नई दिल्ली: ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने शनिवार (22 नवंबर) को कहा कि उनकी पार्टी बिहार में जनता दल (यूनाइटेड) (जेदयू) के नेतृत्व वाली राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) सरकार का समर्थन करने को तैयार है, बशर्ते सीमांचल क्षेत्र के साथ न्याय किया जाए.
न्यू इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, बिहार के पूर्णिया जिले के अमौर विधानसभा क्षेत्र में एक जनसभा को संबोधित करते हुए ओवैसी ने कहा कि पिछली सरकारों ने सीमांचल क्षेत्र के साथ न्याय नहीं किया.
नीतीश पर केवल पटना और राजगीर (नालंदा) के विकास पर ध्यान केंद्रित करने का आरोप लगाते हुए ओवैसी ने कहा कि एनडीए शासन के दौरान बिहार का बाकी हिस्सा उपेक्षित रहा.
उन्होंने ज़ोर देकर कहा, ‘विकास सिर्फ़ पटना और राजगीर तक ही सीमित नहीं रहना चाहिए.’
VIDEO | Bihar: Addressing a gathering in Amour, AIMIM Chief Asaduddin Owaisi (@asadowaisi) said, “We will open the party office for all our five MLAs, and they will sit in that office and interact with people, twice every week. We will try to start this work within six months. I… pic.twitter.com/1vN33gN7WW
— Press Trust of India (@PTI_News) November 22, 2025
उल्लेखनीय है कि हाल ही में हुए विधानसभा चुनावों में एआईएमआईएम ने मुस्लिम बहुल सीमांचल क्षेत्र, जिसमें पूर्णिया, किशनगंज, अररिया और कटिहार शामिल हैं, में पांच सीटें जीती हैं.
अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि यह क्षेत्र नदी कटाव, पलायन और भ्रष्टाचार से जूझ रहा है और सरकार को इन समस्याओं पर ध्यान देना चाहिए.
एआईएमआईएम की अपने नवनिर्वाचित विधायकों के लिए योजना का ज़िक्र करते हुए ओवैसी ने कहा कि वह अपनी पार्टी के विधायकों पर नज़र रखेंगे और एक जवाबदेही-आधारित योजना की घोषणा की.
उन्होंने कहा, ‘हमारे विधायक हफ़्ते में दो बार अपने-अपने निर्वाचन क्षेत्रों में पार्टी कार्यालयों में बैठकर लोगों की शिकायतें सुनेंगे.’
इसे आसान बनाने के लिए पार्टी प्रमुख ने कहा कि विधायकों को लोगों से बातचीत की तस्वीरें और उनकी लोकेशन व्हाट्सएप के ज़रिए भेजनी होंगी.
उन्होंने जनता से कहा, ‘इससे पता चल जाएगा कि वे कहां हैं.’
यह नई प्रक्रिया छह महीने के भीतर शुरू होने की उम्मीद है.
ओवैसी ने क्षेत्र के लोगों के संपर्क में रहने के लिए हर छह महीने में एक बार क्षेत्र का दौरा करने का अपना संकल्प दोहराया.
गौरतलब है कि सीमांचल क्षेत्र की 24 विधानसभा सीटों पर एनडीए ने 14 सीटें जीती हैं, जबकि एआईएमआईएम 2020 के विधानसभा चुनावों में जीती गई पांच सीटें बरकरार रखने में कामयाब रही.
मालूम हो कि 2020 में ओवैसी की पार्टी से जीते चार विधायक राष्ट्रीय जनता दल (राजद) में शामिल हो गए थे.
