नई दिल्ली: अमेरिका में न्यूजर्सी के नेवार्क हवाई अड्डे पर अधिकारियों द्वारा कथित तौर पर एक भारतीय युवक को रोके जाने का वीडियो वायरल होने के दो दिन बाद भारत ने दिल्ली स्थित अमेरिकी दूतावास के समक्ष यह मुद्दा उठाया है.
रिपोर्ट के मुताबिक, इस संबंध में अधिकारियों ने मंगलवार (10 जून) को यह जानकारी दी. हालांकि, अभी स्थिति का ब्यौरा नहीं दिया गया है.
आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि विदेश मंत्रालय ने नई दिल्ली स्थित अमेरिकी दूतावास के समक्ष औपचारिक रूप से मामला उठाया है.
वहीं, वाशिंगटन स्थित भारतीय दूतावास और न्यूयॉर्क स्थित वाणिज्य दूतावास का कहना है कि वह घटना के विवरण का पता लगाने के लिए अमेरिकी अधिकारियों के संपर्क में हैं.
हालांकि, दूतावास ने कहा कि उन्हें अभी तक घटना या परिस्थितियों के बारे में कोई जानकारी नहीं मिली है, जिसके तहत युवक को रोका गया. दूतावास मामले पर नज़र बनाए हुए हैं.
न्यूयॉर्क में भारतीय दूतावास ने इस घटना को संबोधित करते हुए सोशल मीडिया मंच एक्स पर कहा, ‘एक भारतीय नागरिक को नेवार्क लिबर्टी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर कठिनाइयों का सामना करना पड़ा. हम इस संबंध में स्थानीय अधिकारियों के संपर्क में हैं. वाणिज्य दूतावास भारतीय नागरिकों के कल्याण के लिए हमेशा प्रतिबद्ध है.’
We have come across social media posts claiming that an Indian national is facing difficulties at Newark Liberty International Airport. We are in touch with local authorities in this regard.
The Consulate remains ever committed for the welfare of Indian Nationals.@MEAIndia…
— India in New York (@IndiainNewYork) June 9, 2025
मालूम हो कि इस घटना की सबसे पहले जानकारी भारतीय-अमेरिकी उद्यमी कुणाल जैन ने एक सोशल मीडिया पोस्ट के माध्यम से दी थी. उन्होंने रविवार (8 जून) को अपने एक्स हैंडल से एक वीडियो पोस्ट की, जिसके बाद इस मामले ने तूल पकड़ लिया.
यह फुटेज न्यूयॉर्क शहर के बाहरी इलाके में स्थित नेवार्क लिबर्टी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे की बताई जा रही है. इसमें एक छात्र को जमीन पर गिरा हुआ देखा जा सकता है, जिसे कम से कम चार अधिकारियों ने पकड़ रखा है, जिनमें से दो ने अपने घुटने उसकी पीठ पर रखे हैं. उन्होंने छात्र के हाथ-पैर में हथकड़ी लगा रखी है.
कुणाल जैन ने एक्स पर अपनी पोस्ट में लिखा, ‘मैंने कल रात एक युवा भारतीय छात्र को नेवार्क एयरपोर्ट से निर्वासित होते देखा. उसे हथकड़ी लगाई गई थी, वो रो रहा था. उसके साथ एक अपराधी की तरह व्यवहार किया गया. वह सपनों का पीछा करते हुए आया था, कोई नुकसान नहीं पहुंचा रहा था. एक एनआरआई के रूप में, मुझे असहाय और टूटा हुआ महसूस हुआ. यह एक मानवीय त्रासदी है.’
उन्होंने अमेरिका में भारतीय दूतावास से मामले की जांच करने और छात्र को सहायता प्रदान करने का भी अपील की.
उल्लेखनीय है कि इस मामले में पीड़ित युवक की पहचान अभी तक अज्ञात है. जैन ने दावा किया है कि युवक को हरियाणवी उच्चारण वाली हिंदी में यह कहते हुए सुना जा सकता है कि वह ‘पागल’ नहीं है, जबकि वहां के अधिकारी उसे पागल बताने की कोशिश कर रहे हैं.
