बांग्लादेश: 12 फरवरी 2026 को होंगे अगले आम चुनाव

बांग्लादेश के मुख्य चुनाव आयुक्त ने गुरुवार को घोषणा की है कि देश का अगला आम चुनाव 12 फरवरी को होगा. फरवरी में चुनावों के साथ ही ‘जुलाई नेशनल चार्टर’ पर जनमत संग्रह भी कराया जाएगा, जिसके तहत संविधान में संशोधन कर सत्ता पर अतिरिक्त नियंत्रण और संतुलन जैसे प्रावधान जोड़े जाने का प्रस्ताव है.

बांग्लादेश के झंडे की फ़ाइल तस्वीर. (फोटो: मोस्ताक चौधरी/फ़्लिकर. CC BY 2.0.)

नई दिल्ली: बांग्लादेश के मुख्य चुनाव आयुक्त ने गुरुवार (11 दिसंबर) को घोषणा की कि देश का अगला आम चुनाव 12 फरवरी को होगा. इस ऐलान के साथ उन अटकलों पर विराम लग गया है कि क्या शेख हसीना की हिंसक विदाई के बाद बना अंतरिम शासन अपने वादे के मुताबिक समय पर चुनाव करा पाएगा या नहीं.

मुख्य सलाहकार मुहम्मद यूनुस ने इस साल की शुरुआत में कहा था कि चुनाव फरवरी 2026 में होंगे, लेकिन तब उन्होंने कोई तारीख तय नहीं की थी.

गुरुवार को चुनाव की घोषणा के बाद देश के सक्रिय राजनीतिक दलों ने इसे स्वागत योग्य कदम बताया, जबकि शेख हसीना की प्रतिबंधित अवामी लीग ने चुनाव आयोग की आलोचना करते हुए कहा कि जब तक पार्टी पर से प्रतिबंध नहीं हटाया जाता, तब तक चुनाव कार्यक्रम घोषित करना अनुचित है. 

बताया गया है कि फरवरी में चुनावों के साथ ही ‘जुलाई नेशनल चार्टर’ पर जनमत संग्रह भी कराया जाएगा, जिसके तहत संविधान में संशोधन कर सत्ता पर अतिरिक्त नियंत्रण और संतुलन जैसे प्रावधान जोड़े जाने का प्रस्ताव है. चुनाव आयुक्त एएमएम नसीरउद्दीन ने बताया कि नामांकन पत्र 19 दिसंबर तक दाखिल किए जा सकेंगे और 20 जनवरी तक उन्हें वापस लिया जा सकता हैं. प्रचार अभियान 22 जनवरी से शुरू होकर 10 फरवरी की आधी रात को समाप्त होगा.

नसीरउद्दीन ने बताया कि 18 नवंबर तक देश में 12.77 करोड़ मतदाता पंजीकृत हैं. उन्होंने एक टीवी संदेश में कहा कि यह चुनाव संस्थागत क्षमता दिखाने और जनता का भरोसा बहाल करने का एक दुर्लभ अवसर है. 

मुख्य सलाहकार मुहम्मद यूनुस ने इस घोषणा का स्वागत करते हुए कहा कि ‘देश अब जुलाई-अगस्त 2024 में छात्रों के नेतृत्व में शेख हसीना के शासन के खिलाफ हुए ऐतिहासिक जनांदोलन के बाद एक नए रास्ते पर आगे बढ़ रहा है. उन्होंने कहा कि यह चुनाव और जनमत संग्रह उसी रास्ते को मजबूत करेंगे, जनता की इच्छा को प्राथमिकता देंगे और नए बांग्लादेश की नींव को और सुदृढ़ करेंगे.’

बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी), जमाते इस्लामी बांग्लादेश और पिछले साल के आंदोलन में प्रमुख भूमिका निभाने वाले छात्रों द्वारा गठित नेशनल सिटिज़न पार्टी ने चुनाव की घोषणा का स्वागत किया है. हालांकि, नेशनल सिटिज़न पार्टी ने चुनाव आयोग की निष्पक्षता और कार्यकुशलता पर संदेह जताया.

वहीं, शेख हसीना की पार्टी अवामी लीग ने चुनाव कार्यक्रम को खारिज कर दिया है.

पार्टी ने कहा कि अवामी लीग पर प्रतिबंध के बावजूद चुनाव कराना देश और राष्ट्र को गहरे संकट में धकेलने की साजिश है. पार्टी ने अंतरिम सरकार को ‘गैरकानूनी, कब्जाधारी, हत्यारी और फासीवादी यूनुस गिरोह’ कहा और आरोप लगाया कि ‘उसका’ चुनाव आयोग पूरी तरह पक्षपाती है तथा उसके द्वारा निष्पक्ष चुनाव संभव नहीं है.

ज्ञात हो कि संयुक्त राष्ट्र की एक रिपोर्ट के मुताबिक, जुलाई-अगस्त 2024 में हसीना सरकार के खिलाफ हुए विद्रोह पर कार्रवाई के दौरान करीब 1,400 लोगों की मौत हुई थी और हजारों घायल हुए थे. पिछले महीने बांग्लादेश के इंटरनेशनल क्राइम्स ट्रिब्यूनल ने हसीना को मानवता के खिलाफ अपराधों का दोषी ठहराते हुए मौत की सजा सुनाई थी.

यह मुकदमा हसीना की अनुपस्थिति में चला क्योंकि वह इस समय दिल्ली में शरण ली हुईं हैं. मानवाधिकार संगठनों ने इस मुकदमे को अन्यायपूर्ण और राजनीतिक रूप से प्रेरित बताया था. 

इस बीच, हसीना की पुरानी प्रतिद्वंद्वी और पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया गंभीर रूप से बीमार हैं और अस्पताल में भर्ती हैं. सरकारी समाचार एजेंसी बीएसएस के अनुसार, गुरुवार तक वे वेंटिलेटर पर थीं. उनके बेटे और बीएनपी के वास्तविक प्रमुख तारिक रहमान के चुनाव से पहले बांग्लादेश लौटने की संभावना है. वे 2008 से लंदन में रह रहे हैं. चुनाव तारीखों की घोषणा के बाद उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से कहा कि इस चुनाव को गंभीरता से लें क्योंकि यह देश की दिशा तय करेगा.

अगर चुनावों के बाद होने वाले जनमत संग्रह में लोग ‘जुलाई नेशनल चार्टर’ के पक्ष में वोट देते हैं, तब संविधान में बदलाव के लिए एक परिषद बनाई जाएगी.