नई दिल्ली: बिहार विधानसभा चुनाव में एनडीए को स्पष्ट बहुमत मिल चुका है. 89 सीट के साथ भाजपा सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है. जदयू के खाते में 85 सीट आयी हैं. अपने प्रदर्शन से सभी को चौंकाने वाली लोजपा (रामविलास) 19 सीट ले गयी है और दो सीटों पर आगे चल रही है. हम पार्टी भी पांच सीट जीतकर अपनी जगह बनाए हुए है.
इस बार मतदान 6 और 11 नवंबर को दो चरणों में संपन्न हुआ था. राज्य में 66.91% की रिकॉर्ड वोटिंग दर्ज की गई, जो 2020 के चुनावों से 9.62% अधिक है.
इस रेस में महागठबंधन बुरी तरह से पिछड़ा है. राजद को केवल 25 सीट मिली हैं. वहीं, कांग्रेस के पास छह सीटें आई हैं. इस गठबंधन की सहयोगी भाकपा (माले) केवल दो सीट जीत सकी, वहीं उपमुख्यमंत्री का चेहरा घोषित हुए मुकेश सहनी की विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) अपना खाता तक नहीं खोल सकी.
वीआईपी जैसा हाल ही प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी का हुआ, जो ‘वोटकटवा’ साबित होने की संभावना के बीच एक सीट भी नहीं पा सकी.
असदुद्दीन ओवैसी की एआईएमआईएम पांच सीटें जीती है. यह पार्टी किसी भी गठबंधन का हिस्सा नहीं थी.
किसके बीच था मुख्य मुकाबला
मुख्य मुकाबला भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के एनडीए गठबंधन और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नेतृत्व में महागठबंधन के बीच रहा.
अगर एग्जिट पोल की बात की जाए तो लगभग सभी एग्जिट पोल में एनडीए की सरकार की वापसी के संकेत मिल रहे थे. हालांकि महागठबंधन के नेताओं ने एग्जिट पोल को नकारते हुए गठबंधन की सरकार बनने की बात कर रहे थे.
एनडीए की ओर से जदयू और भाजपा 101-101 सीटों पर चुनाव लड़ी, चिराग पासवान के नेतृत्व वाली लोजपा (राम विलास) 29 सीटों पर मैदान में उतरी, वहीं जीतन राम मांझी की पार्टी हिंदुस्तान आवाम मोर्चा और उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी राष्ट्रीय लोक मोर्चा को 6-6 सीट दिए गए थे.
दूसरी ओर महागठबंधन की ओर से राजद ने सर्वाधिक 143 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे. कांग्रेस ने 61 पर अपने उम्मीदवार उतारे. मुकेश सहनी की वीआईपी 15 सीटों पर मैदान में थी, वहीं वाम दलों ने 33 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे.
वहीं, पहली बार चुनावी मैदान में उतरे चुनाव रणनीतिकार प्रशांत किशोर की पार्टी ‘जन सुराज’ पर भी सबकी निगाहें टिकी हुई थीं.
2020 चुनावों के नतीजे
साल 2020 के विधानसभा चुनावों में 75 सीटों और 23.11% मत प्रतिशत के साथ राजद सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी. इसके बाद भारतीय जनता पार्टी को 74 सीटें और 19.46% वोट मिले थे.
जनता दल (यूनाइटेड) ने 43 सीटें जीतते हुए 15.39% मत हासिल किए थे, जबकि कांग्रेस को 19 सीटें और 9.48% वोट मिले थे.
