मुहम्मद पोस्टर: सपा के प्रतिनिधिमंडल को बरेली जाने से रोका गया, कथित अवैध निर्माणों पर बुलडोज़र चला

बरेली में पिछले हफ़्ते जुमे की नमाज़ के बाद 'आई लव मुहम्मद' पोस्टर को लेकर हुए बवाल के बाद समाजवादी पार्टी के एक प्रतिनिधिमंडल को पुलिस ने संवेदनशील स्थिति का हवाला देते हुए वहां जाने से रोक दिया. वहीं, ज़िला प्रशासन ने शनिवार को शहर के कई इलाकों में कथित अवैध निर्माणों का हवाला देते हुए 'बुलडोज़र कार्रवाई' की.

बरेली जा रहे समाजवादी पार्टी के एक प्रतिनिधिमंडल को पुलिस रोकते हुए. (फोटो साभार: X/ @samajwadiparty)

नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश के बरेली में पिछले हफ़्ते ‘आई लव मुहम्मद’ पोस्टर को लेकर हुए बवाल और हिंसा के बाद विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडे के नेतृत्व में समाजवादी पार्टी (सपा) के एक प्रतिनिधिमंडल को पुलिस ने वहां जाने से रोक दिया.

इसके लिए पुलिस ने पिछले हफ़्ते हुई हिंसा के कारण वहां की संवेदनशील स्थिति का हवाला दिया. इस बीच, जिला प्रशासन ने शनिवार को शहर के कई इलाकों में कथित अवैध निर्माणों के खिलाफ ध्वस्तीकरण अभियान चलाया और दुकानों और घरों के अनधिकृत विस्तारों को गिरा दिया.

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, सपा ने घोषणा की थी कि वह स्थिति का जायज़ा लेने के लिए एक प्रतिनिधिमंडल भेजेगी. लेकिन विधानसभा में सबसे वरिष्ठ 83 वर्षीय नेता पांडे को लखनऊ पुलिस ने उनके घर से निकलने की अनुमति नहीं दी, और उन्हें बरेली के ज़िला मजिस्ट्रेट (डीएम) अविनाश सिंह का नोटिस थमा दिया.

पांडे को शुरुआत में लखनऊ के स्थानीय पीजीआई थाने के एसएचओ द्वारा जारी एक नोटिस दिया गया था. हालांकि, उन्होंने यह कहते हुए नोटिस का पालन करने से इनकार कर दिया कि यह डीएम की ओर से होना चाहिए था. बाद में उन्हें बरेली के डीएम का नोटिस सौंप दिया गया.

अखबार ने पांडे के हवाले से बताया, ‘पार्टी सांसदों का एक 14 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल बरेली पहुंचने वाला था क्योंकि हमें फोन कॉल और संदेश मिल रहे थे कि… निर्दोष लोगों को जेल भेजा जा रहा है. हमारा इरादा सच्चाई का पता लगाना और ज़रूरतमंदों की मदद करना था.’

पांडे ने कहा, ‘मुझे आज (3 अक्टूबर, शुक्रवार) सुबह 8 बजे लखनऊ से निकलना था. मैं कल रात अपने निर्वाचन क्षेत्र सिद्धार्थनगर से पीजीआई क्षेत्र स्थित अपने घर पहुंचा और पाया कि मेरे घर के बाहर पुलिसकर्मी तैनात हैं. एक सब-इंस्पेक्टर ने स्थानीय एसएचओ द्वारा जारी एक नोटिस मुझे सौंपा, जिसमें कहा गया था कि मुझे बरेली जाने की अनुमति नहीं है क्योंकि इससे कानून-व्यवस्था बिगड़ सकती है. एक सब-इंस्पेक्टर मुझे ऐसा प्रतिबंधात्मक आदेश कैसे दे सकता है? आज सुबह पुलिस ने मुझे बरेली के डीएम का एक नोटिस सौंपा. इसमें ज़िले में लागू प्रतिबंधात्मक आदेशों का हवाला दिया गया है और कहा गया है कि मेरे जाने से स्थिति बिगड़ सकती है और कानून-व्यवस्था बिगड़ सकती है. इसलिए, डीएम के पत्र में मुझे घर पर रहने के लिए कहा गया.’

सत्तारूढ़ दल पर निशाना साधते हुए नेता प्रतिपक्ष ने आगे कहा, ‘ऐसी व्यवस्था से क्या उम्मीद की जा सकती है जब राज्य के मुख्यमंत्री खुद कहते हैं, ‘मैं इनको सबक सिखाऊंगा’.’

‘अगर सब सामान्य है तो जाने से क्यों रोका जा रहा है’

इस बीच, समाजवादी पार्टी के सांसद ज़िया उर रहमान बर्क ने शनिवार को उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा ‘आई लव मुहम्मद’ नारे को लेकर चल रहे विवाद के बीच पार्टी के एक प्रतिनिधिमंडल को बरेली जाने से रोकने के कदम पर सवाल उठाया.

एनडीटीवी की रिपोर्ट के मुताबिक, प्रतिनिधिमंडल में शामिल बर्क ने पुलिस द्वारा उनके दौरे को रोकने की कड़ी आलोचना की और इसे अलोकतांत्रिक और अनुचित बताया.