युवक को रोकने वाले लोग पोर्ट अथॉरिटी ऑफ न्यूयॉर्क एंड न्यू जर्सी के पुलिस विभाग के लेबल वाले गियर पहने हुए दिखाई दिए, जो दोनों राज्यों को जोड़ने वाले हवाई अड्डों, बंदरगाहों, पुलों और सुरंगों का संचालन करता है.
जैन ने यह भी दावा किया कि युवक नेवार्क से नई दिल्ली जाने वाली उसी फ्लाइट में सवार होने वाला था, लेकिन ‘पायलट ने बाहर आकर स्थिति देखी और उसे विमान में चढ़ने की अनुमति देने से इनकार कर दिया.’
I witnessed a young Indian student being deported from Newark Airport last night— handcuffed, crying, treated like a criminal. He came chasing dreams, not causing harm. As an NRI, I felt helpless and heartbroken. This is a human tragedy. @IndianEmbassyUS #immigrationraids pic.twitter.com/0cINhd0xU1
— Kunal Jain (@SONOFINDIA) June 8, 2025
विपक्ष ने सरकार को ‘विफल’कहा
इसी बीच, कांग्रेस सांसद और महासचिव जयराम रमेश ने जैन की तस्वीरों को फिर से पोस्ट करते हुए मंगलवार को मोदी सरकार पर ‘भारत और भारतीयों के सम्मान की रक्षा करने में विफल’ होने का आरोप लगाया.
जयराम रमेश ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि अमेरिका में भारतीय नागरिकों के सम्मान को ठेस पहुंचाई जा रही है और भारतीयों को अपमानित करने की घटना ट्रंप के राष्ट्रपति पद पर बैठने के साथ से आरंभ हो गई थी, जो रुकने का नाम नहीं ले रही है.
रमेश ने एक्स पर लिखा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ‘संघर्षविराम या अमेरिका में भारतीयों के खिलाफ हो रहे अत्याचारों पर बोलने का साहस नहीं जुटा पाए हैं.’
The Modi Government is failing to protect the honour of India and Indians.
For the first time in history, a US head of state has announced a ceasefire between India and Pakistan in Washington DC. The US President is continuously claiming credit for maintaining pressure on India.… pic.twitter.com/h8wMFruxLu
— Jairam Ramesh (@Jairam_Ramesh) June 10, 2025
उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के इस दावे का भी जिक्र किया कि अमेरिका ने 10 मई को चार दिनों तक चले भारत-पाकिस्तान सैन्य संघर्ष के बाद दोनों देशों के बीच संघर्षविराम में मध्यस्थता की थी.
उन्होंने कहा कि अमेरिका में आए दिन भारतीयों के साथ अन्याय होने और उन्हें प्रताड़ित करने की खबरें आ रही हैं और मोदी सरकार इस काम में पूरी तरह से विफल रही है. भारत और भारतीयों के सम्मान की रक्षा करना प्रधानमंत्री मोदी की सबसे महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों में से एक है.
उन्होंने आगे कहा कि हम मांग करते हैं कि पीएम मोदी राष्ट्रपति ट्रंप से बात करें और भारतीयों के खिलाफ हो रहे अत्याचारों और अमेरिका में लाखों भारतीय छात्रों में व्याप्त भय के मामले में हस्तक्षेप करने की अपील करें.
गौरतलब है कि हवाई अड्डे की यह घटना ऐसे समय में हुई है, जब अमेरिका में रह रहे सैकड़ों अंतरराष्ट्रीय छात्रों, जिनमें भारतीय नागरिक भी शामिल हैं, ने ट्रंप प्रशासन द्वारा उनके वीजा रद्द किए जाने की बात साझा की है. उनमें से कुछ ने तो राहत के लिए अदालतों का दरवाजा भी खटखटाया है.
इस मामले पर भारतीय विदेश मंत्रालय का कहना है कि वह अमेरिका में भारतीय छात्रों, जो अपने छात्र वीजा से जुड़ी समस्याओं का सामना कर रहे हैं और भारत के मिशनों से संपर्क कर रहे हैं, का ‘सहयोग’ कर रहा है.
हालांकि, इससे पहले मंत्रालय ने कहा था कि विदेश में रहने वाले भारतीय नागरिकों को स्थानीय कानूनों का पालन करना चाहिए.
