संयुक्त राष्ट्र महासभा: कई प्रतिनिधियों के वॉकआउट के बाद लगभग ख़ाली कमरे में हुआ नेतन्याहू का भाषण

संयुक्त राष्ट्र महासभा में इज़रायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के मंच पर आते ही कई प्रतिनिधि विरोध में बाहर चले गए थे. उन्होंने लगभग ख़ाली कमरे में भाषण दिया. उन्होंने कहा कि इज़रायल ने पिछले दो सालों में 'बर्बरता के ख़िलाफ़ सात मोर्चों पर युद्ध' लड़ा है और हमास के आतंकवादी शासन का सफ़ाया कर रहा है.

इज़रायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू शुक्रवार, 26 सितंबर, 2025 को संयुक्त राष्ट्र महासभा के 80वें सत्र में बोलते हुए एक नक्शा दिखाया. (फोटो: एपी/पीटीआई)

नई दिल्ली: इज़रायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने संयुक्त राष्ट्र महासभा के लगभग खाली कमरे में 45 मिनट से ज़्यादा समय तक भाषण दिया, क्योंकि उनके मंच पर आते ही कई प्रतिनिधि विरोध में बाहर चले गए थे.

नेतन्याहू के नेतृत्व में इज़रायल 7 अक्टूबर, 2023 से फ़िलिस्तीन में नरसंहार के लिए ज़िम्मेदार है, जिसमें नागरिकों को भूखा रखना, बमबारी, हमले और 65,000 से ज़्यादा लोगों की हत्याएं शामिल हैं.

संयुक्त राष्ट्र महासभा में नेतन्याहू ने कहा कि इज़रायल ने पिछले दो सालों में ‘बर्बरता के ख़िलाफ़ सात मोर्चों पर युद्ध’ लड़ा है. उन्होंने कहा कि इज़रायल का आचरण वैसा ही है जैसा ‘कोई भी स्वाभिमानी राष्ट्र करेगा.’

उन्होंने कहा, ‘इज़रायल हमास के आतंकवादी शासन का सफ़ाया कर रहा है और यह सुनिश्चित कर रहा है कि यह बर्बरता हमारे लिए फिर ख़तरा न बने.’

इज़रायल के हमलों में तेज़ी हमास के हमले के बाद आई है, जिस संगठन को इज़रायल और अमेरिका ‘आतंकवादी’ कहते हैं, उसने 7 अक्टूबर, 2023 को एक हमला किया था, जिसमें इज़रायल का कहना है कि 1,000 से ज़्यादा लोगों की जान चली गई.

नेतन्याहू ने कहा कि फ़्रांस और ब्रिटेन द्वारा फ़िलिस्तीनी राज्य को मान्यता देने का फ़ैसला इज़रायल के लिए ‘राष्ट्रीय आत्महत्या’ जैसा हो सकता है. उन्होंने कहा, ‘यह सरासर पागलपन है और हम ऐसा नहीं करेंगे.’

नेतन्याहू के कार्यालय ने कहा कि उनके भाषण को ‘सार्वजनिक कूटनीति के प्रयास’ के तहत गाजा पट्टी में प्रसारित किया जाएगा. इज़रायली अख़बार हारेत्ज़ के अनुसार, इज़रायली रक्षा बलों के सैनिकों ने इस कदम पर चिंता व्यक्त की है.

बीबीसी की रिपोर्ट के अनुसार, हालांकि वादा तो पूरा हुआ, ‘लेकिन सभी गाजावासियों ने इसे नहीं सुना. और जिन्होंने सुना भी, उनमें से किसी ने भी इस पर ध्यान नहीं दिया.’

नेतन्याहू ने इस साल की शुरुआत में ईरान पर हमला करने के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ‘साहसिक और निर्णायक कार्रवाई’ के लिए भी धन्यवाद दिया.

इस बीच, ट्रंप ने ह्वाइट हाउस के बाहर पत्रकारों से कहा कि ऐसा लग रहा है कि ‘गाज़ा पर हमारा समझौता हो गया है.’

ट्रंप ने कहा, ‘मुझे लगता है कि यह एक ऐसा समझौता है जिससे बंधकों को वापस लाया जा सकेगा, युद्ध समाप्त होगा, शांति आएगी, मुझे लगता है कि हमारा समझौता हो गया है.’