छत्तीसगढ़ पुलिस का दावा- पार्टी प्रमुख बसवा राजू समेत 27 नक्सली एनकाउंटर में मारे गए

नारायणपुर ज़िले के अबूझमाड़ इलाके में नक्सलियों के ख़िलाफ़ अभियान में माकपा (माओवादी) के महासचिव समेत 27 माओवादी मारे गए हैं. पुलिस का कहना है कि मारे गए माओवादी की कंपनी अपने केंद्रीय नेतृत्व को सुरक्षा देने का काम करती थी.

(प्रतीकात्मक तस्वीर: पीटीआई फाइल)

नई दिल्ली: छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले के अबूझमाड़ इलाके में नक्सलियों के खिलाफ चल रहे एक बड़े अभियान के दौरान बुधवार (21 मई) को माकपा (माओवादी) के महासचिव नंबाला केशव राव उर्फ बसवा राजू समेत 27 माओवादी मारे गए हैं. बसवा राजू पार्टी की केंद्रीय समिति (सीसीएम) और पोलित ब्यूरो (पीबीएम) के सदस्य भी थे. 

पुलिस के अनुसार, बसवा राजू के साथ कंपनी नंबर 7 के करीब 27 माओवादी कैडर भी मारे गए हैं. यह कंपनी माओवादियों के केंद्रीय नेतृत्व को सुरक्षा देने का काम करती थी. अधिकारियों के अनुसार इस अभियान के दौरान माओवादियों के अनेकों हथियार बरामद किए गए हैं. 

इस अभियान में एक सुरक्षाकर्मी घायल हुआ है. पुलिस द्वारा बताया जा रहा है कि यह अभियान 19 मई की देर शाम से शुरू किया गया था. राज्य पुलिस को खुफिया एजेंसियों द्वारा टीएमएस इनपुट के विश्लेषण के आधार पर सूचना साझा की गई थी, जिसके बाद यह कार्रवाई शुरू की गई. नारायणपुर, दंतेवाड़ा, बीजापुर और कोंडागांव की डीआरजी टीमों ने इस ऑपरेशन को अंजाम दिया. 

अधिकारियों द्वारा जारी प्रेस रिलीज़ के मुताबिक इस मुठभेड़  के दौरान डीआरजी का एक जवान शहीद हो गया, तथा कुछ अन्य जवान घायल हुए.

इस मुठभेड़ को केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने एक ऐतिहासिक उपलब्धि बताया. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर लिखा, ‘नक्सलवाद के खात्मे की लड़ाई में एक ऐतिहासिक उपलब्धि. आज छत्तीसगढ़ के नारायणपुर में हमारे सुरक्षा बलों ने एक बड़े ऑपरेशन में 27 खूंखार माओवादियों को ढेर किया है, जिनमें सीपीआई (माओवादी) के महासचिव और नक्सल आंदोलन की रीढ़, नामबाला केशव राव उर्फ़ बसवराजु भी शामिल हैं. भारत की नक्सलवाद के खिलाफ तीन दशक लंबी लड़ाई में यह पहला मौका है जब महासचिव स्तर के शीर्ष नेता को हमारी सुरक्षा बलों ने मार गिराया है. इस बड़ी कामयाबी के लिए मैं हमारे बहादुर सुरक्षा बलों और एजेंसियों की सराहना करता हूं.’

वह आगे लिखते हैं, ‘साथ ही यह भी साझा करते हुए खुशी हो रही है कि ऑपरेशन ब्लैक फॉरेस्ट के पूरा होने के बाद छत्तीसगढ़, तेलंगाना और महाराष्ट्र में 54 नक्सलियों को गिरफ्तार किया गया है और 84 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है.’

गृहमंत्री लिखते हैं, ‘मोदी सरकार 31 मार्च 2026 से पहले नक्सलवाद को समाप्त करने के लिए संकल्पबद्ध है.’

बता दें कि अबूझमाड़ एक ऐसा क्षेत्र है जिसे अब तक सर्वे नहीं किया गया है, और इसका क्षेत्रफल गोवा राज्य से भी बड़ा है. इसका बड़ा हिस्सा नारायणपुर जिले में आता है, लेकिन यह बीजापुर, दंतेवाड़ा, कांकेर और महाराष्ट्र के गढ़चिरौली जिले तक भी फैला हुआ है.

यह कार्रवाई छत्तीसगढ़-तेलंगाना सीमा पर स्थित कर्रेगुटा की पहाड़ियों पर नक्सलियों के ख़िलाफ चलाए गए एक बड़े अभियान के महज एक महीने के भीतर हुई है. 

करीब 21 दिनों तक चले इस अभियान में 30 माओवादी मारे गए. इस अभियान को सहसा रोक दिए जाने के बाद और इसको लेकर किए जा रहे बड़े दावों पर सवाल उठाए गए, लेकिन शीर्ष अधिकारियों का दावा है कि इसमें माओवादियों के प्रमुख नेतृत्व और उनकी सशस्त्र इकाई पीपुल्स लिबरेशन गुरिल्ला आर्मी (पीएलजीए) की कुख्यात बटालियन-1 को बड़ा नुकसान पहुंचाया गया. 

ज्ञात हो कि केंद्र सरकार ने साल 2026 तक देश भर से नक्सलवाद को समाप्त करने का संकल्प किया है, जिसके तहत ऑपरेशन कगार चलाया गया है. माओवादियों के ख़िलाफ अभियान में तेजी इसी ऑपरेशन के तहत आई है. साल 2025 के पहले चार महीने तक ही 197 माओवादी मारे जा चुके हैं.