आतंकवाद विरोधी क़ानून के तहत बांग्लादेश की अंतरिम सरकार ने अवामी लीग पर प्रतिबंध लगाया

बांग्लादेश की अंतरिम सरकार ने आतंकवाद विरोधी क़ानून का हवाला देते हुए पूर्व प्रधानमंत्री शेख़ हसीना की पार्टी अवामी लीग की सभी गतिविधियों पर रोक लगा दी है. यह फैसला पार्टी और उसके नेताओं के ख़िलाफ़ चल रहे मुक़दमे के समाप्त होने तक लागू रहेगा. पार्टी ने प्रतिबंध को अवैध बताया है.

शेख़ हसीना. (फोटो साभार: फेसबुक/Bangladesh Awami League)

नई दिल्ली: बांग्लादेश की अंतरिम सरकार ने देश की अपदस्थ पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के नेतृत्व वाली राजनीतिक पार्टी अवामी लीग की सभी गतिविधियों पर प्रतिबंध लगा दिया है.

डॉयचे वेले की रिपोर्ट के अनुसार, अवामी लीग पर देश के आतंकवाद निरोधक कानून के तहत प्रतिबंध लगाया गया है.

देश के कानून सलाहकार आसिफ नजरुल ने शनिवार (10 मई) देर रात पत्रकारों को बताया, ‘यह फैसला लिया गया है कि जब तक अवामी लीग और इसके नेताओं के खिलाफ मुकदमा पूरा नहीं हो जाता, तब तक आतंकवाद विरोधी कानून के तहत पार्टी की सभी गतिविधियों, जिसमें ऑनलाइन गतिविधियां भी शामिल हैं, पर प्रतिबंध रहेगा.’

अधिकारियों ने बताया कि यह प्रतिबंध एक विशेष ट्राइब्यूनल द्वारा अवामी लीग और इसके नेताओं पर पिछले साल सरकार विरोधी प्रदर्शनों के दौरान सैकड़ों लोगों की मौत को लेकर चलाए जा रहे मुकदमे की समाप्ति तक जारी रहेगा.

शनिवार को एक विशेष कैबिनेट बैठक के बाद नजरुल ने कहा कि यह प्रतिबंध ट्राइब्यूनल के गवाहों की सुरक्षा के लिए लगाया गया है.

इससे पहले हजारों प्रदर्शनकारी ढाका की सड़कों पर धरने पर बैठे थे और उन्होंने कहा था कि जब तक अवामी लीग पर प्रतिबंध नहीं लगेगा, वे सड़कों से नहीं हटेंगे.

अवामी लीग ने इस प्रतिबंध को ‘अवैध’ बताते हुए खारिज कर दिया है.

हसीना, जो अवामी लीग की प्रमुख और बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री हैं, 5 अगस्त को बांग्लादेशी सेना द्वारा उपलब्ध कराए गए एक विशेष विमान से भारत आ गई थीं.

उन्होंने ऐसे समय में देश छोड़ा, जब प्रदर्शनकारी प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर बढ़ रहे थे. वहां से निकलने की सूचना उन्हें एक घंटे से भी कम समय पहले दी गई थी. यह प्रदर्शन छात्रों के नेतृत्व वाले आंदोलन का चरम था, जिसने अवामी लीग के 15 वर्षों के शासन का अंत कर दिया.

बांग्लादेश ने आधिकारिक रूप से भारत से हसीना को प्रत्यर्पित (वापस भेजने) करने का अनुरोध कर रखा है.