2024 के बाद के घटनाक्रम इस सवाल को जन्म देते हैं कि क्या अमित शाह सिर्फ दूसरे नंबर के नेता हैं, जिन्हें नरेंद्र मोदी अपनी राजनीति मज़बूत करने के लिए आगे कर रहे हैं, या फिर 2029 पर नज़र टिकाए भाजपा, जो 2024 जैसी स्थिति दोबारा नहीं चाहती, किसी उत्तराधिकार योजना पर काम कर रही है.
राज्यसभा में विपक्ष के कुल 73 सदस्यों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग करते हुए एक नया नोटिस दिया है, जिसमें कुमार के ख़िलाफ़ 'प्रमाणित कदाचार' की बात कही गई है. इसमें आदर्श आचार संहिता के पालन में लगातार पक्षपातपूर्ण व्यवहार से लेकर चुनावी राज्य तमिलनाडु में अधिकारियों के तबादले तक कुल नौ आरोप लगाए गए हैं.
भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने संसद के विशेष सत्र से पहले मंगलवार को सभी सांसदों को तीन विधेयक भेजे हैं- जिनका उद्देश्य लोकसभा की सीटों की संख्या बढ़ाकर महिला आरक्षण को 'अमल' में लाना है. लेकिन प्रस्तावित क़ानूनों को पढ़ने से पता चलता है कि इनका इस्तेमाल महिलाओं के राजनीतिक प्रतिनिधित्व से परे व्यापक बदलाव लाने के लिए किया जा रहा है.
केंद्र सरकार ने हाल के हफ्तों में इस मुद्दे पर सहमति बनाने के लिए विपक्षी दलों से संपर्क भी किया है, ताकि आरक्षण को जल्द लागू किया जा सके. हालांकि, प्रस्तावित बदलावों पर चर्चा के लिए विपक्ष ने विधानसभा चुनावों के बाद सर्वदलीय बैठक की मांग की थी, जिसे स्वीकार नहीं किया गया.
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने के लिए महाभियोग प्रस्ताव पर संसद के दोनों सदनों के कुल 193 सांसदों ने हस्ताक्षर किए थे. लोकसभा और राज्यसभा, दोनों ने सोमवार को इस प्रस्ताव को ख़ारिज दिया. हालांकि, ऐसा करने के पीछे कोई कारण नहीं बताया गया है.
पश्चिम एशिया में जारी तनाव को लेकर हुई सर्वदलीय बैठक के दौरान जब विपक्ष ने ईरान और अमेरिका के बीच इस्लामाबाद के बैक-चैनल मध्यस्थ के रूप में उभरने पर सवाल उठाया, तब सरकार ने जवाब दिया कि भारत पाकिस्तान की तरह ‘दलाल’ देश नहीं है. केंद्रीय मंत्री किरन रिजिजू ने कहा कि सरकार ने बैठक में सभी सवालों के जवाब दे दिए हैं और विपक्ष ने अपना समर्थन जताया है, हालांकि विपक्षी दलों ने बैठक को ‘असंतोषजनक’ बताया.
सरकार द्वारा विधेयक को संसदीय समिति को भेजने से इनकार किए जाने के विरोध में विपक्ष के वॉकआउट के बीच लोकसभा ने मंगलवार को ट्रांसजेंडर व्यक्तियों (अधिकारों का संरक्षण) संशोधन विधेयक, 2026 को ध्वनिमत से पारित कर दिया. एलजीबीटीक्यूआईए+ समुदाय इसके प्रावधानों का लगातार विरोध कर रहा है और विभिन्न दलों के सांसदों ने भी संसद में इसे लेकर विरोध जताया.
विपक्ष ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला को पद से हटाने की मांग करते हुए संसद में अविश्वास प्रस्ताव पेश किया और आरोप लगाया गया कि स्पीकर के रूप में बिड़ला ने पक्षपातपूर्ण तरीके से काम किया. इनमें दिसंबर 2023 में 100 सांसदों का अभूतपूर्व निलंबन भी शामिल है.
संसद में जारी बजट सत्र के दूसरे चरण के दौरान विपक्षी दल मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के ख़िलाफ़ महाभियोग प्रस्ताव लाने की तैयारी में है. मुख्य चुनाव आयुक्त को सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस की तरह ही संसदीय महाभियोग प्रक्रिया से हटाया जा सकता है.
बिहार में सरकार का चेहरा बदलने की अटकलों के बीच मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने एक्स पर लिखे एक पोस्ट में राज्यसभा जाने की 'इच्छा' ज़ाहिर की है. साथ यह भी घोषणा की कि राज्य में नई सरकार का गठन किया जाएगा.
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (एक समुद्री मार्ग) में अनिश्चितता के बीच भारत की ऊर्जा सुरक्षा को लेकर चिंताएं गहरा गई हैं. तेल क़ीमतों में उछाल और आयात निर्भरता के बीच पेट्रोलियम मंत्री की चुप्पी कई सवाल खड़े कर रही है. साथ ही, सरकार की तैयारी और विकल्पों पर बहस तेज़ हो गई है.
द वायर ने अब तक सार्वजनिक न किए गए सरकारी 'सहयोग' पोर्टल (आईटी इंटरमीडियरी) का यूज़र मैनुअल, जिसमें केंद्र सरकार का ऑनलाइन कंटेंट हटाने का पूरा तरीका बताया गया है, का विश्लेषण किया है. मैनुअल बताता है कि कैसे ऑनलाइन कंटेंट हटाने के आदेश एकतरफा होते हैं, जहां हितधारकों में सरकार और सोशल मीडिया कंपनियों के बीच बात हो रही है और मूल कंटेट लिखने या बनाने वाला नदारद है.
सरकार की कुल आय में आयकर (व्यक्तिगत कर) की हिस्सेदारी 21% है, जो कॉरपोरेट कर (18%) से अधिक है. दस्तावेज़ के मुताबिक, 2026-27 के लिए कॉरपोरेट टैक्स का बजट अनुमान 12,31,000 करोड़ रुपये है, जबकि आयकर से प्राप्ति का अनुमान 14,66,000 करोड़ रुपये रखा गया है.
मोदी सरकार द्वारा मनरेगा का नाम बदलने से जुड़े विधेयक को सूचीबद्ध किए जाने पर विपक्ष और सामाजिक संगठनों ने कड़ा विरोध जताया है. उनका आरोप है कि यह केवल नाम परिवर्तन नहीं, बल्कि काम के अधिकार को कमज़ोर करने और केंद्र का नियंत्रण बढ़ाने की कोशिश है.
मंगलवार को लोकसभा में चुनावी सुधारों पर चर्चा शुरू हुई. इस दौरान विपक्ष ने 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में चल रही एसआईआर प्रक्रिया की कमियों को उजागर किया. बहस के दौरान विपक्षी दलों ने चुनाव आयोग पर निष्पक्षता की कमी का आरोप लगाया और पुनः बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग की.