नई दिल्ली: विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) द्वारा बुधवार (13 नवंबर) को जारी एक रिपोर्ट में कहा गया है कि 2024 में दुनिया भर में टीबी के सबसे ज़्यादा मामले भारत में दर्ज हुए. देश में दुनिया भर के एक-चौथाई मामले दर्ज किए गए.
भारत में टीबी के मामलों में भी 21% की गिरावट आई है – 2015 में प्रति लाख जनसंख्या पर 237 मामले से घटकर 2024 में प्रति लाख 187 मामले हो गए हैं – जो वैश्विक गिरावट (12%) से लगभग दोगुना है.
ग्लोबल ट्यूबरकुलोसिस रिपोर्ट 2025 में कहा गया है कि दुनिया भर में इस बीमारी के कुल मामलों में से 67% मामले सिर्फ़ आठ देशों में हैं, जिनमें भारत 25% के साथ सबसे ऊपर है, उसके बाद इंडोनेशिया 10%, फ़िलीपींस 6.8%, चीन 6.5% और पाकिस्तान 6.3% के साथ दूसरे स्थान पर है. अन्य देशों में नाइजीरिया 4.8%, कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य 3.9% और बांग्लादेश 3.6% हैं.
रिपोर्ट के अनुसार, शीर्ष पांच देशों में वैश्विक कुल संख्या का 55% हिस्सा है.

इसके अलावा, 2024 में एमडीआर/आरआर-टीबी से पीड़ित अनुमानित वैश्विक लोगों की संख्या के आधे से ज़्यादा मामले चार देशों में हैं: भारत (32%), चीन (7.1%), फिलीपींस (7.1%) और रूसी संघ (6.7%).
भारत में टीबी के मामलों में कमी
इस बीच, भारत दुनिया भर में टीबी के मामलों में सबसे ज़्यादा गिरावट वाले देशों में से एक है, जो अन्य उच्च-प्रभावित देशों में दर्ज की गई कमी दरों से भी आगे निकल गया है.
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की विज्ञप्ति में कहा गया है, ‘नई तकनीकों के तेजी से उपयोग, सेवाओं के विकेंद्रीकरण और बड़े पैमाने पर सामुदायिक लामबंदी द्वारा संचालित भारत में नए तरीके से मामले खोजने के दृष्टिकोण ने देश के ट्रीटमेंट कवरेज को 2024 में 92% से अधिक कर दिया, जो 2015 में 53% था.’
मंत्रालय ने कहा कि 2024 में 27 लाख अनुमानित मामलों में से 26.18 लाख टीबी रोगियों का निदान किया गया. इन प्रयासों से ‘मिसिंग मामलों’ यानी जिन लोगों को टीबी था लेकिन रिपोर्ट नहीं किया गया था, की संख्या को कम करने में मदद मिली.’
इसमें कहा गया है कि 2015 में इसकी अनुमानित संख्या 15 लाख थी, जो 2024 में एक लाख से कम हो गई. इसके अलावा देश में एमडीआर टीबी रोगियों की संख्या में भी कोई उल्लेखनीय वृद्धि नहीं हुई है.
मंत्रालय ने कहा कि टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत उपचार की सफलता दर बढ़कर 90% हो गई, जो वैश्विक औसत 88% से अधिक है. इसमें आगे कहा गया है कि भारत की टीबी मृत्यु दर भी 2015 में प्रति लाख जनसंख्या पर 28 से घटकर 2024 में प्रति लाख 21 हो गई है.
