नई दिल्ली: मध्य प्रदेश के मंदसौर जिले में बुधवार (15 अक्टूबर) को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की छात्र इकाई अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) से जुड़े बताए जा रहे तीन छात्र नेताओं को गिरफ्तार किया गया. उन पर आरोप है कि उन्होंने सरकारी कॉलेज के यूथ फेस्टिवल के दौरान कपड़े बदल रही छात्राओं का चोरी-छिपे वीडियो बनाया था.
न्यू इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक़, बुधवार को महाराजा यशवंत राव होलकर सरकारी कॉलेज के प्रिंसिपल की ओर से स्थानीय पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई गई. शिकायत में कहा गया कि कॉलेज के सीसीटीवी फुटेज में यह सामने आया कि मंगलवार को चल रहे यूथ फेस्टिवल के एक कार्यक्रम की तैयारी के दौरान, छात्राओं को कपड़े बदलते समय गुप्त रूप से फिल्माया गया था.
महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. प्रीति शर्मा ने बताया:
लड़कियों ने हमें इस घटना की जानकारी दी. इसके बाद जब संबंधित मंज़िल का सीसीटीवी फुटेज देखा गया, तो पता चला कि चार छात्र (सभी बीए तृतीय वर्ष के) वेंटिलेटर से कपड़े बदल रही लड़कियों की वीडियो बना रहे थे. हमने तुरंत कदम उठाते हुए इस फुटेज के दुरुपयोग को रोकने की कोशिश की, ताकि ऐसी कोई स्थिति न बने जिससे लड़कियां कोई गंभीर कदम उठा लें. आरोपित छात्रों की पहचान की गई और पुलिस को सूचना दी गई.
भानपुरा थाने के प्रभारी के मुताबिक, शिकायत मिलने के बाद चार में से तीन आरोपित छात्रों को गिरफ्तार कर लिया गया है. उनके खिलाफ बीएनएस (भारतीय न्याय संहिता) की धारा 77 और 3(5) के तहत मामला दर्ज किया गया है, जो वॉय्यरिज़्म (किसी की सहमति के बिना उसकी निजी तस्वीरें या वीडियो लेना) और साझे इरादे से किए गए अपराधों से संबंधित है.
MP Police booked four ABVP office-bearers for allegedly filming female students while they were changing clothes.
Incident occurred in Govt College in Mandsaur.
Police arrested.
– Umesh Joshi, 22
– Ajay Gaud, 21
– Himanshu Bairagi, 20pic.twitter.com/A4eTuZXGPy— काश/if Kakvi (@KashifKakvi) October 15, 2025
गिरफ्तार किए गए तीनों छात्र (सभी बीए तृतीय वर्ष के) कथित तौर पर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) से जुड़े हैं. इनमें एबीवीपी के स्थानीय सचिव उमेश जोशी, कॉलेज के सह-प्रभारी अजय गौड़ और संगठन के कार्यकर्ता हिमांशु बैरागी शामिल हैं.
तीनों गिरफ्तार छात्र नेताओं को अदालत ने न्यायिक हिरासत में भेज दिया है. वहीं, स्थानीय पुलिस ने जब्त किए गए मोबाइल फोन को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि फोन में ऐसी और वीडियो तो नहीं हैं.
