तमिलनाडु: अभिनेता से नेता बने विजय की करूर रैली में भगदड़ के दौरान कम से कम 39 लोगों की मौत

तमिलनाडु के करूर में अभिनेता से नेता बने विजय की रैली में शनिवार शाम (27 सितंबर) को मची भगदड़ में कम से कम 39 लोगों की मौत हो गई है. जबकि 100 के करीब लोग घायल बताए जा रहे हैं.

करूर में अभिनेता से नेता बने विजय की रैली में शनिवार शाम भगदड़ मच गई. (फोटो साभार: सोशल मीडिया)

नई दिल्ली: तमिलनाडु के करूर में अभिनेता से नेता बने विजय की रैली में शनिवार शाम (27 सितंबर) को मची भगदड़ में कम से कम 39 लोगों की मौत हो गई है. जबकि 100 के करीब लोग घायल बताए जा रहे हैं.

इस संबंध में तमिलनाडु के स्वास्थ्य सचिव पी. सेंथिल कुमार ने मीडिया को बताया है कि हादसे में अब तक 39 लोगों की मौत हो चुकी है और कुल 95 घायल लोग अस्पताल में भर्ती हैं.

द हिंदू की खबर के मुताबिक, ये हादसा उस वक्त हुआ जब शनिवार शाम विजय करूर में तमिलगा वेट्री कषगम (टीवीके) पार्टी की एक रैली को संबोधित कर रहे थे. कार्यक्रम में भीड़ बढ़ती गई और अचानक बेकाबू हो गई. इस दौरान कई लोग बेहोश होकर गिर पड़े.

कई प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि खराब प्रबंधन और अपर्याप्त सुरक्षा के चलते इस रैली में भगदड़ मची. इस हादसे के पीड़ितों में ज्यादातर वो युवा शामिल हैं, जिनकी उम्र 18 से 30 साल के बीच है.

अखबार के मुताबिक, टीवीके पदाधिकारियों ने कार्यक्रम के लिए करूर में बस स्टैंड गोलचक्कर और लाइट हाउस सहित चार जगहों की सूची सौंपी थी. चूंकि ये चारों जगहें घनी आबादी वाले व्यावसायिक इलाके थे, इसलिए पुलिस ने अनुमति देने से इनकार कर दिया था.

हालांकि, पुलिस ने करूर-इरोड रोड स्थित वेलुसामीपुरम में कार्यक्रम की अनुमति दे दी, जहां अन्नाद्रमुक महासचिव एडप्पादी के. पलानीस्वामी ने गुरुवार (25 सितंबर) को एक रैली आयोजित की थी.

आयोजकों ने घोषणा की थी कि टीवीके अध्यक्ष विजय दोपहर 12 बजे भाषण देंगे. इसके लिए सुबह 9 बजे से ही भीड़ जुटनी शुरू हो गई थी, लेकिन वे निर्धारित समय पर नहीं पहुंच पाए.

उम्मीद से ज्यादा भीड़

घटना के संबंध में तमिलनाडु के शीर्ष पुलिस अधिकारी जी. वेंकटरमन ने बताया कि अभिनेता-राजनेता विजय के रैली में पहुंचने में सात घंटे की देरी के कारण समर्थकों की बेकाबू भीड़ उमड़ पड़ी.

उन्होंने आगे कहा कि आयोजकों ने 10,000 लोगों की अपेक्षित संख्या बताई थी, लेकिन लगभग 27,000 लोग आए. रैली के लिए 500 सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए थे. टीवीके की पिछली रैलियों में कम भीड़ होती थी, लेकिन इस बार उम्मीद से कहीं ज्यादा लोग जुटे.

इस हादसे के प्रत्यक्षदर्शी बी. कनिष्क ने अखबार से कहा, ‘मुझे अचानक भीड़ ने नीचे धकेल दिया. हिलने-डुलने की बिल्कुल जगह नहीं थी. मैं बेहोश हो गया था.’

एक अन्य प्रत्यक्षदर्शी कार्तिक ने बताया, ‘बेकाबू भीड़ द्वारा मुझे धकेले जाने का पता चलने पर, मेरे दोस्त ने तुरंत मुझे सुरक्षित जगह पहुंचाया. अगर लोगों को घंटों इंतज़ार न करना पड़ता तो यह स्थिति टल सकती थी. कार्यक्रम की खराब योजना और क्रियान्वयन तथा मौके पर पुलिसकर्मियों की कमी भी इसका कारण थी.’

