अहमदाबाद हादसे से पांच दिन पहले पेरिस जा रही एयर इंडिया फ्लाइट धुएं के चलते वापस लौटी थी

अहमदाबाद हादसे के ठीक पांच दिन पहले भी एयर इंडिया की दिल्ली से पेरिस जाने वाली एक फ्लाइट को दिल्ली वापस लौटना पड़ा था. यात्रियों द्वारा बिजली के सॉकेट से धुंआ निकलने की शिकायत के बाद विमान को पांच घंटे शारजाह में जांच के लिए रोका गया. इसके बाद विमान दिल्ली लौट आया.

(फोटो साभार: ट्विटर/@airindiain)

नई दिल्ली: नागरिक उड्डयन महानिदेशक (डीजीसीए) ने मंगलवार (17 जून) को कहा था कि एयर इंडिया के बोइंग 787 बेड़े को लेकर की गई उनकी हालिया निरीक्षण रिपोर्ट में ‘कोई बड़ी सुरक्षा चूक नहीं’ मिली है. हालांकि, पिछले सप्ताह हुए अहमदाबाद विमान हादसे से पहले ही यात्रियों द्वारा इस संबंध में चिंता जताई गई थी.

मालूम हो कि लंदन जाने वाली एयर इंडिया की बोइंग 787 ड्रीमलाइनर फ्लाइट सरदार वल्लभभाई पटेल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से उड़ान भरने के एक मिनट के भीतर दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी. इसमें सवार 242 यात्रियों और केबिन क्रू में से 241 की इस हादसे में मौत हो गई थी.

इस हादसे के ठीक पांच दिन पहले भी एयर इंडिया के दिल्ली से पेरिस जाने वाली एक फ्लाइट को दिल्ली वापस लौटना पड़ा था.

यात्रियों द्वारा बिजली के सॉकेट से धुआं निकलने की सूचना दिए जाने के बाद फ्लाइट AI 143 जिसे पेरिस जाना था, को शारजाह की ओर मोड़ दिया गया था. इसे मेंटेनेंस जांच के लिए 5 घंटे से अधिक समय तक रोका गया और फिर इसकी दिल्ली वापसी हो गई.

‘ऐसा लग रहा था कि अंदर कोई तार जल रहा है और इसलिए बहुत ज़्यादा धुआं था’

इस विमान की इकोनॉमी क्लास में यात्रा कर रहे एक यात्री, जो अपना नाम नहीं बताना चाहते हैं, ने बताया कि उड़ान भरने के लगभग 4 घंटे बाद जब विमान संभवत: दुबई पार कर चुका था, उन्होंने सीट से धुआं निकलने की शिकायत की. उस दौरान शॉर्ट सर्किट हुआ और अचानक बहुत ज़्यादा धुआं निकलने लगा, हालांकि कोई लपट या आग नहीं थी. लेकिन ऐसा लग रहा था कि अंदर कोई तार जल रहा था.

उन्होंने आगे कहा, ‘पहले तो मुझे लगा कि यह सीट के बगल में लगे एयर वेंट की वजह से हो रहा है, क्योंकि हम कंबल का इस्तेमाल कर रहे थे, इसलिए शायद कंबल फंस गया होगा या कुछ प्लास्टिक अंदर फंस गया होगा. लेकिन ऐसा नहीं था. चालक दल ने आग बुझाने वाले यंत्रों का इस्तेमाल किया और हमने शारजाह में आपातकालीन लैंडिंग की. वहां हमें विमान से उतरने की अनुमति नहीं दी गई, हम लगभग साढ़े 5 घंटे तक विमान में बैठे रहे. तकनीशियन विमान में आए और उन्होंनेे जांच की. हमें तब बताया गया कि उन्हें पेरिस में उतरने के लिए सभी मंज़ूरियां नहीं मिली हैं, इसलिए हमें वापस दिल्ली लौटना पड़ रहा है,’

फ्लाइट अवेयर पर फ्लाइट की जानकारी से यह भी पता चलता है कि फ्लाइट दिल्ली से दोपहर 1:18 बजे पेरिस के लिए रवाना हुई और उसे शारजाह की ओर मोड़ दिया गया. इसके बाद यह रात 9:43 बजे शारजाह से रवाना हुई और सुबह 2:41 बजे दिल्ली लौट आई.

वेबसाइट से यह भी पता चलता है कि ये एयर इंडिया की फ्लाइट बोइंग 787 थी- ठीक उसी तरह का विमान, जो अहमदाबाद में पांच दिन बाद दुर्घटनाग्रस्त हो गया था.

