2023 में रेल हादसों में 21 हज़ार से ज़्यादा लोगों की मौत: एनसीआरबी

नेशनल क्राइम रिकॉर्ड्स ब्यूरो (एनसीआरबी) की ताज़ा रिपोर्ट के अनुसार, साल 2023 में देशभर में हुए 24,678 रेल हादसों में 21,803 लोगों की मौत दर्ज की गई. महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश में सबसे ज़्यादा मौतें रिपोर्ट की गई.

प्रतीकात्मक तस्वीर ( फोटो: फ़्लिकर/राम प्रसाद (एट्रिब्यूशन 2.0 जेनेरिक)

नई दिल्ली: नेशनल क्राइम रिकॉर्ड्स ब्यूरो (एनसीआरबी) की ताज़ा रिपोर्ट के मुताबिक, साल 2023 में देशभर में रेल हादसों में 21,803 लोगों की मौत हुई है. वहीं इस अवधि में कुल 24,678 रेल हादसों की जानकारी दर्ज की गई है.

राज्यों में महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश में सबसे ज़्यादा मौतें रिपोर्ट की गई हैं. पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, 2023 में हुए सभी रेल हादसों में से 56 मामलों का कारण ड्राइवर की गलती रही, जबकि 43 हादसे तकनीकी खामियों- जैसे ख़राब डिज़ाइन, पटरियों की खराबी या पुल और सुरंग के ढहने के चलते हुए.

रिपोर्ट बताती है कि ‘ट्रेन से गिरने या पटरियों पर लोगों से टकराने’ जैसी घटनाएं रेल हादसों का सबसे बड़ा हिस्सा, 74.9%, रहीं. इन मामलों की संख्या 18,480 दर्ज की गई, जिनमें से 15,878 लोगों की मौत हुई. यह 2023 में हुई कुल मौतों का 72.8% है. अकेले महाराष्ट्र में ऐसे मामलों की हिस्सेदारी 29.8% (5,507 केस) रही.

कुल मिलाकर, साल 2022 की तुलना में 2023 में रेल हादसों के मामलों में 6.7% की बढ़ोतरी दर्ज की गई. 2022 में 23,139 मामले दर्ज हुए थे, जबकि 2023 में यह बढ़कर 24,678 हो गए. इन हादसों में 3,014 लोग घायल और 21,803 लोग मारे गए.

सबसे अधिक रेल हादसे महाराष्ट्र में दर्ज हुए. राज्य में 5,559 मामले रिपोर्ट किए गए, जो कुल मामलों का 22.5% था. दूसरे नंबर पर उत्तर प्रदेश रहा, जहां 3,212 मामले (13%) सामने आए.

डेटा के विश्लेषण से पता चलता है कि सबसे अधिक रेल हादसे शाम 6 बजे से रात 9 बजे के बीच हुए (3,771 मामले, 15.3%), जबकि सुबह 9 बजे से दोपहर 12 बजे के बीच 3,693 मामले (15%) दर्ज किए गए.

हादसों के कारणों में ड्राइवर की लापरवाही, तोड़फोड़, सिग्नलमैन की गलती, तकनीकी खराबी और अन्य वजहें शामिल हैं.

रेलवे क्रॉसिंग पर सबसे अधिक हादसे उत्तर प्रदेश में दर्ज हुए. देश भर से कुल 2,483 ऐसे मामलों में से 1,025 मामले (41.3%) राज्य से सामने आए. इसके बाद पश्चिम बंगाल में 805 मामले (32.4%) और मध्य प्रदेश में 375 मामले (15.1%) दर्ज हुए.

रेलवे क्रॉसिंग हादसों में सबसे अधिक मौतें भी इन्हीं तीन राज्यों में हुईं. 2023 में यूपी में 1,007 (44.9%), पश्चिम बंगाल में 581 (25.9%) और मध्य प्रदेश में 375 (16.7%) लोगों की जान गई.