बर्क ने कहा, ‘जब बरेली में पुलिस प्रशासन और सरकार कह रही है कि वहां सब कुछ सामान्य है और कोई समस्या नहीं है, तो हमें वहां जाने से रोकने का क्या मतलब है? हम इसका कड़ा विरोध करते हैं और पीड़ित परिवारों से मिलने और एक सटीक रिपोर्ट तैयार करने के लिए वहां जाना चाहते हैं जिससे उन्हें न्याय मिल सके.’

सपा प्रतिनिधिमंडल, जिसमें सांसद इकरा हसन, मोहिबुल्लाह नदवी और बर्क शामिल थे, दिन में पार्टी के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद हरेंद्र सिंह मलिक के आवास से रवाना हुए थे.

इस घटनाक्रम पर सपा सांसद अवधेश प्रसाद ने कहा, ‘दुर्भाग्य से भाजपा सरकार के इशारे पर प्रतिनिधिमंडल को रोक दिया गया. सरकार इस तरह से काम कर रही है जिसकी कल्पना भी नहीं की जा सकती, और प्रतिनिधिमंडल को अपनी जायज़ चिंताओं को उठाने से रोक रही है. जब प्रतिनिधिमंडल जाता है, तो उसका उद्देश्य सच बोलना, सही-गलत में अंतर करना और न्याय की मांग करना होता है, न कि किसी को भड़काना. इसे रोकना लोकतंत्र का उल्लंघन है. लोकतंत्र में विपक्ष को भी उतना ही अधिकार है जितना सत्ता पक्ष को, लेकिन भाजपा सरकार इस लोकतांत्रिक अधिकार को दबाने की कोशिश कर रही है.’

ज्ञात हो कि उत्तर प्रदेश के कानपुर में पुलिस ने 4 सितंबर को ईद-ए-मिलाद-उन-नबी के जुलूस के दौरान ‘आई लव मुहम्मद’ लिखे बोर्ड लगाने के आरोप में 24 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है. इसके बाद 26 सितंबर को बरेली में जुमे की नमाज के बाद कोतवाली क्षेत्र की एक मस्जिद के बाहर ‘आई लव मुहम्मद’ लिखे पोस्टर लिए एक बड़ी भीड़ के इकट्ठा होने के बाद झड़पें हुईं थी.

पुलिस ने हिंसा के सिलसिले में एक बड़ी कार्रवाई करते हुए एक स्थानीय मौलवी सहित 68 लोगों को गिरफ्तार किया. इसी बीच मुख्यमंत्री आदित्यनाथ ने कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की किसी भी कोशिश के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी है.

प्रशासन ने कई निर्माणों पर बुलडोज़र चलाया

टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, शनिवार सुबह जखीरा इलाके में डॉ. नफीस अहमद के स्वामित्व वाले मैरिज हॉल, रज़ा पैलेस को भारी पुलिस बल की मौजूदगी में बरेली विकास प्राधिकरण की टीमों ने ध्वस्त कर दिया. अधिकारियों ने कहा कि यह कार्रवाई भवन निर्माण मानदंडों के उल्लंघन के कारण की गई.

मौके पर लगी नेमप्लेट में संपत्ति के मालिक की पहचान मुतवल्ली शोएब बेग के रूप में की गई है, जो पूर्व पीसीएस अधिकारी स्वर्गीय अतहर बेग के बेटे हैं.

इसी कड़ी में फैक एन्क्लेव में प्रशासन ने फरहत के एक घर को सील कर दिया, जहां बताया गया है कि हाल ही में हुई हिंसा के दौरान मौलाना तौकीर रज़ा कथित तौर पर शरण लिए हुए थे.

इसके अलावा, नगर निगम ने सैलानी इलाके में अतिक्रमण विरोधी अभियान चलाया और दुकानों और घरों के कथित अनधिकृत विस्तारों को हटाया. इस अभियान के दौरान नगर आयुक्त मौजूद थे.

इससे पहले अधिकारियों ने इत्तेहाद-ए-मिल्लत काउंसिल के मुख्य मौलवी के सहयोगियों से जुड़ी आठ कथित अवैध संपत्तियों की पहचान की थी, जिन्हें संभावित रूप से ध्वस्त किया जा सकता था.

अखबार के अनुसार, बरेली विकास प्राधिकरण (बीडीए) और ज़िला प्रशासन की टीमों ने फ़ाइक एन्क्लेव, जगतपुर और पुराने शहर सहित कई इलाकों का निरीक्षण किया, जहां कई इमारतें बिना स्वीकृत नक्शों के बनी हुई पाई गईं, जिनमें से कुछ सरकारी और सीलिंग की ज़मीन पर अतिक्रमण कर रही हैं.

बीडीए उपाध्यक्ष डॉ. मणिकंदन ए. ने कहा, ‘सरकारी और सीलिंग की ज़मीन पर अवैध निर्माणों को बख्शा नहीं जाएगा. नियमों के अनुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी.’

इसके साथ ही बरेली नगर निगम ने पहलवान साहब की दरगाह के ऊपर की दुकानों सहित कई दुकानों को ध्वस्त करने के लिए चिह्नित किया है. आरिफ के खिलाफ सड़क और ज़मीन पर अतिक्रमण के लिए एफआईआर दर्ज करने की तैयारी की जा रही है.