नई दिल्ली: बिहार के नवादा ज़िले में एक 40 वर्षीय व्यक्ति की भीड़ द्वारा पीट-पीटकर हत्या कर दी गई. हमलावरों ने पहले उसकी धार्मिक पहचान की पुष्टि की और फिर उस पर हमला किया. इस घटना ने नए गृह मंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व में राज्य की कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं.
न्यू इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक, मृतक की पहचान मोहम्मद अथर हुसैन के रूप में हुई है. 5 दिसंबर को नवादा ज़िले के रोह थाना क्षेत्र में भीड़ की पिटाई में घायल होने के बाद, उन्होंने शुक्रवार रात इलाज के दौरान दम तोड़ दिया. वह नालंदा ज़िले के लहेरी थाना क्षेत्र के गगनडीह गांव का रहने वाले थे.
मौत से पहले हुसैन ने आरोप लगाया था कि उन्हें उनकी धार्मिक पहचान के कारण निशाना बनाया गया. घटना के बाद उन्हें बिहारशरीफ सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां शुक्रवार देर रात उसकी मौत हो गई. परिजनों के मुताबिक, हुसैन पास के नवादा ज़िले के ग्रामीण इलाकों में कपड़े बेचने का काम करते थे.
अपने साथ हुए अत्याचार को बयान करते हुए हुसैन ने कहा कि चार-पांच लोगों के एक समूह ने उन्हें जबरन रोका, उनकी जेबें तलाशीं, उन्हें घसीटकर एक कमरे में ले गए और उनकी धार्मिक पहचान बताने के लिए मजबूर किया.
उन्होंने कहा, ‘उन्होंने लोहे की रॉड से मुझे पीटा और मेरी उंगलियां तोड़ दीं.’
हुसैन ने बताया कि बाद में और हमलावर भी वहां आ गए. उन्होंने कहा, ‘उन्होंने मेरे शरीर पर पेट्रोल डाला और मुझे ज़िंदा जलाने की कोशिश की. इससे पहले हमलावरों ने प्लास से मेरे पैर, उंगलियां और कान कुचल दिए और ईंटों से मारा. मेरी बार-बार की गई रहम की गुहार किसी ने नहीं सुनी.’
हुसैन अपने परिवार का भरण-पोषण करने के लिए रोह और नवादा के आसपास के इलाकों में कपड़े बेचने का काम करते थे.
हुसैन की पत्नी ने मीडिया से कहा, ‘वह परिवार का इकलौता कमाने वाला था. पिछले 20 वर्षों से वह यह काम कर रहा था, लेकिन उसे कभी किसी तरह की परेशानी नहीं हुई. आखिर क्या ग़लत हुआ और उसे क्यों निशाना बनाया गया, इसकी जांच पुलिस को करनी चाहिए.’
शबनम परवीन ने 10 नामजद आरोपियों और 15 अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कराया है. पुलिस अब तक चार आरोपियों (सोनू कुमार, रंजन कुमार, सचिन कुमार और श्री कुमार) को गिरफ्तार कर चुकी है. रोह थाना प्रभारी रंजन कुमार ने बताया, ‘बाकी आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है.’
एसएचओ ने पुष्टि की कि हमले के तुरंत बाद एफआईआर दर्ज कर ली गई थी और मामले की जांच जारी है. उन्होंने मृतक के परिवार को आश्वासन देते हुए कहा, ‘हमने इस घटना को बेहद गंभीरता से लिया है और आरोपियों को बख्शा नहीं जाएगा. उनके खिलाफ सख़्त कार्रवाई की जाएगी.’
फॉरेंसिक टीम ने भी घटनास्थल का दौरा कर साक्ष्य एकत्र किए हैं.
यह घटना नवादा में सामने आ रहे एक चिंताजनक पैटर्न का हिस्सा है. साल 2025 में ही जिले में भीड़ द्वारा की गई हिंसा की कई घटनाएं हो चुकी हैं, जिनमें फरवरी में दो युवकों की पीट-पीटकर हत्या और अगस्त में डायन-बिसाही के आरोप में एक बुज़ुर्ग दंपती पर हमला शामिल है.
