दिवाली के दो दिन बाद भी ‘बहुत खराब’ हवा में सांस ले रहे हैं दिल्लीवासी

दिवाली के दो दिन बाद भी दिल्ली में वायु प्रदूषण खतरनाक स्तर पर बना हुआ है. बुधवार सुबह एक्यूआई 345 दर्ज किया गया, जो ‘बहुत खराब’ श्रेणी में आता है. कई इलाकों में यह 380 तक पहुंच गया.

(फोटो: पीटीआई / 22 अक्टूबर, 2025)

नई दिल्ली: दिवाली के दो दिन बाद भी दिल्ली के लोग ‘बहुत खराब’ हवा में सांस ले रहें है. बुधवार (22 अक्टूबर) सुबह भी दिल्ली में धुएं (स्मॉग) की घनी परत दिखी.

22 अक्टूबर को सुबह 5:30 बजे एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) 345 दर्ज किया गया, जो केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के अनुसार ‘बहुत खराब’ श्रेणी में आता है. यह लगातार दूसरा दिन है जब दिवाली मनाने के बाद राजधानी की हवा और ज़्यादा प्रदूषित हुई है.

दिल्ली के कई इलाकों, जैसे- अशोक विहार, बवाना और दिलशाद गार्डन में सुबह 6:15 बजे एक्यूआई 380 तक पहुंच गया. राष्ट्रीय राजधानी के ज़्यादातर हिस्सों में एक्यूआई 300 से 400 के बीच दर्ज हुआ, जो ‘बहुत खराब’ श्रेणी में आता है, जबकि आईजीआई एयरपोर्ट और लोधी रोड जैसे इलाकों में एक्यूआई 300 से कम रहा, जो ‘खराब’ श्रेणी में गिना जाता है.

दिवाली के बाद बिगड़ी हवा

दिवाली के अगले दिन दिल्ली घने भूरे धुएं की परत में ढकी हुई नज़र आई और उसकी वायु गुणवत्ता ‘रेड ज़ोन’ में पहुंच गई. यह तब हुआ जब सुप्रीम कोर्ट द्वारा तय किए गए दो घंटे (रात 8 से 10 बजे) के समय सीमा के बाद भी बड़ी मात्रा में पटाखे फोड़े गए.

मंगलवार, 21 अक्टूबर को दिल्ली के कई इलाकों में एक्यूआई 500 से ऊपर दर्ज किया गया. मंगलवार शाम 4 बजे 24 घंटे का औसत एक्यूआई 351 (बहुत खराब श्रेणी) दर्ज किया गया, जो सोमवार के 345 से अधिक था.

हर साल दिल्ली में वायु गुणवत्ता चिंता का विषय रहती है. हवा की कम गति वाले इस मौसम में यह समस्या और बढ़ जाती है, जिससे इन महीनों में घना स्मॉग छा जाता है.

पटाखों से झुलसे लोग

दिवाली के दिन दिल्ली में 250 से ज़्यादा लोग पटाखों से झुलस गए. शहर के अस्पतालों में जलने से जुड़ी घटनाओं के मामलों में तेज़ी से बढ़ोतरी हुई. इनमें से ज़्यादातर चोटें पटाखों के कारण हुईं. देश की सबसे बड़ी बर्न यूनिट वाले सफदरजंग अस्पताल में ऐसे मामलों की सबसे अधिक संख्या दर्ज की गई- कुल 129 मामले.

दिवाली की रात दिल्ली फायर सर्विस को कुल 269 इमरजेंसी कॉल मिलीं. यह संख्या पिछले साल के मुकाबले करीब 15 प्रतिशत कम थी, जब कुल 318 कॉल दर्ज की गई थीं.