नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल के दुर्गापुर में एक निज़ी मेडिकल कॉलेज की एमबीबीएस दूसरे वर्ष की छात्रा के साथ शुक्रवार (10 अक्टूबर) शाम को कथित तौर पर गैंगरेप का मामला सामने आया है.
द टेलीग्राफ की खबर के मुताबिक, छात्रा अपने सहपाठी के साथ कुछ खाने के लिए कॉलेज परिसर से बाहर निकली थीं, जब उसके साथ उनके परिचित और कम से कम तीन अन्य लोगों ने कथित तौर पर सामूहिक बलात्कार किया.
मालूम हो कि इस घटना से पहले भी बंगाल के कई शिक्षण परिसरों – आरजी कर मेडिकल कॉलेज, कस्बा लॉ कॉलेज और आईआईएम कलकत्ता से ऐसे रेप के मामले सामने आए हैं. ये 14 महीने के भीतर चौथी ऐसी बड़ी घटना है, जिसे लेकर लोगों में आक्रोश देखने को मिल रहा है.
अखबार के अनुसार, 23 वर्षीय पीड़ित छात्रा ओडिशा के बालासोर जिले की निवासी हैं, जो दुर्गापुर स्थित आईक्यू सिटी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल परिसर के एक छात्रावास में रहती हैं.
पुलिस सूत्रों ने अखबार को बताया कि इस घटना के संबंध में मालदा निवासी उनके सहपाठी को हिरासत में ले लिया गया है, लेकिन अन्य आरोपी – जो उनके परिचित बताए जा रहे हैं – की पहचान नहीं हो पाई है.
पीड़िता की हालत नाजुक
पीड़िता फिलहाल अस्पताल के आईसीयू में भर्ती है.
बताया जा रहा है कि छात्रा अपने सहपाठी के साथ सोवापुर इलाके के पास स्थित परिसर से शाम करीब 7.58 बजे निकली थीं. कॉलेज अधिकारियों का कहना है कि वे रात 8.38 बजे कुछ देर के लिए लौटी थीं, लेकिन कुछ ही देर बाद फिर से बाहर चली गई थीं.
इस संबंध में अधिकारियों ने बताया कि छात्रा को कथित तौर पर एक सुनसान जगह पर ले जाया गया, जहां उनसे मोबाइल फोन और नकदी लूट ली गई और कम से कम चार लोगों ने छात्रा के साथ बलात्कार किया.
इसके बाद पीड़िता और उनके सहपाठी रात करीब 9.30 बजे परिसर में लौट आएं. कॉलेज के एक बयान में कहा गया है कि बाद में उनकी सहेलियों को पता चला कि छात्रा पर ‘हमला’ हुआ है.
मामले को लेकर कहा गया है कि इस कथित हमले की सूचना तुरंत डीन और प्रिंसिपल को दी गई ताकि आवश्यक कार्रवाई की जा सके और छात्रा का इलाज कराया जा सके.
पीड़ित छात्रा के पिता द्वारा ओडिशा से आने के बाद ही औपचारिक शिकायत दर्ज कराई गई
कॉलेज ने पुलिस को सूचित किया, लेकिन औपचारिक शिकायत शनिवार सुबह पीड़ित छात्रा के पिता द्वारा ओडिशा से आने के बाद ही दर्ज कराई गई.
पुलिस अधिकारियों ने अस्पताल में छात्रा से मुलाकात की है.
उनके पिता ने पत्रकारों को बताया कि उनकी बेटी के एक दोस्त ने उन्हें इस घटना की जानकारी दी थी.
उन्होंने कहा, ‘जब मैं यहां पहुंचा, तो पाया कि मेरी बेटी गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती है और कॉलेज प्रशासन की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली.’
पिता ने आगे कहा, ‘चार-पांच लोग मेरी बेटी को एक सुनसान जगह पर ले गए. उनमें से एक ने पहले उसके साथ बलात्कार किया और बाकी लोग उसके पीछे-पीछे आए. उन्होंने उसका फोन और पैसे भी लूट लिए. जिस सहपाठी ने उसे वहां पहुंचाया और फिर गायब हो गया, वह बाद में उसे वापस ले आया.’
उन्होंने कॉलेज पर सुरक्षा की अनदेखी करने का आरोप लगाया.
कॉलेज का सुरक्षा में चूक से इनकार
कॉलेज ने इस घटना को ‘बेहद परेशान करने वाला’ बताया.
