नई दिल्ली: मध्य प्रदेश के मंत्री कुंवर विजय शाह एक बार फिर सुर्खियों में हैं. विपक्ष ने उन पर ऑपरेशन सिंदूर के चेहरों में से एक कर्नल सोफिया कुरैशी पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने का आरोप लगाया है.
वहीं, मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने इस मामले पर स्वत: संज्ञान लेते हुए मंत्री के खिलाफ एफआईआर करने के निर्देश दिए हैं.
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, भाजपा में आदिवासी समुदाय के एक महत्वपूर्ण नेता और कई बार विवादों में रहे शाह ने सोमवार (12 मई) को महू के पास एक कार्यक्रम में कहा था कि भारत ने ‘पहलगाम आतंकी हमले के लिए जिम्मेदार लोगों को उनकी अपनी बहन का इस्तेमाल करके सबक सिखाया है.’
विजय शाह एक वायरल वीडियो में यह कहते हुए सुने जा रहे हैं, ‘जिन्होंने हमारी बेटियों के सिंदूर उजाड़े, उन्हीं कटे-पिटे लोगों को उन्हीं की बहन भेजकर उनकी ऐसी-तैसी करवाई. उन्होंने कपड़े उतार-उतारकर हिंदुओं को मारा और मोदी जी ने उनकी बहन को उनकी ऐसी-तैसी करने के लिए हमारे जहाज से उनके घर भेजा.’
हालांकि, इस पूरे वीडियो में मंत्री शाह ने किसी का नाम नहीं लिया है. लेकिन विपक्षी दल कांग्रेस ने इस पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए आरोप लगाया है कि उन्होंने कर्नल कुरैशी को लेकर ये बातें कही हैं. मंत्री ने भाषण के दौरान तीन बार अपनी टिप्पणी दोहराई है.
इस मामले के तूल पकड़ने के बाद में उन्होंने स्पष्ट किया कि उनके भाषण को ‘अलग संदर्भ में’ नहीं देखा जाना चाहिए. उन्होंने कहा, ‘वे हमारी बहन हैं, और उन्होंने सशस्त्र बलों के साथ मिलकर बड़ी ताकत से बदला लिया है.’
विपक्ष ने बर्खास्तगी की मांग की
मालूम हो कि कुंवर विजय शाह के पूरे मामले को लेकर कांग्रेस शीर्ष नेतृत्व ने मंत्री की बर्खास्तगी की मांग की है.
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि कर्नल सोफिया कुरैशी को लेकर अपमानजनक टिप्पणी करने वाले विजय शाह को तत्काल बर्खास्त किया दिया जाना चाहिए.

वहीं, मध्य प्रदेश के कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने भी इस बयान पर आपत्ति जताते हुए कहा, ‘भारतीय सेना ने सिर्फ 25 मिनट में ही पाकिस्तान में 9 आतंकी ठिकानों को नष्ट कर दिया. सेना ने यह भी बताया कि पाकिस्तानी सेना के 40-45 से ज्यादा लोग मारे गए, और कई आतंकी भी मारे गए, लेकिन आज मंत्री विजय शाह ने उन बेटियों के खिलाफ अपमानजनक तरीके से बात की, जिनसे पाकिस्तानी सेना कांपती थी. अब मुख्यमंत्री मोहन यादव को स्पष्ट करना होगा कि क्या राज्य सरकार या फिर पूरा मंत्रिमंडल इस बयान से सहमत है और अगर ऐसा नहीं है, तो विजय शाह को अभी बर्खास्त कर देना चाहिए.’
#WATCH | Bhopal: On MP Minister Kunwar Vijay Shah’s objectionable remarks against Colonel Sofiya Qureshi, MP Congress chief Jitu Patwari says “The Indian Army, in just 25 minutes, destroyed nine terrorist hideouts in Pakistan. The Indian Army said in its press conference that… https://t.co/HX3FulzsuO pic.twitter.com/vP88UGt8Ay
— ANI (@ANI) May 13, 2025
मालूम हो कि अनुसूचित जनजाति (एसटी) के लिए आरक्षित हरसूद सीट से लगातार आठ चुनाव जीतने वाले शाह वर्तमान में जनजातीय मामले, सार्वजनिक संपत्ति प्रबंधन और भोपाल गैस त्रासदी राहत एवं पुनर्वास मंत्री हैं.
