नई दिल्ली: न्यूयॉर्क शहर ने 4 नवंबर 2025 को इतिहास रच दिया. 34 वर्षीय भारतीय मूल के ज़ोहरान ममदानी ने अमेरिका के सबसे बड़े शहर के मेयर चुनाव में शानदार जीत हासिल की. माना जा रहा है कि यह जीत सिर्फ एक चुनावी परिणाम नहीं है, बल्कि कॉरपोरेट धन, मीडिया के दुष्प्रचार, और रूढ़िवादी राजनीतिक प्रतिष्ठान के खिलाफ जनता की शक्ति की विजय की तरह है.
ममदानी ने पूर्व राज्यपाल एंड्रयू क्यूमो (जो स्वतंत्र उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ रहे थे) और रिपब्लिकन उम्मीदवार कर्टिस स्लीवा को हराकर न्यूयॉर्क शहर के पहले मुस्लिम, पहले दक्षिण एशियाई, और एक सदी से अधिक समय में सबसे युवा मेयर बनने का गौरव हासिल किया.
चुनाव में ममदानी को लगभग 50.4% वोट मिले, जबकि क्यूमो को 41.6% और स्लीवा को 7.1% मिले. इस चुनाव में 20 लाख से अधिक मतदाताओं ने भाग लिया. यह 1969 के बाद से किसी मेयर चुनाव में सबसे अधिक मतदान था.

1 जनवरी 2026 को, ज़ोहरान ममदानी न्यूयॉर्क शहर के 111वें मेयर के रूप में शपथ लेंगे.
अरबपतियों ने उन्हें हराने के लिये खर्च किये थे 22 मिलियन डॉलर
ममदानी की जीत की सबसे बड़ी खासियत यह रही कि उन्होंने अभूतपूर्व कॉरपोरेट विरोध के बावजूद यह जीत हासिल की. कम से कम 26 अरबपतियों और धनी परिवारों ने ममदानी को हराने के लिए कुल मिलाकर 22 मिलियन डॉलर से अधिक खर्च किए.
माइकल ब्लूमबर्ग, न्यूयॉर्क के पूर्व मेयर और दुनिया के सबसे अमीर लोगों में से एक, ने अकेले 13.3 मिलियन डॉलर खर्च किए. ब्लूमबर्ग ने इस राशि को ‘फिक्स द सिटी’ नामक सुपर पीएसी में दान दिया, जो क्यूमो का समर्थन कर रहा था.
अन्य प्रमुख दानकर्ताओं में शामिल थे:
- जो गेब्बिया (Airbnb के सह-संस्थापक): 2 मिलियन डॉलर
- बिल एकमैन (हेज फंड मैनेजर): 1.75 मिलियन डॉलर
- लॉडर परिवार (Estée Lauder): 2.6 मिलियन डॉलर
- बैरी डिलर (मीडिया मुगल): 500,000 डॉलर
- स्टीव विन (कैसीनो मैग्नेट): 500,000 डॉलर
इन अरबपतियों ने विभिन्न सुपर पीएसी ‘फिक्स द सिटी,’ ‘डिफेंड एनवाईसी,’ और ‘एनीवन बट ममदानी’ के जरिए ममदानी के खिलाफ हमलावर विज्ञापन चलाए. केवल अक्टूबर के आखिरी हफ्ते में, इन समूहों ने 2.6 मिलियन डॉलर से अधिक खर्च किए, जिसमें से लगभग 2 मिलियन डॉलर सीधे ममदानी के खिलाफ हमले में खर्च हुए.
ममदानी ने इस विरोध का जवाब देते हुए कहा:
अरबपति बिल एकमैन और रोनाल्ड लॉडर ने इस चुनाव में लाखों डॉलर इसलिए लगाए क्योंकि वे कहते हैं कि हम उनके लिए एक अस्तित्वगत खतरा हैं…वे सही हैं. हम उन अरबपतियों के लिए एक खतरा हैं जो सोचते हैं कि उनका पैसा हमारा लोकतंत्र खरीद सकता है.
ट्रंप और मस्क का हमला
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और अरबपति एलन मस्क दोनों ने चुनाव से एक दिन पहले क्यूमो का समर्थन करते हुए ममदानी के खिलाफ मोर्चा खोला.
