई) शाम सैन्य कार्रवाई रोकने पर सहमति बनने के कुछ ही घंटों बाद जम्मू-कश्मीर और पंजाब में संघर्षविराम उल्लंघन की खबरें आईं.

शनिवार रात जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्लाह ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक पोस्ट में सवाल किया, ‘सीजफ़ायर का क्या हुआ? श्रीनगर में चारों ओर धमाकों की आवाज़ें सुनाई दे रही हैं.’

वहीं, गुजरात के गृह राज्य मंत्री हर्ष संघवी ने भी कहा, ‘कच्छ ज़िले में कई ड्रोन देखे गए हैं. अभी पूरी तरह से ब्लैकआउट लागू किया जाएगा.’

अमृतसर में भी डिप्टी कमिश्नर ने एक बयान जारी कर लोगों से कहा कि एहतियात के तौर पर ब्लैकआउट लागू किया गया है. सभी अपील कि  वे बाहर न निकलें, घर के अंदर रहें और खिड़कियों से दूर रहें. कृपया शांत रहें और सभी निर्देशों का पालन करें.

इस पूरे मामले को लेकर शनिवार देर रात भारतीय विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने एक विशेष प्रेस ब्रीफिंग में कहा कि जिस समझौते पर हम पहुंचे हैं उसका लगातार उल्लंघन किया जा रहा है.

उन्होंने कहा, ‘पिछले कुछ दिनों से हो रही सैन्य कार्रवाई को रोकने का समझौता आज शाम को हुआ था. पिछले कुछ घंटों से पाकिस्तान की तरफ़ से इस समझौते का घोर उल्लंघन हो रहा है. भारतीय सेना जवाबी कार्रवाई कर रही है और इस सीमा अतिक्रमण से निपट रही है. ये अतिक्रमण अत्यंत ही निंदनीय है और पाकिस्तान इसके लिए ज़िम्मेदार है.’

क़रीब ढाई मिनट की इस प्रेस ब्रीफिंग में विक्रम मिसरी ने कहा, ‘हमारा मानना है कि पाकिस्तान इस स्थिति को ठीक से समझे और इस अतिक्रमण को रोकने के लिए तुरंत उचित कार्रवाई करे.’

उन्होंने कहा कि सेना ने इस स्थिति पर कड़ी नज़र रखी हुई है और उसे किसी भी अतिक्रमण से निपटने के लिए ठोस और सख़्त कदम उठाने के लिए आदेश दे दिए गए हैं.

मालूम हो कि शनिवार को भारतीय समयानुसार शाम क़रीब 5.30 बजे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में भारत और पाकिस्तान के बीच सीज़फ़ायर की जानकारी दी थी.

इसके बाद विदेश मंत्री मार्को रुबियो, पाकिस्तान के उप प्रधानमंत्री इसहाक़ डार और भारत के विदेश मंत्रालय की ओर से इस ख़बर की पुष्टि की गई.

हालांकि, भारतीय सेना ने सीज़फ़ायर की घोषणा के साथ ही कहा, ‘सेना सीज़फ़ायर को लेकर बनी सहमति का पालन करेगी, लेकिन भारत की संप्रभुता बनाए रखने के लिए सेना ‘सतर्क’ रहेगी.’

भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर ने भी सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर लिखा, ‘आतंकवाद के सभी रूपों के ख़िलाफ़ भारत ने लगातार कठोर और न झुकने वाला रुख़ अपनाया है. वो ऐसा करना जारी रखेगा.’

गौरतलब है कि भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव बढ़ने की शुरुआत बीते महीने 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले से हुई थी. इस हमले में 26 लोगों मारे गए थे, जिसमें से ज्यादातर पर्यटक थे.

भारत ने इस हमले की जवाबी कार्रवाई के रूप में छह और सात मई की दरमियानी रात को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत पाकिस्तान और पीओके के नौ आतंकी ठिकानों पर हमला किया था. पाकिस्तान ने इस हमले में कई लोगों की मौत के साथ बड़े नुक़सान को स्वीकार किया था.

मालूम हो कि भारत और पाकिस्तान दोनों पड़ोसी देश हैं और बीते कुछ दिनों में दोनों के बीच गंभीर तनाव देखने को मिला. करीब चार दिनों तक दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के खिलाफ सैन्य अभियान चलाए, जिसके बाद शनिवार को सीज़फ़ायर की घोषणा की गई.