नई दिल्ली: महाराष्ट्र सरकार ने गुजरात के जामनगर स्थित अंबानी परिवार के वनतारा वाइल्डलाइफ़ फ़ैसिलिटी में 50 तेंदुओं को स्थानांतरित करने का प्रस्ताव रखा है.
द हिंदू की रिपोर्ट के मुताबिक, मुख्य वन संरक्षक जितेंद्र रामगांवकर ने पुष्टि की है कि 6 नवंबर तक केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण (सीजेडए) को अनुमोदन हेतु प्रस्ताव प्रस्तुत कर दिया गया है.
इस संबंध में रामगांवकर ने कहा, ‘स्थानांतरण का प्रस्ताव केवल उन्हीं तेंदुओं के लिए है, जो राज्य के बचाव केंद्रों में वर्षों से रह रहे हैं. नए बचाए गए जानवरों के लिए जगह बनाई जाएगी.’
उन्होंने आगे कहा कि मानव-तेंदुआ संघर्ष से निपटने के लिए अन्य उपाय, जो राज्य के अधिकार क्षेत्र में आते हैं, जिला स्तर पर लागू किए जा रहे हैं और जन्म नियंत्रण उपायों के प्रस्ताव केंद्र को भेजे गए हैं.
मालूम हो कि पश्चिमी महाराष्ट्र में मानव-तेंदुए संघर्ष की घटनाएं बढ़ रही हैं. 2 नवंबर को पुणे जिले के शिरूर क्षेत्र में एक 13 वर्षीय लड़के की मौत हो गई, जो 12 अक्टूबर के बाद से तीसरी ऐसी मौत है.
मालूम हो कि तेंदुओं के हमलों ने जिले के जुन्नार, शिरूर, अंबेगांव और खेड़ तालुकों में दहशत और जनाक्रोश पैदा कर दिया है, जहां तेंदुओं की आबादी में तेज़ी से वृद्धि हुई है.
इस संबंध में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा है कि पुणे और अहिल्यानगर जिलों में लगभग 1,300 तेंदुए मौजूद हैं.
उन्होंने कहा, ‘हम केंद्र सरकार से नसबंदी की अनुमति लेने के लिए बातचीत कर रहे हैं क्योंकि आबादी बढ़ रही है और ज़रूरत पड़ने पर आदमखोर तेंदुओं को मार गिराया जाएगा.’
राज्य वन विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने स्पष्ट किया कि स्थानांतरण केवल आवश्यकतानुसार ही किया जाएगा.
अधिकारी ने अखबार को बताया, ‘हम 1,500 तेंदुओं को वनतारा में स्थानांतरित नहीं कर रहे हैं, बल्कि आवश्यकतानुसार देश भर के विभिन्न राज्यों के बचाव केंद्रों में स्थानांतरित कर रहे हैं. फिलहाल, अधिकांश तेंदुओं को जुन्नार क्षेत्र से बचाया जाएगा.’
श्री रामगांवकर ने यह भी कहा कि 1,500 तेंदुओं का आंकड़ा कोई ‘वैज्ञानिक आंकड़ा’ नहीं है.
सीआईटीईएस ने अपनी रिपोर्ट में आयात को लेकर जताई चिंता
गौरतलब है कि इससे पहले वन्य जीव-जंतुओं और वनस्पतियों की लुप्तप्राय प्रजातियों के अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर कन्वेंशन (सीआईटीईएस ) ने वनतारा वाइल्डलाइफ़ फ़ैसिलिटी में जानवरों के स्थानांतरण की जांच के बाद अपनी रिपोर्ट में कहा है कि भारत को अब तब तक लुप्तप्राय वन्यजीवों का आयात नहीं करना चाहिए जब तक कि पर्याप्त जांच और सत्यापन प्रणाली लागू नहीं हो जाती.
मालूम हो कि भारत 1976 से सीआईटीईएस का सदस्य है. सभी अंतरराष्ट्रीय वन्यजीव आयात-निर्यात के लिए सीआईटीईएस परमिट अनिवार्य है. इसकी निगरानी वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 के अंतर्गत की जाती है.
उल्लेखनीय है कि सीआईटीईएस की एक टीम ने इस साल 15 से 20 सितंबर के बीच जामनगर स्थित वनतारा का दौरा किया था. यह निरीक्षण कांगो और मेक्सिको जैसे देशों से वनतारा में जंगली जानवरों के आयात में विसंगतियों के आरोपों और उन मीडिया रिपोर्ट्स के बाद किया गया था जिनमें कहा गया था कि वनतारा में लुप्तप्राय वन्यजीवों की मांग से अवैध वन्यजीव व्यापार को बढ़ावा मिल सकता है.
इस सप्ताह की शुरुआत में प्रकाशित एक सीआईटीईएस दस्तावेज़ ने वनतारा में जानवरों के स्थानांतरण के बारे में कई सवाल उठाए और कहा कि भारत ने वनतारा में कई स्थानांतरणों के लिए आयात परमिट जारी करते समय ‘उचित प्रक्रिया’ का पालन नहीं किया.
दस्तावेज़ के अनुसार, सीआईटीईएस की जांच में हैती से एक अकेला पहाड़ी गोरिल्ला, कांगो से चिंपैंजी और एक ओरंगुटान सहित जंगली जानवरों के स्थानांतरण में कई विसंगतियां सामने आईं.
इसमें उन उदाहरणों का भी ज़िक्र किया गया है कि कैसे भारत सरकार ने सुप्रीम कोर्ट द्वारा वनतारा को दी गई हालिया ‘क्लीन चिट’ का इस्तेमाल यह कहने के लिए किया कि वनतारा द्वारा जंगली जानवरों का आयात सही था. सीआईटीईएस ने अब भारत से इस पर कार्रवाई करने को कहा है और सिफ़ारिश की है कि जब तक वनतारा उचित प्रक्रियाओं का पालन नहीं करता और सीआईटीईएस की सिफ़ारिशों को लागू नहीं करता, तब तक भारत कोई और आयात परमिट जारी न करे.
बता दें कि भारत को सीआईटीईएस की 81वीं स्थायी समिति की बैठक से पहले इस बारे में एक रिपोर्ट प्रस्तुत करनी है.
इस संबंध में वनतारा ने 4 नवंबर को जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में दावा किया है कि सीआईटीईएस ने इस सुविधा केंद्र को ‘क्लीन चिट’ दी है और यह भी कहा है कि इस सुविधा में सभी जानवरों का स्थानांतरण ‘भारतीय क़ानून के अनुसार पूरी तरह से वैध और पारदर्शी’ था.
द वायर ने इस बारे में स्पष्टीकरण के लिए वनतारा को पत्र लिखा है और भारतीय सीआईटीईएस प्रबंधन प्राधिकरण (केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय) और सुप्रीम कोर्ट द्वारा नियुक्त एसआईटी के सदस्यों से भी टिप्पणी के लिए संपर्क किया है. प्रतिक्रिया मिलने पर इस रिपोर्ट को अपडेट किया जाएगा.
