नई दिल्ली: छत्तीसगढ़ पुलिस के अनुसार, राज्य के गरियाबंद ज़िले में गुरुवार (11 सितंबर) की दोपहर सुरक्षा बलों और नक्सलियों के बीच हुई मुठभेड़ में 10 नक्सली मारे गए हैं.
बताया गया है कि मारे गए माओवादियों में माओवादियों के केंद्रीय समिति के सदस्य मनोज उर्फ़ मोडेम बालकृष्णा भी शामिल हैं. इस दौरान सुरक्षा बल के किसी भी जवान के हताहत होने की ख़बर नहीं है, और इलाके में सर्च ऑपरेशन जारी है.
यह मुठभेड़ गरियाबंद के माताल इलाके के जंगलों में हुई. जानकारी के मुताबिक, बुधवार रात को सुरक्षा बलों को इनपुट मिला था कि मोस्ट वांटेड माओवादी बालकृष्णा अपने साथियों के साथ हथियारबंद होकर इस इलाके में छिपा है. इसी आधार पर सुरक्षा बलों ने ऑपरेशन शुरू किया.
इस ऑपरेशन को गरियाबंद की विशेष एंटी-नक्सल यूनिट ‘एलीट 30’, स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) और सीआरपीएफ की कोबरा बटालियन ने अंजाम दिया.
आईजीपी अमरेश मिश्रा ने बताया, ‘दोपहर में मुठभेड़ शुरू हुई. नक्सलियों ने हमारी टीम पर अंधाधुंध गोलीबारी की, जिसके बाद जवानों ने जवाबी कार्रवाई की. गोलीबारी शाम तक जारी रही. बाद में जब तलाशी ली गई तो नक्सलियों के शव बरामद हुए. उनके पास से ऑटोमैटिक हथियार भी मिले हैं. सभी जवान सुरक्षित हैं, लेकिन सावधानी बरती जा रही है क्योंकि नक्सली अक्सर ऑपरेशन से लौटते समय आईईडी से हमला कर देते हैं.’
एक अन्य अधिकारी ने बताया कि ‘मुठभेड़ स्थल घने जंगल और दुर्गम पहाड़ियों के बीच है, जिसके चलते यह अभियान काफ़ी चुनौतीपूर्ण था. बुधवार रात बारिश के बीच ऑपरेशन चलाना बेहद मुश्किल हो गया था.’
अधिकारियों ने पुष्टि की है कि मारे गए नक्सलियों में केंद्रीय समिति का 1 करोड़ इनामी सदस्य बालकृष्णा भी शामिल हैं. माओवादियों संगठन की केंद्रीय समिति पोलित ब्यूरो के ठीक नीचे की सबसे अहम इकाई मानी जाती है. कई दशक पहले नक्सल आंदोलन से जुड़े बालकृष्णा अविभाजित आंध्र प्रदेश से थे.
बालकृष्णा को भास्कर, रामचंद्र, बलाना इत्यादि नामों से भी जाना जाता था.
गृह मंत्री ने दी बधाई
इसके बाद केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने इस कार्रवाई के लिए सुरक्षाबलों को बधाई देते हुए सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर लिखा, ‘नक्सलियों के विरुद्ध हमारे सुरक्षा बलों ने आज एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की है. छत्तीसगढ़ में सीआरपीएफ की कोबरा कमांडो, छत्तीसगढ़ पुलिस और डीआरजी ने जॉइंट ऑपरेशन चलाकर 1 करोड़ के इनामी सीसीएम मोडेम बालकृष्णा उर्फ मनोज सहित 10 कुख्यात नक्सलियों को मारा गिराया है. समय रहते बचे-खुचे नक्सली भी आत्मसमर्पण कर दें. आगामी 31 मार्च से पहले लाल आतंक का समूल नाश निश्चित है.’
नक्सलियों के विरुद्ध हमारे सुरक्षा बलों ने आज एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की है। छत्तीसगढ़ में CRPF की कोबरा कमांडो, छत्तीसगढ़ पुलिस और DRG ने जॉइंट ऑपरेशन चलाकर ₹1 करोड़ के इनामी सीसीएम मोडेम बालकृष्णा उर्फ मनोज सहित 10 कुख्यात नक्सलियों को मारा गिराया है। समय रहते बचे-खुचे नक्सली…
— Amit Shah (@AmitShah) September 11, 2025
ज्ञात हो कि गृहमंत्री ने पूरे देश से नक्सलवाद के खात्मे के लिए 31 मार्च 2026 तक की समयसीमा तय की है. इसके लिए छत्तीसगढ़ और अन्य नक्सल प्रभावित इलाक़ों में ऑपरेशन कगार चलाया जा रहा है, जिसके अंतर्गत इस वर्ष अब तक 241 माओवादी मारे जा चुके हैं.
गौरतलब है कि इस साल जनवरी के महीने में गरियाबंद के माताल इलाके में एक अन्य नक्सल विरोधी अभियान में 14 माओवादी मारे गए थे, जिसमें केंद्रीय समिति का सदस्य जयराम उर्फ़ चलपति शामिल थे, जिन पर भी 1 करोड़ रुपये का इनाम घोषित था.
तिप्पिरी तिरुपति बन सकते हैं माओवादियों के नए महासचिव
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, माओवादियों के नए महासचिव के रूप में तिप्पिरी तिरुपति उर्फ़ देबूजी का नाम लगभग तय माना जा रहा है. तेलंगाना के जगत्याल ज़िले के कोरुतला कस्बे से ताल्लुक़ रखने वाले तिरुपति दलित समुदाय से आते हैं और दंडकारण्य के जंगलों में गुरिल्ला युद्धकला के माहिर माने जाते हैं.
तिरुपति मारे गए माओवादी नेता नंबाला केशव राव उर्फ़ बसवराजु की जगह ले सकते हैं. बसवराजु की मौत 21 मई 2025 को छत्तीसगढ़ में सुरक्षा बलों के साथ हुई मुठभेड़ में हुई थी.