मेडिकल कॉलेज और अस्पताल का संचालन करने वाली संस्था आईक्यू सिटी फाउंडेशन के निदेशक (ब्रांडिंग एवं जनसंपर्क) सुदर्शन गांगुली द्वारा जारी एक बयान में पीड़िता और आरोपी दोनों के प्रति समर्थन व्यक्त किया गया.
इसमें कहा गया, ‘संस्थान पीड़ित छात्रा और उसके साथी के साथ खड़ा है. हम उन्हें अपना पूरा समर्थन देते हैं और पूरी तत्परता से न्याय दिलाने के लिए प्रतिबद्ध हैं.’
गांगुली ने परिसर में किसी भी सुरक्षा चूक से इनकार किया.
उन्होंने कहा, ‘हम परिसर के अंदर मुख्य द्वार तक सुरक्षा सुनिश्चित करते हैं. दोनों छात्र वयस्क हैं और अपनी मर्जी से बाहर गए थे. बाहर क्या हुआ, इसकी हमें जानकारी नहीं है. लेकिन हम पुलिस को उनकी जांच में हर संभव सहायता प्रदान करेंगे.’
राज्य स्वास्थ्य निदेशालय ने कॉलेज से चिकित्सा शिक्षा निदेशक को एक विस्तृत रिपोर्ट भेजने को कहा है.
इस मामले पर आसनसोल-दुर्गापुर पुलिस कमिश्नरेट के डिप्टी कमिश्नर (पूर्व) अभिषेक गुप्ता ने कहा, ‘जांच जारी है. स्पष्ट प्रगति होने के बाद ही विस्तृत जानकारी साझा की जा सकेगी.’
मेडिकल कॉलेज के छात्रों ने विरोध प्रदर्शन किया, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) (माकपा) ने इस घटना की निंदा करते हुए इसके खिलाफ प्रदर्शन किया.
केंद्रीय मंत्री और पूर्व प्रदेश भाजपा अध्यक्ष सुकांत मजूमदार ने कहा, ‘लड़की के साथ कॉलेज परिसर के ठीक बाहर बलात्कार हुआ. यह कानून-व्यवस्था का मामला है और इसे नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता.’
ममता बनर्जी ने कहा- कॉलेज प्रशासन को भी छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करनी चाहिए
वहीं, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने रविवार को एक बयाने में कहा कि यह घटना ‘चिंताजनक और स्तब्ध करने वाली’ है, लेकिन कॉलेज प्रशासन को भी छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करनी चाहिए.
ममता बनर्जी ने कहा, ‘यह एक निजी कॉलेज है. तीन हफ़्ते पहले ओडिशा के समुद्र तट पर तीन लड़कियों के साथ बलात्कार हुआ था. ओडिशा सरकार वहां क्या कार्रवाई कर रही है? यह लड़की एक निजी मेडिकल कॉलेज में पढ़ती थी. वह रात 12:30 बजे कैसे बाहर आई? जहां तक मुझे जानकारी है, यह घटना जंगल वाले क्षेत्र में हुई. मुझे नहीं पता वहां क्या हुआ, जांच जारी है.’
ममता बनर्जी ने कहा, ‘कॉलेज को लड़कियों की सुरक्षा के प्रति सतर्क रहना चाहिए और रात में कॉलेज से बाहर नहीं जाना चाहिए.’
उन्होंने कहा, ‘वह इलाक़ा जंगल के पास है. पुलिस सभी से पूछताछ कर रही है. किसी को छोड़ा नहीं जाएगा. तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है और दोषियों को कड़ी सज़ा दी जाएगी.’
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस तरह की घटनाएं ‘किसी भी राज्य में निंदनीय हैं.’
उन्होंने कहा, ‘ऐसी वारदातें मणिपुर, उत्तर प्रदेश, बिहार और ओडिशा में भी हुई हैं. वहां भी सरकारों को सख़्त क़दम उठाने चाहिए. हमारे राज्य में हमने एक-दो महीने में चार्जशीट दायर की और अदालत ने दोषियों को फांसी की सज़ा सुनाई.’
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि निजी मेडिकल कॉलेजों को अपने छात्रों, ख़ासकर छात्राओं की सुरक्षा पर ध्यान देना चाहिए. उन्होंने यह भी दोहराया कि पुलिस मामले की जांच कर रही है और दोषियों को ‘कड़ी से कड़ी सज़ा’ दी जाएगी.
पुलिस ने बताया कि मेडिकल छात्रा का बयान दर्ज कर लिया गया है और एफएसएल टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए हैं.
वहीं, राज्य की महिला एवं बाल विकास मंत्री शशि पांजा ने कहा, ‘एक मेडिकल छात्रा के साथ सामूहिक बलात्कार की शिकायत दर्ज की गई है और पुलिस मामले की जांच कर रही है.’
