गुजरात: माओवादी नेता हिड़मा की प्रशंसा वाला इंस्टाग्राम रील पोस्ट करने पर आदिवासी युवक गिरफ़्तार

गुजरात के छोटाउदेपुर ज़िले के एक आदिवासी युवक को माओवादी कमांडर माड़वी हिड़मा की तारीफ़ करते हुए एक इंस्टाग्राम रील पोस्ट करने के आरोप में गिरफ़्तार किया गया है. पुलिस ने उनके ख़िलाफ़ देश की संप्रभुता को ख़तरे में डालने और सार्वजनिक सौहार्द भंग करने से जुड़े आरोपों में केस दर्ज किया है.

बीते 18 नवंबर को आंध्र प्रदेश के अल्लूरी सीतारामराजू ज़िले में पुलिस ने कथित मुठभेड़ में प्रतिबंधित भाकपा (माओवादी) के नेता और मिलिट्री कमांडर माड़वी हिड़मा मारे गए थे. (फोटो: पीटीआई)

नई दिल्ली: गुजरात के छोटाउदेपुर जिले के एक आदिवासी युवक को माओवादी नेता और मिलिट्री कमांडर माड़वी हिड़मा की प्रशंसा करते हुए एक इंस्टाग्राम रील पोस्ट करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है.

आरोपी परेश राठवा (31), कंवट तालुका का निवासी है और पुलिस ने उनके खिलाफ देश की संप्रभुता को खतरे में डालने और सार्वजनिक सौहार्द भंग करने से जुड़े आरोपों में मामला दर्ज किया है.

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह रील इसी सप्ताह अपलोड की गई थी और आंध्र प्रदेश पुलिस द्वारा हिड़मा को एक कथित मुठभेड़ में मार गिराए जाने के लगभग एक महीने बाद सामने आई. राठवा की पोस्ट में कथित तौर पर हिड़मा को ‘स्वतंत्रता सेनानी’ बताया गया था, जिससे पुलिस का तुरंत ध्यान गया.

अधिकारियों ने बताया कि छोटाउदेपुर की स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप (एसओजी) राठवा की ऑनलाइन गतिविधियों की कुछ समय से निगरानी कर रही थी. इंस्टाग्राम, फेसबुक, वॉट्सऐप और स्नैपचैट जैसे प्लेटफॉर्म पर स्थानीय इन्फ्लुएंसर्स की प्रोफाइल स्कैन करते समय एसओजी कर्मियों को मंगलवार को यह विवादित रील मिली. उनकी रिपोर्ट के आधार पर कंवट थाने में एफआईआर दर्ज की गई और बुधवार को राठवा को गिरफ्तार कर लिया गया.

छोटाउदेपुर ज़िले के पुलिस अधीक्षक इम्तियाज़ शेख़ ने पत्रकारों से कहा कि रील की सामग्री गंभीर प्रभाव डाल सकती है.

शेख़ ने कहा, ‘वीडियो में परेश राठवा ने हिड़मा की स्वतंत्रता सेनानी के रूप में प्रशंसा की और आदिवासी समुदायों को नक्सलवाद से जोड़ने वाले बयान दिए. इस तरह की सामग्री राष्ट्र की संप्रभुता और एकता को चुनौती देती है और आंतरिक सुरक्षा के लिए खतरा बन सकती है.’

उन्होंने यह भी कहा कि पोस्ट ऐसी शैली में बनाई गई लगती है जो देश के विभिन्न समूहों के बीच वैमनस्य पैदा कर सकती है. उन्होंने कहा, ‘हमने इस मामले को संज्ञान में लिया है. एसओजे इंस्पेक्टर द्वारा मामला दर्ज किया गया है. आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है और आगे की कार्रवाई जारी है.’

शेख़ ने आदिवासी युवाओं को सोशल मीडिया की चकाचौंध से सावधान रहने की भी कड़ी सलाह दी. उन्होंने कहा, ‘मैं युवाओं को याद दिलाना चाहता हूं कि लाइक और फ़ॉलोअर्स की चमक में बह न जाएं. बिना सत्यापन के सनसनीखेज सामग्री पोस्ट करना आपराधिक ज़िम्मेदारी बन सकता है. किसी भी जानकारी को साझा करने से पहले उसकी विश्वसनीयता जांच लें, नहीं तो आप गंभीर कानूनी मुसीबत में पड़ सकते हैं.’

एफआईआर में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की कई धाराएं लगाई गई हैं, जिनमें शामिल हैं -धारा 152: भारत की संप्रभुता, एकता या अखंडता को खतरे में डालने वाले कृत्य, जिनमें भाषण, लेखन, डिजिटल सामग्री या आर्थिक सहायता के माध्यम से अलगाववादी गतिविधियां शामिल हैं; धारा 192: जानबूझकर दंगा भड़काने के इरादे से उकसाना; धारा 196(1)(ए): धार्मिक, नस्लीय, भाषाई, क्षेत्रीय या जातिगत समूहों के बीच वैमनस्य या घृणा फैलाने की कोशिश; धारा 196(1)(b): सांप्रदायिक सद्भाव को नुकसान पहुंचाने या सार्वजनिक शांति भंग करने वाले कार्य; तथा धारा 197(1)(d): भारत की एकता, अखंडता या सुरक्षा को खतरे में डालने वाली झूठी या भ्रामक जानकारी का निर्माण या प्रसार.

पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी रहेगी और राठवा इस दौरान हिरासत में रहेगा.

इसी तरह इससे पहले मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले में एक युवक को सोशल मीडिया में हिड़मा की प्रशंसा करने पर गिरफ्तार किया गया था. खबरों के अनुसार, भरवेली गांव का सत्येंद्र इनवाती (32) ‘बिरसा ब्रिगेड भारत’ नामक फेसबुक आईडी से हिड़मा की तस्वीर पोस्ट करते हुए कथित तौर पर उन्हें बस्तर का शेर, शहीद, लाल सलाम जैसे शब्दों से प्रशांस की थी.