विवादों में घिरे रहने की उनकी प्रवृत्ति ने अक्सर उनके राजनीतिक सफर को मुश्किल में डाला है.
शाह का विवादित इतिहास
ज्ञात हो कि 2013 में शाह को तत्कालीन सीएम शिवराज सिंह चौहान की पत्नी पर कथित लैंगिक भेदभावपूर्ण टिप्पणियों के चलते राज्य मंत्रिमंडल से इस्तीफा देने के लिए मजबूर होना पड़ा था. बाद में उन्हें फिर से बहाल कर दिया गया.
एक भाजपा नेता ने नाम न बताने की शर्त पर अखबार से कहा कि हरसूद और आसपास के आदिवासी क्षेत्रों में शाह की अच्छी पकड़ ने उन्हें 12 साल पहले विवाद को लेकर अनुशासनात्मक कार्रवाई का सामना करने के बावजूद ‘बचने’ में मदद की. भाजपा नेता ने कहा, ‘उन्हें दरकिनार नहीं किया जा सकता और चौहान-काल के कई मंत्रियों को हटाए जाने के बावजूद मोहन यादव मंत्रिमंडल में प्रमुख विभाग उनके पास हैं.’
भाजपा में शाह का महत्व पार्टी के आदिवासी मतदाताओं पर नए सिरे से ध्यान केंद्रित करने से उपजा है, जो राज्य की आबादी का लगभग 21% हिस्सा हैं और अनुमान है कि वे राज्य की 230 विधानसभा सीटों में से 47 में चुनावी नतीजों को प्रभावित करते हैं.
2018 में कांग्रेस के 30 की तुलना में भाजपा ने इनमें से केवल 16 सीटें जीतीं, जिससे राज्य में पार्टी की सत्ता चली गई. पांच साल बाद भाजपा की संख्या बढ़कर 24 हो गई, क्योंकि उसने सत्ता बरकरार रखी, जिसने 2020 में कमल नाथ प्रशासन के पतन के बाद सरकार बनाई.
मालूम हो कि 2018 में ट्रांसजेंडर समुदाय के लिए शाह की टिप्पणी ने उन्हें मुश्किल में डाल दिया था. इतना ही नहीं चार साल बाद उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पूर्ववर्तियों पर अपनी ‘अपमानजनक टिप्पणी’ से भाजपा को एक बार फिर से परेशानी में डाल दिया था.
भाजपा नेता ने तब कहा था, ‘देश को आज़ाद हुए पचहत्तर साल बीत चुके हैं, लेकिन मोदी पहले ऐसे नेता हैं जो गरीबों के जीवन को बेहतर बना रहे हैं. उनसे पहले सभी प्रधानमंत्री घोड़ा, घड़ा और हाथी छाप थे. उनमें से किसी ने भी गरीबों की परवाह नहीं की.’
बाद में 2022 में शाह ने कांग्रेस सांसद राहुल गांधी पर कटाक्ष करते हुए कहा था, ‘वह 55-56 साल के हैं और शादीशुदा नहीं हैं. मेरा बेटा 28 साल का है और पहले से शादीशुदा है. एक परिवार में, अगर आपका बच्चा 25 साल की उम्र में अविवाहित है, तो पड़ोसी सवाल उठाते हैं.’
हरसूद विधायक ने शिक्षा मंत्री के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान भी विवाद खड़ा किया था, जब उन्होंने छात्रों को ‘जय हिंद’ कहकर हाजिरी लगाने के लिए कहा था. शाह ने पिछले साल जुलाई में राष्ट्रगान नहीं बजाने वाले स्कूलों और मदरसों को सरकारी सहायता में कटौती करने की चेतावनी दी थी.
शाह को दिसंबर 2024 में वन्यजीव कार्यकर्ताओं की आलोचना का भी सामना करना पड़ा था और उनके खिलाफ जांच शुरू की गई थी, जब कुछ वीडियो सामने आए थे, जिसमें उन्हें सतपुड़ा टाइगर रिजर्व के कोर जोन में ‘पिकनिक का आनंद लेते’ देखा गया.
उस समय सामने आए वीडियो में शाह एक फॉरेस्ट वॉच टावर के ऊपर खड़े होकर दो लोगों के साथ खाना बनाते हुए दिख रहे थे. मंत्री को यह कहते हुए सुना गया था कि ‘आज सही पिकनिक है. शानदार पिकनिक है.’