ट्रंप ने अपने ट्रुथ सोशल प्लेटफॉर्म पर लिखा, ‘अगर कम्युनिस्ट उम्मीदवार ज़ोहरान ममदानी न्यूयॉर्क शहर के मेयर चुनाव में जीतते हैं, तो यह बहुत संभावना नहीं है कि मैं संघीय धन का योगदान करूंगा, न्यूनतम आवश्यकता के अलावा… क्योंकि एक कम्युनिस्ट के नेतृत्व में कभी महान रहा यह शहर अब सफलता या टिके रहने की संभावना खो देगा.’
ट्रंप ने ममदानी को बार-बार ‘कम्युनिस्ट पागल’ कहा. उन्होंने मतदाताओं से आग्रह किया:
चाहे आप व्यक्तिगत रूप से एंड्रयू क्यूमो को पसंद करें या नहीं, आपके पास वास्तव में कोई विकल्प नहीं है. आपको उसे वोट देना होगा.
एलन मस्क ने एक्स पर लिखा: ‘याद रखें कि कर्टिस के लिए एक वोट वास्तव में ममदानी के लिए वोट है. VOTE CUOMO!’. मस्क ने चुनाव प्रक्रिया की अखंडता पर भी सवाल उठाए और ममदानी के खिलाफ व्यंग्यात्मक टिप्पणियां कीं.
दुष्प्रचार और मुस्लिम पृष्ठभूमि पर हमले
ममदानी के खिलाफ अभियान सिर्फ आर्थिक नहीं था, यह इस्लामोफोबिक और नस्लवादी भी था. उनकी प्राथमिक चुनाव जीत के तुरंत बाद, सोशल मीडिया पर इस्लामोफोबिक हमलों की बाढ़ आ गई थी.
प्रमुख इस्लामोफोबिक हमलों में शामिल थे:
- चार्ली किर्क (दिवंगत पॉडकास्टर) ने X पर पोस्ट किया था: ‘24 साल पहले मुसलमानों के एक समूह ने 9/11 पर 2,753 लोगों को मार डाला. अब एक मुस्लिम समाजवादी न्यूयॉर्क शहर चलाने की राह पर है.’
- जेडी वेंस (उपराष्ट्रपति) ने ममदानी की एक कहानी का मजाक उड़ाया, जिसमें उन्होंने 9/11 के बाद अपनी चाची द्वारा झेली गई इस्लामोफोबिया का उल्लेख किया था. वेंस ने X पर लिखा: ‘ममदानी के अनुसार 9/11 की असली पीड़ित उनकी चाची थीं जिन्हें (कथित रूप से) कुछ बुरी नजरें झेलनी पड़ी.’
- क्यूमो कैंप ने प्रचार सामग्री में ममदानी की दाढ़ी को लंबा और गहरा करके दिखाया, जिसे ममदानी ने ‘नस्लवादी रूढ़िवादिता’ बताया था.
- क्यूमो ने एक रूढ़िवादी रेडियो स्टेशन पर मेजबान के इस सुझाव पर हंसते हुए सहमति जताई कि ममदानी एक और 9/11 हमले का ‘जश्न मनाएंगे.’
इसके अलावा सोशल मीडिया पर ममदानी को ‘आतंकवादी,’ ‘जिहादी,’ या ‘कट्टरपंथी मुस्लिम’ के रूप में चित्रित करने वाले असंख्य मीम और पोस्ट प्रसारित किए गए.
ममदानी की प्रतिक्रिया: 24 अक्टूबर को, ममदानी ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस्लामोफोबिया की निंदा की. हालांकि, हमले जारी रहे. बाद में, ममदानी ने चुनाव से कुछ दिन पहले पूरी तरह से अरबी में एक अभियान विज्ञापन जारी किया और फिलिस्तीनी झंडे के सामने खड़े होकर मतदाताओं से समर्थन मांगा.
कौन हैं ममदानी, भारत से क्या रिश्ता है?
जोहरान क्वामे ममदानी का जन्म 18 अक्टूबर 1991 को कंपाला, युगांडा में हुआ था. वह भारत में जन्मे युगांडा के प्रतिष्ठित बुद्धिजीवी महमूद ममदानी और भारतीय फ़िल्म निर्माता मीरा नायर के बेटे हैं. महमूद ममदानी कोलंबिया विश्वविद्यालय में प्रोफेसर हैं और उत्तर-औपनिवेशिक अध्ययन के एक प्रमुख विद्वान हैं. मीरा नायर एक ऑस्कर-नामांकित फिल्म निर्माता हैं, जिन्होंने ‘मानसून वेडिंग’ और ‘सलाम बॉम्बे!’ जैसी फिल्में बनाई हैं.

