ओडिशा: वरिष्ठ अधिकारी के साथ खुलेआम मारपीट, नवीन पटनायक ने सीएम से कार्रवाई का आग्रह किया

सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में सामने आया कि भुवनेश्वर नगर निगम मुख्यालय में एक वरिष्ठ अधिकारी पर एक समूह द्वारा बेरहमी से हमला किया गया. यह घटना कथित तौर पर निगम की साप्ताहिक शिकायत सुनवाई के दौरान हुई, जिसे लेकर पूर्व सीएम नवीन पटनायक ने राज्य की क़ानून व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं.

बीएमसी के अतिरिक्त आयुक्त रत्नाकर साहू पर हमले के वीडियो का स्क्रीनशॉट. (फोटो साभार: X/@Ratnakar Sahoo)

नई दिल्ली: सोशल मीडिया पर सोमवार (30 जून) को वायरल एक वीडियो में देखा गया कि भुवनेश्वर नगर निगम (बीएमसी) मुख्यालय में एक वरिष्ठ नगर निगम अधिकारी पर कुछ व्यक्तियों के समूह द्वारा बेरहमी से हमला किया गया.

रिपोर्ट के मुताबिक, यह घटना कथित तौर पर निगम की साप्ताहिक शिकायत सुनवाई के दौरान हुई.

सोशल मीडिया पर सामने आए एक वीडियो में बीएमसी के ओएएस अतिरिक्त आयुक्त रत्नाकर साहू को छह से सात व्यक्तियों के एक समूह द्वारा बेरहमी से पीटते हुए और कार्यालय से बाहर घसीटते ले जाता हुआ देखा जा सकता है.

इस घटना को लेकर बीजू जनता दल (बीजद) के प्रमुख और ओडिशा के पूर्व मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर दुख जताते हुए मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी से दोषियों के खिलाफ तत्काल और सख्त कार्रवाई करने की मांग की है.

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि यह घटना एक भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पार्षद के सामने हुई, जो कथित तौर पर एक हारे हुए भाजपा विधायक उम्मीदवार से जुड़े हुए हैं.

पूर्व मुख्यमंत्री ने आगे कहा, ‘मैं यह वीडियो देखकर पूरी तरह से स्तब्ध हूं. आज बीएमसी के ओएएस एडिशनल कमिश्नर, अतिरिक्त सचिव रैंक के एक वरिष्ठ अधिकारी श्री रत्नाकर साहू को उनके कार्यालय से घसीटा गया और एक भाजपा पार्षद के सामने बेरहमी से लात-घूंसों से पीटा गया, जो कथित तौर पर एक पराजित भाजपा विधायक उम्मीदवार से जुड़े थे.’

उन्होंने आगे कहा, ‘भयावह बात यह है कि यह घटना दिनदहाड़े राजधानी भुवनेश्वर के मध्य में एक वरिष्ठ अधिकारी के साथ हुई, जब वह अपने कार्यालय में लोगों की शिकायतें सुन रहे थे.’

नवीन पटनायक ने राज्य में कानून व्यवस्था की स्थिति पर सवाल उठाते हुए कहा, ‘मैं मुख्यमंत्री से न केवल उन लोगों के खिलाफ तत्काल और अनुकरणीय कार्रवाई करने का आग्रह हूं, जिन्होंने इस शर्मनाक हमले को अंजाम दिया, बल्कि इससे भी जरूरी यह है कि उन राजनीतिक नेताओं के खिलाफ भी कार्रवाई की जाए, जिन्होंने हमले की साजिश रची. अधिकारी ने अपनी एफआईआर में जिन लोगों का नाम लिया है, उन्होंने अपराधियों की तरह व्यवहार किया है. अगर एक वरिष्ठ अधिकारी अपने ही कार्यालय में सुरक्षित नहीं है, तो आम नागरिक सरकार से किस तरह की कानून व्यवस्था की उम्मीद कर सकते हैं.’

उन्होंने आगे कहा, ‘मैं केवल यही उम्मीद करता हूं कि श्री माझी अपनी सरकार में विश्वास बहाल करने के लिए तत्काल कार्रवाई करने का निर्देश देंगे और पूर्व राज्यपाल के बेटे द्वारा एक अधिकारी पर किए गए हमले की तरह इस जघन्य कृत्य को दंडित होने से नहीं बचाएंगे. ओडिशा के लोग इसे माफ नहीं करेंगे.’

इस बीच, बीजद कार्यकर्ताओं और बीएमसी कर्मचारियों ने साहू पर हमले के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया, जिससे कथित तौर पर शहर के प्रमुख मार्ग जनपथ पर सड़क जाम हो गया और यातायात बाधित रहा.

हमले के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करने के लिए हिरासत में ली गई मेयर सुलोचना दास ने लाइव मिंट से कहा कि ओडिशा में ‘कोई भी सुरक्षित नहीं है.’

इस मामले को लेकर खारवेल नगर थाने में भारतीय न्याय संहिता की धारा 333 (अतिक्रमण), 132 (हमला या आपराधिक बल), 121 (1), 121 (2) (चोट पहुंचाना), 109 (हत्या का प्रयास), 351 (2) (आपराधिक धमकी), 140 (2) (अपहरण/हरण), 304 (चल संपत्ति जब्त करना), 61 (2) (आपराधिक साजिश) और अन्य धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की गई है.

वहीं, घटना के संबंध में पुलिस ने अब तक तीन लोगों को गिरफ्तार किया है, जिसमें जीवन राउत, रश्मि महापात्रा और देबाशीष प्रधान शामिल हैं.