नई दिल्ली: मध्य प्रदेश पुलिस ने बताया है कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के एक नेता के बेटे ने 1.40 करोड़ रुपये के कर्ज से बचने के लिए कथित तौर पर अपनी मौत की झूठी कहानी रची.
टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस ने बताया कि राजगढ़ के भाजपा नेता महेश सोनी के बेटे विशाल सोनी ने अपहरण का भी झूठा नाटक रचने की कोशिश की.
यह घटनाक्रम 5 सितंबर को शुरू हुआ, जब पुलिस को कालीसिंध नदी में एक कार के डूबने की सूचना मिली. गोताखोरों द्वारा वाहन को निकालने के बाद कार मालिक की पहचान विशाल सोनी के रूप में हुई, पर चूंकि गाड़ी खाली पाई गई, तो बड़े पैमाने पर बचाव अभियान चलाया गया.
विशाल के पिता द्वारा लापरवाही (negligence) के आरोप लगाए जाने के बाद दो सप्ताह तक तीन अलग-अलग टीमों ने नदी के 20 किलोमीटर क्षेत्र की तलाशी ली.
अधिकारियों ने बताया कि जब आठ दिन बीत जाने के बाद भी विशाल का कोई सुराग नहीं मिला, तो पुलिस को शक हुआ और उन्होंने विशाल के मोबाइल कॉल डिटेल रिकॉर्ड निकाले, जिससे पता चला कि वह महाराष्ट्र में है.
इसके बाद मध्य प्रदेश पुलिस और महाराष्ट्र पुलिस ने संभाजी नगर जिले के फरदापुर थाना क्षेत्र में विशाल को गिरफ्तार कर लिया.
पुलिस द्वारा पूछताछ के बाद विशाल ने कबूल किया कि उसके पास छह ट्रक और दो सार्वजनिक वाहन हैं, लेकिन वह 1.40 करोड़ रुपये से अधिक के कर्ज में डूबा हुआ है.
अखबार के अनुसार, उन्होंने पुलिस को बताया, ‘मुझे बताया गया था कि अगर मुझे मृत्यु प्रमाण पत्र मिल जाता है, तो बैंक का कर्ज माफ हो जाएगा.’
पुलिस को जांच के दौरान पता चला कि 5 सितंबर को सुबह 5 बजे विशाल ने गोपालपुरा के पास अपने ट्रक ड्राइवर से पैसे लिए, नदी किनारे गया, अपनी कार की हेडलाइट बंद की और गाड़ी को नदी में धकेल दिया.
कार को नदी में धकेलने के बाद वह अपनी ‘मौत’ की अख़बारों में छपी ख़बरें पढ़ते हुए, अपने ड्राइवर की बाइक पर इंदौर भाग गया. इसके बाद वह शिरडी और शनि शिंगणापुर गया.
जब विशाल को पता चला कि पुलिस ने उसका पता लगा लिया है, तो उसने अपने कपड़े फाड़कर, धूल में लोटकर और फरदापुर थाने में झूठी रिपोर्ट दर्ज कराकर अपहरण का नाटक करने की कोशिश की.
पुलिस ने कहा कि अपनी मौत का नाटक करने वाले व्यक्ति को दंडित करने का कोई सीधा संवैधानिक प्रावधान नहीं है, इसलिए विशाल को बिना किसी औपचारिक मामले के उसके परिवार को सौंप दिया गया.