पांजा ने भाजपा पर एक ‘दुर्भाग्यपूर्ण घटना’ का राजनीतिकरण करने का आरोप लगाया और इस बात पर ज़ोर दिया कि तृणमूल ने ओडिशा में बलात्कार की शिकायतकर्ता के आत्मदाह का फायदा उठाने की कोशिश नहीं की है.
सर्विस डॉक्टर्स फोरम ने इस घटना की निंदा करते हुए एक बयान में कहा, ‘बंगाल में एक बार फिर एक मेडिकल छात्रा के साथ बलात्कार हुआ है… दुर्गापुर का मामला स्वास्थ्य और शिक्षा क्षेत्र में भय और असुरक्षा के माहौल को दर्शाता है.’
महिला सुरक्षा के मुद्दे पर घिरती पश्चिम बंगाल की ममता सरकार
ओडिशा के सीएम मोहन चरण माझी ने सोशल मीडिया वेबसाइट एक्स पर इस घटना की निंदा की.
उन्होंने लिखा, ‘ओडिया छात्रा के साथ पश्चिम बंगाल के दुर्गापुर में गैंगरेप की दुर्भाग्यपूर्ण घटना घोर निंदनीय और पीड़ादायी है. ये खबर सुनकर मैं गहरे सदमे में हूं. इस संवेदनशील मामले में मैं पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से ये मांग करता हूं कि वह अभियुक्तों के ख़िलाफ़ क़ानून के तहत ऐसी कार्रवाई करें, जो मिसाल बने.’
उन्होंने आगे कहा, ‘मैं पीड़िता के जल्द स्वस्थ होने की कामना करता हूं. साथ ही, मैंने वरिष्ठ अधिकारियों को ये निर्देश दिया है कि वे पश्चिम बंगाल सरकार से संपर्क करें और ज़रूरी कदम उठाएं. पीड़िता के परिवार को ओडिशा सरकार की ओर से हर संभव मदद मुहैया कराई जाएगी.’
पश्चिम बंगाल में नेता प्रतिपक्ष और भाजपा के नेता शुभेंदु अधिकारी ने इस घटना पर कहा, ‘ममता बनर्जी की सरकार में कोई भी महिला सुरक्षित नहीं है. पुलिस पूरी तरह से राजनीतिक पक्षपात के साथ काम करती है. पुलिस का एजेंडा सिर्फ़ ममता बनर्जी और उनके भ्रष्ट भतीजे को प्रोटेक्ट करना है.’
वहीं, समाजवादी पार्टी की सांसद डिंपल यादव ने कहा, ‘पश्चिम बंगाल में दुर्भाग्यपूर्ण घटना घटी है. खाली पश्चिम बंगाल में ही नहीं देश भर में महिलाओं के ख़िलाफ़ इस तरह की घटनाएं बढ़ती जा रही हैं. ‘
वहीं झारखंड में नेता प्रतिपक्ष और भाजपा नेता बाबूलाल मरांडी ने कहा, ‘बंगाल में सरकार जिस तरह से गुंडागर्दी करती है. सरकार के विरोध में कोई आवाज़ सुनना नहीं चाहते. घटनाएं होती थीं लेकिन वे घटनाएं दबा देते थे. कानून-व्यवस्था पहले से वहां बिगड़ी हुई है.’
गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल की तृणमूल कांग्रेस सरकार महिला सुरक्षा के मुद्दे पर बीते कुछ समय से घिरती नज़र आ रही है. खासतौर पर बीते साल अगस्त में कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज में एक महिला ट्रेनी डॉक्टर के साथ बलात्कार और हत्या का मामला सामने आने के बाद. इसे लेकर राज्य में कई दिनों तक विरोध प्रदर्शन देखने को मिले थे.
इस मामले में कॉलेज में ही काम करने वाले संजय रॉय को गिरफ़्तार किया गया था और उम्रकैद की सज़ा हुई थी.
इसके बाद कोलकाता के एक लॉ कॉलेज की छात्रा के साथ गैंगरेप का मामला सामने आया था. इस मामले में आरोप कॉलेज के ही पूर्व छात्र पर लगा, जिनके साथ दो मौजूदा छात्र और एक सिक्योरिटी गार्ड को गिरफ़्तार किया गया था.
वहीं, जुलाई में आईआईएम कलकत्ता के एक छात्र पर अपने छात्रावास के कमरे में एक महिला अतिथि के साथ बलात्कार करने का आरोप लगा था.
