नई दिल्ली: बिहार विधानसभा चुनाव से ठीक पहले जनता दल यूनाइटेड ( जदयू) ने अपने 11 नेताओं को पार्टी से निष्कासित कर दिया है.
पार्टी ने शनिवार (25 अक्टूबर) देर रात सोशल मीडिया पर एक बयान जारी कर इसकी जानकारी दी.
पार्टी का कहना है कि ये लोग विधानसभा चुनाव 2025 में पार्टी विरोधी काम कर रहे थे.
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में पार्टी विरोधी आचरण व गतिविधियों में संलिप्तता के कारण निम्न सदस्यों को निलंबित करते हुए पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से निष्कासित किया जाता है.
यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू होगा. pic.twitter.com/cWB3518lLr— Janata Dal (United) (@Jduonline) October 25, 2025
जदयू की ओर से जारी बयान में कहा गया, ‘बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में पार्टी विरोधी आचरण व गतिविधियों में संलिप्तता के कारण निम्न सदस्यों को निलंबित करते हुए पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से निष्कासित किया जाता है.’
किन लोगों को पार्टी से निकाला गया?
जिन नेताओं पर कार्रवाई हुई, उनमें जमालपुर (मुंगेर) के पूर्व मंत्री शैलेश कुमार, चकाई (जमुई) के 2020 के उम्मीदवार संजय प्रसाद, बड़हरिया (सिवान) के पूर्व विधायक श्याम बहादुर सिंह, बरहरा (भोजपुर) के पूर्व विधायक रणविजय सिंह और बरबीघा (शेखपुरा) के मौजूदा विधायक सुदर्शन कुमार शामिल हैं. इनके अलावा साहेबपुर कमाल (बेगूसराय) के अमर कुमार सिंह, महुआ (वैशाली) की आसमा परवीन, नवीनगर (औरंगाबाद) के लव कुमार, कदवा (कटिहार) की आशा सुमन, मोतिहारी (पूर्वी चंपारण) के दिव्यांशु भारद्वाज और जीरा देई (सिवान) के विवेक शुक्ला भी निष्कासित किए गए हैं.
बयान के मुताबिक, यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू होगा.
मालूम हो कि मुख्यमंत्री और जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार बागी नेताओं के खिलाफ सख्ती के संकेत पहले ही दे दिए थे. अब पार्टी ने स्पष्ट किया है कि अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी. निष्कासित नेताओं में कई बड़े नाम शामिल हैं, जिन्होंने टिकट न मिलने के बाद पार्टी लाइन के खिलाफ जाकर चुनाव लड़ने का फैसला किया.
गौरतलब है कि बिहार में विधानसभा चुनाव को लेकर राजनैतिक सरगर्मी तेज हो गई है. प्रचार अभियान जोरों पर हैं. राज्य की 18 जिलों की 121 विधानसभा सीटों पर 6 नवंबर को मतदान होगा, जबकि 20 जिलों की 122 सीटों पर 11 नवंबर को वोट डाले जाएंगे.
वहीं,14 नवंबर को मतों की गणना की जाएगी.