ममदानी के पिता की पारिवारिक जड़ें भारत के गुजरात में हैं. उनकी मां पंजाबी हिंदू हैं. परिवार ने ममदानी को क्वामे नकरुमाह (घाना के पहले राष्ट्रपति) के सम्मान में उनका मध्य नाम दिया.
जब ममदानी 5 साल के थे, परिवार दक्षिण अफ्रीका चला गया, और जब वह 7 साल के थे, तो 1999 में न्यूयॉर्क शहर में बस गए. उन्होंने ब्रोंक्स हाई स्कूल ऑफ साइंस से स्नातक किया और बॉडोइन कॉलेज से अफ्रीकाना स्टडीज में स्नातक की डिग्री प्राप्त की. 2018 में, वह अमेरिकी नागरिक बने और इसी साल उन्होंने सीरियाई कलाकार रामा दुवाजी से शादी की.

राजनीति में आने से पहले ममदानी एक काउंसलर के रूप में काम करते थे, जो कम आय वाले मकान मालिकों को बेदखली से बचाने में मदद करते थे. न्यूयॉर्क विधानसभा की उनकी आधिकारिक प्रोफ़ाइल के अनुसार, उन्होंने कुछ समय रैप और लेखन में भी बिताया, और फिर 2020 में विधानसभा चुनाव जीतकर राजनीति में आए.
वर्तमान में वह न्यूयॉर्क राज्य विधानसभा के सदस्य हैं और मुस्लिम डेमोक्रेटिक क्लब ऑफ न्यूयॉर्क से जुड़े हुए हैं. ममदानी खुद को डेमोक्रेटिक सोशलिस्ट कहते हैं और उनकी राजनीति श्रमिक वर्ग, प्रवासी समुदाय और वंचित तबकों पर केंद्रित है.
मोदी के आलोचक हैं ममदानी
ममदानी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की खुली आलोचना की है. एक बार उन्होंने मोदी को 2002 गुजरात दंगों के लिए जिम्मेदार ठहराते हुए, उन्हें ‘युद्ध अपराधी’ तक कह दिया था.
ममदानी ने कहा था:
मेरे पिता, उनका परिवार गुजरात, भारत से आता है. उनका परिवार मुस्लिम है, और मैं मुस्लिम हूं. नरेंद्र मोदी ने गुजरात में मुसलमानों के सामूहिक नरसंहार को आयोजित करने में मदद की.’
“We should view Narendra Modi just as we view Benjamin Netanyahu, as a war criminal who orchestrated mass slaughter of people!”
– Zohran Mamdani, Possibly the Next Mayor of New York.
Has the right wing started hating him?pic.twitter.com/PrnlGunj3W
— Akshit (@CaptainGzb) June 25, 2025
उन्होंने मोदी की तुलना इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से की थी. इस टिप्पणी को लेकर दक्षिणपंथी दक्षिण एशियाई संगठनों ने उन पर भारत विरोधी एजेंडा चलाने का आरोप लगाया था.

दिवाली कार्यक्रम में स्पष्टीकरण: चुनाव से कुछ दिन पहले, ममदानी ने क्वींस में कई हिंदू मंदिरों का दौरा किया और हिंदू अमेरिकी समुदाय को संबोधित किया.
उन्होंने कहा, ‘मैं मोदी की आलोचना करता हूं क्योंकि मैं एक बहुलवादी भारत की दृष्टि के साथ बड़ा हुआ, एक भारत जहां सभी का स्वागत होता है. और मेरी आलोचना मोदी और भाजपा की उस दृष्टि के लिए है जो एक ऐसा भारत बनाना चाहते हैं, जिसमें केवल कुछ प्रकार के भारतीयों के लिए जगह है.’
तब उन्होंने आश्वासन दिया था कि मेयर के रूप में, वह सभी न्यूयॉर्कवासियों का प्रतिनिधित्व करेंगे, चाहे उनकी राजनीतिक विचारधाराएं कुछ भी हों.
