नई दिल्ली: देहरादून और आसपास के जिलों में मंगलवार (16 सितंबर) तड़के बादल फटने से आई बाढ़ और भूस्खलन में अब तक कम से कम 15 लोगों की मौत हो गई है, और कम से कम 16 लोग लापता हैं.
राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अनुसार, मंगलवार को देहरादून से 13 शव, पिथौरागढ़ और नैनीताल से एक-एक शव बरामद किए गए.
देहरादून में मालदेवता, सहस्त्रधारा, मंजयाड़ा और कार्लीगाड़ इलाके सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं.
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास सचिव विनोद कुमार सुमन ने बताया कि देहरादून में मिले 13 शवों में से 12 की पहचान हो गई है. इनमें 7 लोग मुरादाबाद के, 1 संभल से, 1 नेपाल से, 1 लुधियाना से और 2 देहरादून के रहने वाले थे.
मंगलवार को देहरादून के प्रेमनगर इलाके में टौंस नदी में एक ट्रैक्टर बह गया, जिसमें करीब 15 लोग सवार थे. इनमें से पांच शव एसडीआरएफ ने और तीन शव जिला पुलिस ने बरामद किए. दो लोगों को जिंदा बचा लिया गया.
वहीं, तलाशी अभियान के दौरान पहले से लापता एक बच्चे का शव भी मिला. गुमशुदा लोगों की तलाशी जारी है.
विनोद कुमार सुमन बताया कि ‘सहस्त्रधारा में रात को बादल फटने के कारण बाढ़ आई. पिछले 24 घंटे (सुबह 8.30 बजे तक) में यहां 264 मिमी बारिश दर्ज की गई है.’ गौरतलब है कि बादल फटने के बाद एक घंटे के भीतर 100 मिमी से अधिक बारिश सीमित क्षेत्र में होती है. नैनीताल में भी मंगलवार सुबह तक 105 मिमी बारिश दर्ज की गई.
एसडीआरएफ कमांडेंट अर्पण यदुवंशी ने बताया कि जिस स्थान पर बादल फटा था वहां से करीब 70 लोगों को सुरक्षित निकाला गया. उन्होंने कहा, ‘तीन ग्रामीण मलबे में दबे हुए हैं, जिन्हें निकालने की कोशिश चल रही है. इसके अलावा प्रेमनगर की एक यूनिवर्सिटी में फंसे 250 छात्रों को भी सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है.’
अख़बार के मुताबिक, बाढ़ से देहरादून में भारी नुकसान हुआ है, जिसकी अनुमानित कीमत 10 करोड़ रुपये से अधिक बताई जा रही है. 13 पुल क्षतिग्रस्त हुए हैं, जिन पर करीब 1.5 करोड़ रुपये का खर्च आएगा. 12 कृषि क्षेत्रों को नुकसान हुआ है, जिससे लगभग 2.3 करोड़ रुपये का नुकसान होगा. 21 सड़कों को 1.2 करोड़ का नुकसान और तटबंधों को 1.7 करोड़ का नुकसान हुआ है.
इन्फ्रास्ट्रक्चर को पहुंचे इस नुकसान से आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है. कई घर, एक आंगनबाड़ी केंद्र, पंचायत भवन, सामुदायिक केंद्र, 13 दुकानें, आठ होटल और तीन रेस्टोरेंट क्षतिग्रस्त हुए. सहस्त्रधारा-कार्लीगाड़ रोड पर नौ से अधिक जगहों पर भूस्खलन से सड़क टूट गई.
देहरादून के जिलाधिकारी सविन बंसल ने प्रभावित परिवारों को तीन महीने तक सुरक्षित किराए के मकान में शिफ्ट होने के लिए प्रति परिवार 4,000 रुपये प्रतिमाह की सहायता राशि देने की घोषणा की है.
