नई दिल्ली: दिवाली की सुबह दिल्ली घने धुएं (स्मॉग) की परत में लिपटा हुआ है. राष्ट्रीय राजधानी में वायु गुणवत्ता और खराब हो गई है और अब ‘बहुत खराब’ श्रेणी में पहुंच गई है. ए़क्यूआई.इन के अनुसार सुबह 7 बजे दिल्ली का एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) 354 दर्ज किया गया, जो ‘बहुत खराब’ श्रेणी में आता है.
शहर की हवा ‘बहुत खराब’ श्रेणी में पहुंचने के बाद कमिशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट ने ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (जीआरएपी) के दूसरे चरण (स्टेज II) के तहत तुरंत कदम उठाने का आदेश दिया है. यह आदेश दिवाली की पूर्व संध्या (रविवार) को जारी किया गया, जब शहर का एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) 304 दर्ज किया गया.
जीआरएपी के दूसरे चरण के तहत नागरिक एजेंसियों को निर्देश दिया गया है कि निजी वाहनों के उपयोग को हतोत्साहित करने के लिए पार्किंग शुल्क बढ़ाया जाए. साथ ही पोर्टेबल डीज़ल जनरेटर के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगाया गया है, सिवाय आवश्यक सेवाओं- जैसे अस्पताल, हवाई अड्डे, बस टर्मिनल और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी परियोजनाओं के लिए.
STORY | Delhi wakes up to toxic air on Diwali morning; overall AQI ‘very poor’
The national capital woke up to a layer of smog on Diwali morning with the city’s air quality index (AQI) slipping into the “very poor” category, as it crossed the 300-mark.
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— Press Trust of India (@PTI_News) October 20, 2025
लगातार बिगड़ रही है दिल्ली-एनसीआर की हवा
पिछले एक हफ्ते से दिल्ली-एनसीआर में वायु गुणवत्ता लगातार बिगड़ती जा रही है. दिल्ली में 24 घंटे का औसत एक्यूआई 296 दर्ज किया गया, जो ‘खराब’ श्रेणी में आता है. 300 से ऊपर का स्तर ‘बहुत खराब’ माना जाता है, जबकि 400 से अधिक का स्तर ‘गंभीर’ (सिवियर) श्रेणी में आता है.
ए़क्यूआई.इन के आंकड़ों के मुताबिक, रविवार रात करीब 10 बजे से हवा की गुणवत्ता और खराब होने लगी और पूरी रात गिरावट जारी रही. 20 अक्टूबर की सुबह 3:04 बजे एक्यूआई अपने उच्चतम स्तर 371 पर पहुंच गया.
अशोक विहार फेज़-2 में सबसे खराब वायु गुणवत्ता दर्ज की गई, जहां एक्यूआई खतरनाक स्तर 714 तक पहुंच गया. दिल्ली के कई अन्य इलाकों में भी एक्यूआई 400 से ऊपर रहा, जो सभी ‘अत्यधिक ख़तरनाक’ श्रेणी में आते हैं.
एयर क्वालिटी मॉनिटर ए़क्यूआई.इन के अनुसार, इस समय दिल्ली की हवा में सांस लेना ऐसे है जैसे कोई व्यक्ति रोज़ाना 8.3 सिगरेट पी रहा हो. यह अनुमान पिछले 24 घंटों के औसत पीएम2.5 स्तर के आधार पर लगाया गया है, यह मानते हुए कि व्यक्ति पूरे समय उस प्रदूषित हवा के संपर्क में रहा.