मृतकों के परिवारों को 10-10 लाख रुपये के मुआवज़े का ऐलान

इस हादसे पर तमिलनाडु के सीएम एमके स्टालिन की ओर से जारी बयान में मृतकों के परिवारों को 10-10 लाख रुपये के मुआवज़े का ऐलान भी किया गया है.

इसके अलावा मुख्यमंत्री स्टालिन ने ज़िले में इमरजेंसी प्रोटोकॉल लागू करने के लिए कहा है. इस घटना की जांच के लिए रिटायर्ड हाई कोर्ट जस्टिस अरुणा जगदीशन की अध्यक्षता में एक सदस्यीय जांच आयोग भी बनाया गया है.

वहीं, एक्टर विजय ने सोशल मीडिया वेबसाइट एक्स पर पोस्ट में इस घटना के लिए बेहद दुख जताया है. उन्होंंने अपनी रैली के दौरान हुए हादसे में मृतकों के परिवार और घायल लोगों के लिए सहायता राशि का एलान किया है.

विजय ने एक्स पर पोस्ट किया कि इस हादसे में अपनों को खोने वाले हर परिवार को वो 20 लाख रुपये की सहायता देंगे. इलाज करा रहे घायलों के लिए उन्होंने 2 लाख रुपये की मदद का ऐलान किया है.

इस हादसे पर संवेदना ज़ाहिर करते हुए उन्होंने लिखा, ‘इतनी बड़ी हानि को देखते हुए यह राशि कोई मायने नहीं रखती. फिर भी, इस समय, आपके परिवार का सदस्य होने के नाते, मेरा यह कर्तव्य है कि मैं आपके साथ खड़ा रहूं.’

इससे पहले उन्होंने घटना पर दुख जताते हुए लिखा था, ‘मेरा दिल टूट गया है. मैं असहनीय दर्द और दुख में हूं, जिसे शब्दों में बयान नहीं किया जा सकता. करूर में जान गंवाने वाले अपने प्रिय भाइयों और बहनों के परिवारों के प्रति मैं अपनी गहरी संवेदना और सहानुभूति व्यक्त करता हूं. मैं अस्पताल में इलाज करा रहे लोगों के जल्द स्वस्थ होने की प्रार्थना करता हूं.’

राष्ट्रपति से लेकर प्रधानमंत्री और तमाम राजनीतिक दलों ने घटना पर शोक व्यक्त किया

राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू ने हादसे पर दुख जताते हुए सोशल मीडिया पर लिखा, ‘मैं पीड़ित परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करती हूं और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की प्रार्थना करती हूं.’

इस हादसे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, ‘मेरी संवेदनाएं उन परिवारों के साथ हैं जिन्होंने अपने परिजनों को खो दिया है. मैं इस कठिन समय में उन्हें शक्ति प्रदान करने की कामना करता हूं और सभी घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं.’

तमिलनाडु के राज्यपाल आर.एन. रवि ने सोशल मीडिया पर लिखा, ‘करूर में हुई राजनीतिक रैली में बच्चों समेत निर्दोष लोगों की मौत बेहद दुखद और पीड़ादायक है. इस दुखद घड़ी में मैं अपने प्रियजनों को खोने वाले परिवारों के प्रति दिल से संवेदना व्यक्त करता हूं और घायल हुए लोगों के जल्द ठीक होने की प्रार्थना करता हूं.’

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने सोशल मीडिया पर सभी कांग्रेस कार्यकर्ताओं से अपील की कि ‘वे पीड़ितों और उनके परिवारों को हर संभव मदद करें और पीड़ितों के जल्द इलाज के लिए अधिकारियों के साथ मिलकर काम करें.’

इस घटना पर एमएनएम नेता कमल हासन, तमिलनाडु कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष के. सेल्वापेरुंथगई और राज्य भाजपा अध्यक्ष नैनार नागेंथ्रन समेत कई राजनेताओं ने गहरा दुख व्यक्त किया है.

उल्लेखनीय है कि करूर जिला प्रशासन ने भगदड़ के पीड़ितों के बारे में जानकारी हासिल करने के लिए आपातकालीन हेल्पलाइन स्थापित की हैं. निवासी जिला कलेक्ट्रेट आपातकालीन नियंत्रण कक्ष से 04324-256306 पर या वाट्सऐप के माध्यम से 7010806322 पर संपर्क कर सकते हैं.