नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री आदित्यनाथ ने चले रहे मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) बीच रविवार (14 दिसंबर) को दावा किया कि राज्य की मतदाता सूची से चार करोड़ मतदाता ‘गायब’ हैं और उनमें से ज़्यादातर भारतीय जनता पार्टी के समर्थक हैं.
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, भाजपा नेता पंकज चौधरी को पार्टी का नया प्रदेश अध्यक्ष घोषित करने के लिए एक कार्यक्रम में पार्टी कार्यकर्ताओं से बात करते हुए आदित्यनाथ ने कहा, ‘चार करोड़ मतदाताओं का अंतर है. वे आपके विरोधी नहीं हैं, बल्कि उनमें से 90% आपके (भाजपा के) मतदाता हैं.’
आदित्यनाथ ने पार्टी कार्यकर्ताओं से कहा कि वे एसआईआर के बाकी 12 दिनों में अपने-अपने बूथों पर हर मतदाता तक पहुंचें ताकि उनका नाम दर्ज हो सके. उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश की आबादी लगभग 25 करोड़ है, जिसमें करीब 65% मतदाता होने चाहिए, जिनमें 18 वर्ष के होने वाले युवा भी शामिल हैं.
इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार, मुख्यमंत्री ने कहा, ‘इस गणना के हिसाब से मतदाताओं की संख्या लगभग 16 करोड़ होनी चाहिए. लेकिन अब तक एसआईआर की गिनती में यह संख्या करीब 12 करोड़ ही आई है.’
उनकी यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब उत्तर प्रदेश सहित 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में मतदाता सूची का पुनरीक्षण चल रहा है. बूथ-स्तरीय अधिकारियों ने 4 नवंबर से गणना प्रपत्र (एन्यूमरेशन फॉर्म) बांटना शुरू किया था.
गुरुवार को उत्तर प्रदेश में गणना चरण को लगभग दो सप्ताह बढ़ाकर 26 दिसंबर तक कर दिया गया. निर्वाचन आयोग ने शेष 12 में से पांच अन्य राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में भी पुनरीक्षण की समयसीमा बढ़ा दी.
चुनाव आयोग ने कहा कि यह निर्णय राज्यों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों से प्राप्त अनुरोधों के आधार पर लिया गया. यह आयोग द्वारा 30 नवंबर को तय की गई अपडेट समयसीमा से कुछ घंटे पहले आया.
रविवार के कार्यक्रम में आदित्यनाथ ने कहा कि चुनाव बूथ स्तर पर लड़े जाते हैं और मतदाता सूची का पुनरीक्षण एक ‘अवसर’ है.
अखबार के अनुसार, उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से कहा, ‘हर बूथ पर फर्जी नामों पर आपत्ति दर्ज कराएं. जो नाम छूट गए हैं, उन्हें शामिल कराएं.’
आदित्यनाथ ने कहा कि यदि कार्यकर्ता ‘आज मेहनत कर लेते हैं, तो चुनाव का तीन-चौथाई काम पूरा हो जाएगा, जिससे कम से कम तीन-चौथाई सीटों पर हमारी जीत का रास्ता साफ होगा.’
भाजपा नेता ने यह भी दावा किया कि विपक्षी दलों ने ‘बांग्लादेशियों’ को मतदाता के रूप में दर्ज करा रखा है.
हिंदुस्तान टाइम्स के अनुसार, इन कथित अनियमितताओं की ओर इशारा करते हुए आदित्यनाथ ने कहा कि एक जिले के दौरे के दौरान मतदाता सूची में बांग्लादेशी नागरिकों के नाम पाए गए, साथ ही पीढ़ियों के बीच उम्र के विवरण में भी विसंगतियां मिलीं. उन्होंने कहा, ‘नाम जोड़ने और हटाने के लिए अभी भी समय है.’
ज्ञात हो कि चुनाव आयोग ने 30 नवंबर को घोषणा की कि अंतिम मतदाता सूची पहले की तारीख 7 फरवरी के बजाय अब 14 फरवरी को प्रकाशित की जाएगी. यह स्पष्ट नहीं है कि गुरुवार को आयोग के फैसले के कारण यह तारीख और आगे बढ़ाई गई है या नहीं.
बिहार में, जहां नवंबर में होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले पुनरीक्षण पूरा किया गया था, 30 सितंबर को प्रकाशित अंतिम मतदाता सूची से कम से कम 47 लाख मतदाताओं के नाम हटाए गए.