पेरिस जाने वाली फ्लाइट में सवार एक अन्य यात्री ने बताया कि उन्हें फ्लाइट में किसी को कहते सुना कि इकोनॉमी में आग लग गई है. लेकिन यात्रियों को बताया गया कि उन्हें उतरने की अनुमति है, क्योंकि इसके लिए मंजूरी नहीं मिली है.

यात्री ने आगे कहा, ‘इंजीनियर विमान पर आए और करीब डेढ़ घंटे तक चीजों को ठीक किया. हम क्यों टर्मिनल पर ही रुके रहे, इसका कोई स्पष्टीकरण नहीं दिया गया. विमान 5.5 घंटे तक टर्मिनल पर ही रहा – यात्रियों को कोई निर्णय लेने का मौका नहीं मिला. तब तक पेरिस जाना संभव नहीं था (क्योंकि आधी रात के बाद वहां उतरने की अनुमति नहीं है). ऐसे में विमान को वापस दिल्ली (4.5 घंटे की उड़ान) की ओर मोड़ दिया गया.’

उन्होंने एयर इंडिया से यात्रा करने को लेकर कहा कि उन्हें उम्मीद थी कि विमान के प्रबंधन में बदलाव से 3 साल में सेवाएंं बेहतर हुई होंगी, लेकिन उन्हें निराशा ही हाथ लगी.

यात्री के अनुसार, ‘अगर सुरक्षा से समझौता किया जाता है तो क्रू की वर्दी, भोजन और सीट कवर बदलने का कोई मतलब नहीं है.’

तकनीकी समस्या के कारण फ्लाइट को शारजाह डायवर्ट किया गया

एयर इंडिया के करीबी सूत्रों ने कहा कि तकनीकी समस्या के कारण फ्लाइट को शारजाह डायवर्ट किया गया था.

सूत्रों ने बताया, ‘कुछ तकनीकी समस्या थी, जिसके कारण फ्लाइट को शारजाह की ओर मोड़ दिया गया. जब सभी आवश्यक जांच की गई, तब तक फ्लाइट उड़ान भरने के लिए तैयार थी. उस समय तक क्रू एफडीटीएल (फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिटेशन, पायलट और केबिन क्रू की थकान को प्रबंधित करने और उड़ान सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए भारत में डीजीसीए द्वारा स्थापित नियमों का संदर्भ) के अंतर्गत आ गया. इसलिए क्रू पेरिस तक नहीं जा सका. जांच में समय लगा, क्योंकि यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करनी थी. जब तक सभी इंजीनियर 100% सुनिश्चित नहीं हो जाते, तब तक फ्लाइट उड़ान नहीं भर सकती थी.’

गौरतलब है कि डीजीसीए ने मंगलवार को एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस के साथ एक उच्च स्तरीय बैठक के बाद कहा था कि एयर इंडिया के बोइंग 787 बेड़े पर हाल ही में की गई निगरानी में कोई बड़ी सुरक्षा चूक सामने नहीं आई है, लेकिन डीजीसीए ने रियल-टाइम डिफेक्ट रिपोर्टिंग सिस्टम लागू करने का सुझाव दिया है, ताकि सुरक्षा विभागों को समय पर जानकारी मिल सके.

डीजीसीए के बयान में कहा गया है, ‘एयरलाइन को इंजीनियरिंग, संचालन, ग्राउंड हैंडलिंग इकाइयों में आंतरिक समंवय को मजबूत करने और ऐसे मुद्दों के परिणामस्वरूप यात्रियों की देरी को कम करने के लिए पर्याप्त स्पेयर की उपलब्धता सुनिश्चित करने और नियमों का सख्ती से पालन करने की सलाह दी गई है.’

उल्लेखनीय है कि डीजीसीए के आंकड़ों के अनुसार, 12 से 17 जून के बीच एयर इंडिया के बेड़े की कुल 66 बोइंग 787 उड़ानें रद्द कर दी गई हैं.

बुधवार (18 जून) को एयर इंडिया ने घोषणा की कि वह ‘कम से कम जुलाई के मध्य तक’ वाइडबॉडी विमानों पर अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में 15% की कमी कर रही है.

एयरलाइन ने अपने बयान में कहा कि एयर इंडिया के सामने आई कठिन परिस्थितियों को देखते हुए, परिचालन की स्थिरता, बेहतर दक्षता सुनिश्चित करने तथा यात्रियों की असुविधा को कम करने के लिए एयर इंडिया ने अगले कुछ सप्ताहों के लिए वाइडबॉडी विमानों पर अपनी अंतरराष्ट्रीय सेवाओं में 15 प्रतिशत की कटौती करने का निर्णय लिया है.

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