भारत ने शेख़ हसीना की पार्टी पर प्रतिबंध को चिंताजनक बताया, निष्पक्ष व समावेशी चुनाव की अपील

भारत ने बांग्लादेश में अवामी लीग पर प्रतिबंध को चिंताजनक बताया है. बांग्लादेश की अंतरिम सरकार ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह उनका आंतरिक मामला है और सभी को उनकी संप्रभुता का सम्मान करना चाहिए.

फाइल फोटो: शेख़ हसीना और नरेंद्र मोदी, नई दिल्ली, सितम्बर 2023 (पीआईबी)

नई दिल्ली: बांग्लादेश की सबसे पुरानी राजनीतिक पार्टी अवामी लीग पर अंतरिम सरकार द्वारा प्रतिबंध लगाए जाने के कुछ ही दिन बाद, भारत ने मंगलवार (13 मई, 2025) को इस घटनाक्रम को ‘चिंताजनक मामला’ बताया और बांग्लादेश में होने वाले चुनाव को ‘समावेशी’ बनाए जाने की अपील की.

भारत के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल की इस टिप्पणी पर ढाका से तुरंत प्रतिक्रिया आई, जिसमें बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के प्रमुख सलाहकार के प्रेस सचिव ने कहा कि हर किसी को बांग्लादेश की ‘संप्रभु’ इच्छाओं का सम्मान करना चाहिए.

भारत ने क्या कहा?

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा है, ‘बिना उचित प्रक्रिया के अवामी लीग पर लगाया गया प्रतिबंध चिंताजनक है. भारत एक लोकतंत्र होने के नाते, लोकतांत्रिक स्वतंत्रता के हनन और राजनीतिक दायरों के सिमटने को लेकर स्वाभाविक रूप से चिंतित है. हम बांग्लादेश में जल्द से जल्द स्वतंत्र, निष्पक्ष और समावेशी चुनाव कराने का पूरा समर्थन करते हैं.’

बांग्लादेश का क्या कहना है?

भारत की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए मोहम्मद यूनुस के प्रेस सचिव शफीकुल आलम ने कहा कि अवामी लीग ने अपने शासन के दौरान बांग्लादेश की पॉलिटिकल स्पेस को ‘काफी हद तक संकुचित’ कर दिया था और उसकी ‘संप्रभुता से समझौता’ किया था. उन्होंने अवामी लीग के शासन को ‘लूट-तंत्र’ बताया.

शफीकुल आलम ने कहा, ‘इस पार्टी द्वारा किए गए मानवता के खिलाफ अपराधों के ज़ख्म आज भी ताज़ा हैं.’ उन्होंने कहा कि अवामी लीग और उसकी सहयोगी इकाइयों पर प्रतिबंध राष्ट्र की सुरक्षा और संप्रभुता की रक्षा के लिए आवश्यक था.

उन्होंने आगे कहा, ‘चुनाव पूरी तरह से हमारा आंतरिक मामला है. हम सभी से अपील करते हैं कि चुनाव से जुड़े मामलों में हमारे लोगों की संप्रभु इच्छा का सम्मान करें.’ साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि अवामी लीग ने पहले के वर्षों में ‘बेहद दिखावटी’ चुनाव कराए थे.

अवामी लीग

अवामी लीग की स्थापना 1949 में बंगाली भाषा-आधारित राष्ट्रवाद को बढ़ावा देने और मुख्यतः उर्दू भाषी पश्चिम पाकिस्तान के प्रभुत्व को चुनौती देने के लिए की गई थी. इस पार्टी के संस्थापकों में हुसैन शहीद सुहरावर्दी, मुजीबुर रहमान और मौलाना भाशानी सहित अन्य लोग शामिल थे.

प्रोफेसर मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार ने 12 मई को एक राजपत्र (गजट नोटिफिकेशन) जारी कर अवामी लीग पर प्रतिबंध लगा दिया. छात्रों के विद्रोह के बाद प्रधानमंत्री के पद से अपदस्थ किए जाने और देश छोड़कर भारत आने से पहले शेख हसीना के नेतृत्व में अवामी लीग 2009 से लेकर 5 अगस्त 2024 तक लगातार बांग्लादेश की सत्ता में रही थी.

यूनुस ने साल की शुरुआत में घोषणा की थी कि बांग्लादेश में चुनाव दिसंबर में कराए जाएंगे.