नई दिल्ली: लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने गुजरात सरकार की तीखी आलोचना करते हुए दावा किया है कि राज्य – अपनी शराबबंदी नीति के बावजूद – नशीले पदार्थों और अवैध शराब का केंद्र बन गया है.
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (X) पर अपनी बात रखते हुए कहा कि कांग्रेस की यात्रा के दौरान उन्हें जमीनी स्तर पर चौंकाने वाली जानकारियां मिली हैं.
उन्होंने कहा, ‘गुजरात में चल रही कांग्रेस की जन आक्रोश यात्राओं के दौरान लोगों ने, खासकर महिलाओं ने, बार-बार कहा है कि राज्य में बढ़ते नशे, अवैध शराब और अपराध ने उनके जीवन में असुरक्षा को गहरा दिया है.’
गुजरात में चल रही कांग्रेस की जन आक्रोश यात्राओं के दौरान लोगों ने, खासकर महिलाओं ने, बार-बार कहा है कि राज्य में बढ़ते नशे, अवैध शराब और अपराध ने उनके जीवन में असुरक्षा को गहरा दिया है।
गुजरात महात्मा गांधी और सरदार पटेल की वह धरती है, जहां सत्य, नैतिकता और न्याय की परंपरा रही…
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) December 2, 2025
राहुल गांधी ने तर्क दिया कि महात्मा गांधी और सरदार पटेल की धरती, जो कभी संयम, नैतिकता और न्याय के लिए जानी जाती थी, अब अपने युवाओं को ‘ड्रग सिंडिकेट्स द्वारा नियंत्रित एक अंधकारमय दुनिया में घसीटे जाने’ का गवाह बन रही है.
उन्होंने आगे आरोप लगाया कि ये अवैध नेटवर्क इसलिए फल-फूल रहे हैं क्योंकि सत्तारूढ़ भाजपा के कुछ वर्ग अपराधियों को बचा रहे हैं, जिससे विभिन्न जिलों की महिलाएं बड़ी संख्या में विरोध प्रदर्शनों में शामिल हो रही हैं.
उन्होंने कहा, ‘गुजरात को यह जानने का हक है कि सरकार चुप क्यों है. भाजपा के कौन से नेता हैं जो सुरक्षा दे रहे हैं और राज्य के गद्दारों को बेरोकटोक काम करने की इजाज़त क्यों है?’
इस संबंध में वडगाम से कांग्रेस विधायक जिग्नेश मेवाणी ने हाल ही में नशीली दवाओं (ड्रग्स) के कारोबार के खिलाफ अपना अभियान तेज कर दिया है. कई जनसभाओं में मेवाणी ने राज्य प्रशासन पर ‘जानबूझकर लापरवाही’ का आरोप लगाया और दावा किया कि ड्रग्स की तस्करी स्कूलों, कॉलेजों और यहां तक कि छोटे शहरों तक भी पहुंच गई हैं.
उन्होंने दोहराया कि नशीले पदार्थों की तस्करी में यह उछाल ‘राजनीतिक आशीर्वाद’ के बिना नहीं हो सकता और सरकार से ज़ब्ती, गिरफ़्तारियों और लंबित जांच के आंकड़े जारी करने की मांग की.
मेवाणी ने चेतावनी दी कि अगर जवाबदेही तुरंत लागू नहीं की गई, तो गुजरात ‘एक टाइम बम पर बैठा है’. उन्होंने उपमुख्यमंत्री हर्ष सांघवी पर भी निशाना साधा है.
मेवाणी के आरोपों के बाद उनके समर्थन और विरोध में रैलियां हुई हैं. कांग्रेस नेताओं ने मेवाणी के साथ एकजुटता दिखाते हुए थराद और पाटन में प्रदर्शन किए और गुजरात के सामाजिक ताने-बाने को नुकसान पहुंचाने वाले ड्रग सिंडिकेट के खिलाफ राज्य सरकार द्वारा तत्काल कार्रवाई की मांग दोहराई.
प्रदर्शनकारियों का तर्क था कि जैसे-जैसे नए मामले सामने आ रहे हैं, मेवाणी की चेतावनियां हर दिन सही साबित हो रही हैं. उन्होंने सरकार से ‘राजनीतिक सुविधा के पीछे छिपना’ बंद करने और इस संकट का सीधा सामना करने का आग्रह किया.
हाल ही में अपने एक कार्यक्रम में मेवाणी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भी आलोचना की थी, जिसके बाद गुजरात भाजपा के एक नेता ने आरोपों का खंडन करने के लिए एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की.
भाजपा नेता ने आरोप लगाया कि मेवाणी के निर्वाचन क्षेत्र में अनुसूचित जाति (एससी) समुदाय के 27 लोगों के साथ अन्याय हुआ है. जबकि मेवाणी उस समुदाय से आते हैं.
इस बीच राहुल गांधी ने राज्य के बड़े हिस्से में आई विनाशकारी बाढ़ से निपटने में भाजपा के दोहरे मापदंड को भी निशाने पर लिया. उन्होंने कहा कि जब मोदी मुख्यमंत्री थे, तब केंद्र सरकार से सहायता की मांग लगातार और ज़ोरदार होती थी.
गांधी ने एक्स पर कहा, ‘आज, तथाकथित डबल इंजन वाली सरकार के बावजूद न केवल राहत अपर्याप्त है, बल्कि सहानुभूति भी नदारद दिखती है.’
गुजरात प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने किसानों, युवाओं, महिलाओं, छात्रों, छोटे व्यापारियों और हाशिए पर पड़े समुदायों को प्रभावित करने वाले मुद्दों की ओर ध्यान आकर्षित करने के लिए 21 नवंबर से जन आक्रोश यात्रा शुरू की.
इस यात्रा का पहला चरण – सात जिलों, 40 तालुकाओं और 12 शहरों से होते हुए, लगभग 1,100 किलोमीटर की दूरी तय करते हुए – उत्तरी गुजरात के धीमा से शुरू हुआ और 3 दिसंबर को मेहसाणा के बेचाराजी मंदिर में समाप्त हुआ.
